9 सितंबर 2026
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कैप्टन विक्रम बत्रा जयंती: अमित शाह, योगी, धामी समेत दिग्गजों ने किया 'शेरशाह' को नमन

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कैप्टन विक्रम बत्रा जयंती: अमित शाह, योगी, धामी समेत दिग्गजों ने किया 'शेरशाह' को नमन

सारांश

9 सितंबर को कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती पर पूरा देश एकजुट हुआ — गृह मंत्री अमित शाह से लेकर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तक, हर नेता ने 'शेरशाह' के उस अदम्य साहस को याद किया जिसने 24 वर्ष की आयु में कारगिल की चोटियों पर इतिहास लिखा था।

मुख्य बातें

कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती 9 सितंबर 2026 को पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 'शेरशाह' का जीवन राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला , केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , डॉ.
मोहन यादव , पुष्कर सिंह धामी और नायब सिंह सैनी ने कैप्टन बत्रा के पराक्रम को नमन किया।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को शत्-शत् नमन किया।
कैप्टन बत्रा ने 1999 के कारगिल युद्ध में मात्र 24 वर्ष की आयु में सर्वोच्च बलिदान दिया था।

कारगिल युद्ध के अमर नायक और परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती पर 9 सितंबर 2026 को देशभर में श्रद्धांजलि का सिलसिला जारी रहा। गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने 'शेरशाह' के अदम्य शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को याद किया। मात्र 24 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले इस वीर सपूत की स्मृति आज भी हर भारतीय के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला जलाती है।

गृह मंत्री अमित शाह की श्रद्धांजलि

गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, 'परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती पर उन्हें नमन। कारगिल युद्ध में उन्होंने न केवल रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण चोटियों पर विजय प्राप्त की, बल्कि अपने अद्वितीय नेतृत्व और शौर्य से साथी जवानों का मनोबल भी आसमान पर पहुंचाया। मात्र 24 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए प्राणों की आहुति देने वाले 'शेरशाह' का जीवन सभी को राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।' शाह के इस संदेश ने सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया पाई।

लोकसभा अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्रियों के उद्गार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, 'कारगिल की बर्फीली चोटियों पर देशप्रेम के अटूट भाव और अप्रतिम वीरता के साथ राष्ट्र की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले, परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। कैप्टन बत्रा का शौर्य और साहस आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।'

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विनम्र अभिवादन अर्पित करते हुए कहा, 'परमवीर चक्र से सम्मानित कारगिल युद्ध वीर कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।' केंद्रीय मंत्री एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि कैप्टन बत्रा की अमर गाथा युगों-युगों तक देश की भावी पीढ़ियों को मातृभूमि की सेवा एवं रक्षा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

मुख्यमंत्रियों ने किया पराक्रम को नमन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारगिल विजय के अमर नायक, परमवीर चक्र से सम्मानित, वीर योद्धा कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। कारगिल की चोटियों पर उनका पराक्रम हर भारतीय के हृदय में राष्ट्रप्रेम और शौर्य की भावना को सदैव जागृत करता रहेगा। जय हिंद!'

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कैप्टन बत्रा का त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें 'देशभक्ति, साहस, नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा के प्रेरणादायक प्रतीक' बताते हुए नमन किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिखा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया कैप्टन बत्रा का सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भावभीनी श्रद्धांजलि

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिखा, 'कारगिल युद्ध के वीर योद्धा, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा जी की जयंती पर शत्-शत् नमन। मातृभूमि की रक्षा के लिए उनके अदम्य साहस, अद्वितीय शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की गाथा सदैव देशवासियों को प्रेरणा देती रहेगी।' गौरतलब है कि कैप्टन विक्रम बत्रा ने 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना से कई रणनीतिक चोटियाँ वापस छीनी थीं और उनका 'यह दिल माँगे मोर' का नारा आज भी भारतीय सेना की भावना का प्रतीक बना हुआ है। उनकी वीरगाथा पर आधारित फिल्म 'शेरशाह' ने भी उनकी स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाया।

प्रत्येक वर्ष 9 सितंबर को उनकी जयंती पर राष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धांजलि का यह सिलसिला इस बात का प्रमाण है कि 'शेरशाह' की विरासत भारतीय जनमानस में अमिट रूप से अंकित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये श्रद्धांजलियाँ नीतिगत प्रतिबद्धता में भी परिलक्षित होती हैं — जैसे पूर्व सैनिकों के कल्याण, शहीद परिवारों की सुरक्षा और सेना के आधुनिकीकरण में। कैप्टन बत्रा जैसे नायकों की विरासत केवल सोशल मीडिया पोस्ट से नहीं, बल्कि उन संस्थाओं को मज़बूत करने से जीवित रहती है जिनकी रक्षा के लिए उन्होंने प्राण दिए। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब सीमाओं पर तनाव और सेना के संसाधनों पर बहस जारी है।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन विक्रम बत्रा कौन थे और उन्हें 'शेरशाह' क्यों कहा जाता है?
कैप्टन विक्रम बत्रा 1999 के कारगिल युद्ध के नायक थे, जिन्होंने पाकिस्तानी सेना से कई रणनीतिक चोटियाँ वापस छीनीं और मात्र 24 वर्ष की आयु में सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया और उनका कोड नाम 'शेरशाह' था, जो उनकी पहचान बन गया।
कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती कब मनाई जाती है?
कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती प्रतिवर्ष 9 सितंबर को मनाई जाती है। इस वर्ष 9 सितंबर 2026 को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
अमित शाह ने कैप्टन विक्रम बत्रा जयंती पर क्या कहा?
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कैप्टन बत्रा ने कारगिल में रणनीतिक चोटियों पर विजय प्राप्त की और साथी जवानों का मनोबल आसमान पर पहुँचाया। उन्होंने कहा कि 24 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए प्राणों की आहुति देने वाले 'शेरशाह' का जीवन सभी को राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।
किन-किन नेताओं ने कैप्टन विक्रम बत्रा को श्रद्धांजलि दी?
गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डॉ. मोहन यादव, पुष्कर सिंह धामी, नायब सिंह सैनी और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनके बलिदान को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कैप्टन विक्रम बत्रा को परमवीर चक्र क्यों दिया गया?
1999 के कारगिल युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में दुश्मन की रणनीतिक चोटियों पर कब्ज़ा किया और घायल साथी को बचाते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनके असाधारण शौर्य, नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र से नवाज़ा गया।
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