24 अगस्त 2026
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हनूर जंगल मुठभेड़ पर BJP का CBI जांच का आग्रह, वन मंत्री के इस्तीफे की मांग

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हनूर जंगल मुठभेड़ पर BJP का CBI जांच का आग्रह, वन मंत्री के इस्तीफे की मांग

सारांश

हनूर जंगल में तीन कथित शिकारियों की मौत अब सिर्फ वन विभाग का मामला नहीं रही — BJP ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट छिपाने, बयान बदलने और प्रमुख गवाह के गायब होने के आरोपों के साथ इसे राजनीतिक केंद्र में ला दिया है। CBI जांच की माँग कर्नाटक सरकार पर दबाव बढ़ाती है।

मुख्य बातें

BJP कर्नाटक अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने 24 अगस्त को हनूर जंगल मुठभेड़ में तीन कथित शिकारियों की मौत पर गंभीर सवाल उठाए।
विजयेंद्र ने वन एवं पर्यावरण मंत्री रामलिंगा रेड्डी के तत्काल इस्तीफे और CBI जांच की मांग की।
BJP की तथ्यान्वेषण समिति ने घटनास्थल का दौरा किया; मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं।
आरोप: मृतकों को करीब से गोली मारी गई ; प्रमुख गवाह महिमा दास का ठिकाना अज्ञात।
जिला प्रभारी मंत्री पुत्तरंगशेट्टी पर विधानसभा में बयान बदलने का आरोप।

कर्नाटक भाजपा (BJP) के अध्यक्ष एवं विधायक बीवाई विजयेंद्र ने सोमवार, 24 अगस्त को बेंगलुरु के विधान सौधा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चामराजनगर जिले के हनूर जंगल में हुई कथित मुठभेड़ को लेकर गंभीर सवाल उठाए, जिसमें तीन कथित शिकारियों की मौत हुई थी। विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर सच छिपाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच और वन एवं पर्यावरण मंत्री रामलिंगा रेड्डी के तत्काल इस्तीफे की मांग की।

भाजपा की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के निष्कर्ष

विजयेंद्र ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने घटना के तुरंत बाद एक तथ्यान्वेषण समिति गठित की थी, जिसने घटनास्थल का दौरा किया और स्थानीय साक्ष्य एकत्र किए। समिति के निष्कर्षों के आधार पर उन्होंने कई गंभीर संदेह सार्वजनिक किए। उन्होंने कहा कि मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट शवों को जल्दबाजी में परीक्षण के लिए भेजे जाने के बावजूद अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है, और सरकार को इसका कारण स्पष्ट करना चाहिए।

करीबी गोलीबारी के आरोप और फोटोग्राफिक साक्ष्य

घटना की तस्वीरें प्रस्तुत करते हुए विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मृतकों को बेहद करीब से गोली मारी गई थी और कथित तौर पर बंदूक कंधे के निकट रखी गई थी। उन्होंने गर्दन के पिछले हिस्से पर मौजूद निशानों का भी हवाला दिया, जिन्हें उन्होंने नज़दीकी रेंज से गोलीबारी का संकेत बताया। उनका दावा था कि पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने भी अपनी रिपोर्ट में इस पहलू का उल्लेख किया है — हालांकि यह रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

प्रमुख गवाह और बदले गए बयान

विजयेंद्र ने महिमा दास नामक व्यक्ति के ठिकाने को लेकर भी सवाल उठाए, जो कथित तौर पर उस दिन जंगल में मौजूद था और एक महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी हो सकता है। उन्होंने संदेह जताया कि वन विभाग और पुलिस उसे जनता की नज़रों से दूर रख रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने स्थानीय सांसद सुनील बोस के शुरुआती बयानों का हवाला दिया, जिनमें उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को दोषी ठहराया था। विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि जिला प्रभारी मंत्री पुत्तरंगशेट्टी ने पहले गलती स्वीकार करने के संकेत दिए, लेकिन बाद में विधानसभा में अपना बयान बदल दिया।

सरकार पर गंभीर आरोप

विजयेंद्र ने कहा कि सार्वजनिक चर्चा में इस घटना को 'राज्य प्रायोजित हत्या' तक कहा जा रहा है और सरकार को इन आरोपों का जवाब देना होगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या मृतक आदतन अपराधी थे, और क्या वन विभाग में किसी अनियमितता की जानकारी के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। ये सभी पहलू, उनके अनुसार, स्वतंत्र जांच की माँग करते हैं।

CBI जांच की माँग क्यों

विजयेंद्र ने तर्क दिया कि जब तक जांच राज्य-नियंत्रित विभागों के दायरे में रहेगी, निष्पक्ष परिणाम संभव नहीं है। इसीलिए उन्होंने मांग की कि मामले को CBI को सौंपा जाए। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और भाजपा के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर तीखी राजनीतिक नोकझोंक चल रही है। आने वाले दिनों में सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सार्वजनिक होने की स्थिति इस विवाद की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये दोनों तथ्य स्वयं जवाब माँगते हैं। गौरतलब है कि देश में वन विभाग की मुठभेड़ों की जवाबदेही का ढाँचा वैसे भी कमज़ोर है, और जब सत्तापक्ष के अपने नेता पहले गलती स्वीकार करें और फिर बयान बदलें, तो संदेह और गहरा होता है। असली परीक्षा यह है कि कर्नाटक सरकार पारदर्शिता दिखाती है या इसे राजनीतिक हमले के रूप में खारिज करती है — क्योंकि दोनों रास्तों के परिणाम अलग-अलग होंगे।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हनूर जंगल मुठभेड़ क्या है?
यह कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर जंगल में हुई एक कथित मुठभेड़ है, जिसमें तीन व्यक्तियों की मौत हो गई, जिन्हें वन विभाग ने शिकारी बताया। घटना की परिस्थितियों को लेकर BJP ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
BJP ने CBI जांच की माँग क्यों की?
BJP का तर्क है कि राज्य-नियंत्रित विभागों के दायरे में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट छिपाई जा रही है और सरकारी बयान बदले जा रहे हैं। इसलिए BJP ने मामला CBI को सौंपने की माँग की है।
महिमा दास कौन है और उसकी भूमिका क्या है?
महिमा दास वह व्यक्ति है जो कथित तौर पर घटना के दिन हनूर जंगल में मौजूद था और एक महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी हो सकता है। BJP का आरोप है कि वन विभाग और पुलिस उसे जनता की नज़रों से दूर रख रहे हैं।
वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे की माँग क्यों की गई?
BJP ने वन एवं पर्यावरण मंत्री रामलिंगा रेड्डी पर विभागीय अनियमितताओं को छिपाने का आरोप लगाया है। विजयेंद्र का कहना है कि मंत्री की जवाबदेही तय होनी चाहिए और उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
कर्नाटक सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सार्वजनिक होने या न होने की स्थिति इस विवाद की अगली दिशा तय करेगी। CBI जांच की माँग पर केंद्र सरकार का रुख भी महत्वपूर्ण होगा।
राष्ट्र प्रेस
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