हावेरी में BJP का 16 जुलाई को आंदोलन, विजयेंद्र का आरोप — कांग्रेस सरकार में हिंदुओं पर हमले बढ़े
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने सोमवार, 6 जुलाई को हावेरी जिले के रेत्तिहल्ली में हाल ही में मारे गए शिवाजी राव बैरोजी के परिवार से मुलाकात की और 16 जुलाई को हावेरी में बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई भी इस दौरे में उनके साथ मौजूद रहे।
आंदोलन की घोषणा और मांगें
विजयेंद्र ने ऐलान किया कि पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 16 जुलाई को हावेरी में हिंदुओं पर हमलों और राज्य सरकार की कथित विफलता के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से अपील की कि वे 'राजनीतिक नौटंकी' बंद कर हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
पत्रकारों से बातचीत में विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं — यह आरोप उन्होंने सरकारी आँकड़ों या स्वतंत्र सत्यापन के बिना लगाया।
शिवाजी राव बैरोजी हत्याकांड — BJP का पक्ष
विजयेंद्र ने दावा किया कि शिवाजी राव बैरोजी, जो लगभग छह दशकों से रेत्तिहल्ली में एक छोटी दुकान चला रहे थे, की हत्या कोई आपसी झगड़ा नहीं बल्कि एक 'सुनियोजित साजिश' थी। उनके अनुसार, आरोपियों ने ₹500 के बदले ₹100 के सामान का विवाद खड़ा करके झगड़ा शुरू किया और पीड़ित के निजी अंगों पर लात मारकर उनकी हत्या की। विजयेंद्र ने यह भी दावा किया कि पीड़ित की दुकान पर पहले भी तीन-चार बार इसी प्रकार की झड़पें हो चुकी थीं।
गौरतलब है कि ये सभी आरोप भाजपा नेता के बयानों पर आधारित हैं; पुलिस या न्यायिक जाँच के निष्कर्ष अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
नरेगल और येल्लापुर की घटनाओं का संदर्भ
नरेगल की एक हालिया घटना का उल्लेख करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि लोहित कुरुबर और उनके साथियों पर कथित तौर पर एक मस्जिद के पास मवेशियों को भगाने के लिए पटाखे फोड़ने पर हमला किया गया। उन्होंने येल्लापुर में एक दलित महिला की हत्या का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने 'लव जिहाद' से जुड़ा बताया — हालाँकि यह उनका दावा है और पुलिस जाँच जारी है।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि इन सभी मामलों में किसी भी सरकारी मंत्री ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की।
सरकार और गृह मंत्री पर निशाना
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर प्रहार करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि मंत्री को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर टिप्पणी करने के बजाय राज्य में कानून-व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सरकार पर 'अल्पसंख्यक तुष्टीकरण' का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे सांप्रदायिक तत्वों का हौसला बढ़ा है — यह एक राजनीतिक आरोप है जिसे कांग्रेस सरकार ने अभी तक सार्वजनिक रूप से खारिज नहीं किया है।
विजयेंद्र ने हिंदुत्व कार्यकर्ता पुनीत केरेहल्ली की दोबारा गिरफ्तारी पर भी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि उन्हें धमकी देने वालों को छोड़ा गया जबकि उनके विरुद्ध 'झूठा मामला' दर्ज किया गया।
तत्काल राहत की माँगें
विजयेंद्र ने राज्य सरकार से माँग की कि शिवाजी राव बैरोजी के बेटे को — जिन्हें कथित तौर पर धमकियाँ मिली हैं — तत्काल पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि पीड़ित की बहन को सरकारी नौकरी दी जाए और परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार हिंदुओं और अल्पसंख्यकों — दोनों के समर्थन से चुनी गई है, इसलिए हर नागरिक की सुरक्षा उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है।
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सांप्रदायिक तनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच वाकयुद्ध तेज हो रहा है और 16 जुलाई का आंदोलन राज्य में BJP के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा होगी।