सीबीआई ने SFIO अधिकारी समेत 3 को किया गिरफ्तार, DHFL घोटाले में ₹1 करोड़ रिश्वत का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 15 अक्टूबर 2026 को भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) के एक डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी सहित तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन आरोपियों ने डीएचएफएल घोटाले से जुड़े एक मामले में शिकायतकर्ता को लाभ पहुँचाने के एवज में ₹1 करोड़ की रिश्वत माँगी थी।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
सीबीआई द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीन व्यक्तियों में हरीश कुमार तंवर, भरत शर्मा और आर्यन शर्मा शामिल हैं। हरीश कुमार तंवर 2017 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस — इनकम टैक्स) अधिकारी हैं और वर्तमान में चेन्नई स्थित एसएफआईओ कार्यालय में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
भरत शर्मा पेशे से एक वकील हैं, जबकि आर्यन शर्मा भरत शर्मा के रिश्तेदार हैं। तीनों को एफआईआर दर्ज होने और शिकायत के सत्यापन के बाद हिरासत में लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे हुई गिरफ्तारी
सीबीआई के अनुसार, एसएफआईओ चेन्नई द्वारा जाँच किए जा रहे डीएचएफएल (DHFL) घोटाले से संबंधित एक प्रकरण में शिकायतकर्ता से ₹1 करोड़ की रिश्वत की माँग की गई थी। यह माँग एसएफआईओ अधिकारी की ओर से वकील भरत शर्मा के माध्यम से रखी गई, ताकि जाँच में शिकायतकर्ता को फायदा मिल सके।
गिरफ्तारी उस समय की गई जब वकील ने माँगी गई रिश्वत के आंशिक भुगतान के रूप में ₹20 लाख — यानी कुल माँग का एक हिस्सा — एसएफआईओ अधिकारी की ओर से शिकायतकर्ता से प्राप्त किए। यह रकम हाथोंहाथ लेते समय सीबीआई की टीम ने कार्रवाई की।
तलाशी में मिली आपत्तिजनक सामग्री
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने सरकारी कर्मचारी और वकील के ठिकानों पर तलाशी ली। इस दौरान मामले से जुड़ी अनेक आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है, हालाँकि एजेंसी ने विशिष्ट दस्तावेजों का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया है।
यह ऐसे समय में आया है जब कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एसएफआईओ बड़े वित्तीय घोटालों की जाँच में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। गौरतलब है कि डीएचएफएल मामला देश के सबसे बड़े आवास वित्त घोटालों में से एक है, जिसमें हज़ारों करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप हैं।
आगे क्या होगा
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सीबीआई उन्हें संबंधित अदालत में पेश करेगी। जाँच के दायरे में एसएफआईओ के भीतर इस षड्यंत्र की व्यापकता और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की पड़ताल भी शामिल होने की संभावना है। बरामद सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई और आरोपियों की रिमांड तय होगी।