15 अगस्त 2026
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कर्नाटक मुठभेड़: चामराजनगर में तीन शिकारी ढेर, सीएम शिवकुमार ने मजिस्ट्रेट जांच के दिए आदेश

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कर्नाटक मुठभेड़: चामराजनगर में तीन शिकारी ढेर, सीएम शिवकुमार ने मजिस्ट्रेट जांच के दिए आदेश

सारांश

कर्नाटक के चामराजनगर में कावेरी वन्यजीव अभयारण्य की एक मुठभेड़ ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है — तीन कथित शिकारी मारे गए, स्थानीय लोग सड़क पर उतरे और वन कार्यालय पर हमला हुआ। सीएम शिवकुमार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।

मुख्य बातें

15 अगस्त को कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के होलादट्टी वन क्षेत्र में मुठभेड़ में तीन कथित शिकारी मारे गए।
मृतकों की पहचान एंटनी स्वामी , जॉन पीटर और सावरियप्पन के रूप में हुई; चौथा आरोपी महिम दास फरार।
वन विभाग ने घटनास्थल से हिरण के मांस से भरे चार बैग और दो बिना लाइसेंस वाली देसी बंदूकें बरामद करने का दावा किया।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग के घटनाक्रम पर सवाल उठाए; प्रदर्शनकारियों ने सब-रेंज वन अधिकारी कार्यालय पर हमला किया।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए; रिपोर्ट के बाद कर्मचारियों पर कार्रवाई और मुआवजे पर फैसला होगा।

कर्नाटक के चामराजनगर जिले में 15 अगस्त को कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के होलादट्टी वन क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारियों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन कथित शिकारियों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान एंटनी स्वामी, जॉन पीटर और सावरियप्पन के रूप में की गई है। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और मृतकों के परिजनों व स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया।

घटनाक्रम: क्या हुआ उस रात

वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी के अनुसार, चार व्यक्ति देसी हथियार लेकर हनूर तालुक के जंगल में घुसे थे और रात भर वन्यजीवों का शिकार करते रहे। वे हिरण का मांस ले जा रहे थे, तभी वन विभाग के कर्मचारियों — शेखरप्पा, रोहित और शिवराज — ने उन्हें रोका। रेड्डी ने बताया कि शिकारियों के पास दो बिना लाइसेंस वाली देसी बंदूकें थीं और उन्होंने वन कर्मचारियों पर हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई। चौथा व्यक्ति महिम दास घटनास्थल से फरार हो गया।

वन विभाग का पक्ष

वन विभाग का दावा है कि घटनास्थल से हिरण के मांस से भरे चार बैग बरामद किए गए और शिकारियों के हथियार जब्त कर लिए गए हैं। विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत की गई और कर्मचारियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई।

स्थानीय आक्रोश और हिंसा

स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों का आरोप है कि तीनों को वन विभाग के कर्मचारियों ने पहले पकड़ा और बाद में मार डाला। उन्होंने वन विभाग के आधिकारिक घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और सब-रेंज वन अधिकारी के कार्यालय पर हमला किया।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार को घटना की जानकारी मिल गई है और मौतों के कारणों व परिस्थितियों का पता लगाने के लिए मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विस्तृत जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। वन मंत्री रेड्डी ने बताया कि जांच की अंतरिम रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार तय करेगी कि विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाए या नहीं।

मुआवजे और आगे की राह

रेड्डी ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने के मामले पर भी विचार किया जाएगा। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब वन्यजीव संरक्षण और आदिवासी व स्थानीय समुदायों के अधिकारों के बीच तनाव की खबरें देश के कई हिस्सों से आती रही हैं। मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट ही तय करेगी कि इस मुठभेड़ में प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यही मजिस्ट्रेट जांच की असली कसौटी है। गौरतलब है कि ऐसी मुठभेड़ों में जांच रिपोर्टें अक्सर महीनों तक लंबित रहती हैं और निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं होते। मुआवजे को जांच नतीजों से जोड़ना न्यायसंगत लग सकता है, लेकिन इससे पीड़ित परिवारों की तत्काल राहत की ज़रूरत अनदेखी हो सकती है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक के चामराजनगर में मुठभेड़ कैसे हुई?
वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी के अनुसार, चार कथित शिकारी देसी हथियार लेकर होलादट्टी वन क्षेत्र में घुसे और रात भर वन्यजीवों का शिकार करते रहे। वन विभाग के कर्मचारियों ने जब उन्हें रोका तो शिकारियों ने हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद गोलीबारी हुई और तीन लोगों की मौत हो गई।
मारे गए शिकारियों की पहचान क्या है?
मृतकों की पहचान एंटनी स्वामी, जॉन पीटर और सावरियप्पन के रूप में की गई है। चौथा व्यक्ति महिम दास घटनास्थल से फरार हो गया।
सीएम शिवकुमार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश क्यों दिए?
स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया कि तीनों को पकड़कर मारा गया, जिससे वन विभाग के आधिकारिक घटनाक्रम पर सवाल उठे। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि मौतों के सही कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए मजिस्ट्रेट जांच ज़रूरी है।
क्या वन विभाग के कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी?
वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि जांच की अंतरिम रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार तय करेगी कि विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाए या नहीं। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है।
मृतकों के परिवारों को मुआवजा मिलेगा?
वन मंत्री रेड्डी ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने के मामले पर विचार किया जाएगा। अभी तक कोई मुआवजा घोषित नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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