15 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीबीआई ने SFIO अधिकारी समेत 3 को किया गिरफ्तार, DHFL घोटाले में ₹1 करोड़ रिश्वत का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीबीआई ने SFIO अधिकारी समेत 3 को किया गिरफ्तार, DHFL घोटाले में ₹1 करोड़ रिश्वत का आरोप

सारांश

जाँच करने वाले खुद जाँच के घेरे में — सीबीआई ने एसएफआईओ के उसी अधिकारी को गिरफ्तार किया जो डीएचएफएल घोटाले की जाँच कर रहा था। ₹1 करोड़ रिश्वत माँग, ₹20 लाख का आंशिक भुगतान और हाथोंहाथ पकड़े जाने की यह कार्रवाई वित्तीय जाँच तंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 15 अक्टूबर 2026 को एसएफआईओ के डिप्टी डायरेक्टर हरीश कुमार तंवर सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया।
आरोप है कि डीएचएफएल घोटाले से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता से ₹1 करोड़ की रिश्वत माँगी गई थी।
वकील भरत शर्मा ने रिश्वत के आंशिक भुगतान के रूप में ₹20 लाख स्वीकार किए, तभी सीबीआई ने कार्रवाई की।
हरीश कुमार तंवर 2017 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं और चेन्नई स्थित एसएफआईओ में तैनात थे।
तलाशी में मामले से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री बरामद; आगे की जाँच जारी।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 15 अक्टूबर 2026 को भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) के एक डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी सहित तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन आरोपियों ने डीएचएफएल घोटाले से जुड़े एक मामले में शिकायतकर्ता को लाभ पहुँचाने के एवज में ₹1 करोड़ की रिश्वत माँगी थी।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

सीबीआई द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीन व्यक्तियों में हरीश कुमार तंवर, भरत शर्मा और आर्यन शर्मा शामिल हैं। हरीश कुमार तंवर 2017 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस — इनकम टैक्स) अधिकारी हैं और वर्तमान में चेन्नई स्थित एसएफआईओ कार्यालय में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

भरत शर्मा पेशे से एक वकील हैं, जबकि आर्यन शर्मा भरत शर्मा के रिश्तेदार हैं। तीनों को एफआईआर दर्ज होने और शिकायत के सत्यापन के बाद हिरासत में लिया गया।

मुख्य घटनाक्रम: कैसे हुई गिरफ्तारी

सीबीआई के अनुसार, एसएफआईओ चेन्नई द्वारा जाँच किए जा रहे डीएचएफएल (DHFL) घोटाले से संबंधित एक प्रकरण में शिकायतकर्ता से ₹1 करोड़ की रिश्वत की माँग की गई थी। यह माँग एसएफआईओ अधिकारी की ओर से वकील भरत शर्मा के माध्यम से रखी गई, ताकि जाँच में शिकायतकर्ता को फायदा मिल सके।

गिरफ्तारी उस समय की गई जब वकील ने माँगी गई रिश्वत के आंशिक भुगतान के रूप में ₹20 लाख — यानी कुल माँग का एक हिस्सा — एसएफआईओ अधिकारी की ओर से शिकायतकर्ता से प्राप्त किए। यह रकम हाथोंहाथ लेते समय सीबीआई की टीम ने कार्रवाई की।

तलाशी में मिली आपत्तिजनक सामग्री

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने सरकारी कर्मचारी और वकील के ठिकानों पर तलाशी ली। इस दौरान मामले से जुड़ी अनेक आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है, हालाँकि एजेंसी ने विशिष्ट दस्तावेजों का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया है।

यह ऐसे समय में आया है जब कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एसएफआईओ बड़े वित्तीय घोटालों की जाँच में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। गौरतलब है कि डीएचएफएल मामला देश के सबसे बड़े आवास वित्त घोटालों में से एक है, जिसमें हज़ारों करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप हैं।

आगे क्या होगा

तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सीबीआई उन्हें संबंधित अदालत में पेश करेगी। जाँच के दायरे में एसएफआईओ के भीतर इस षड्यंत्र की व्यापकता और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की पड़ताल भी शामिल होने की संभावना है। बरामद सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई और आरोपियों की रिमांड तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी के अधिकारी पर रिश्वत का आरोप, एसएफआईओ की संस्थागत विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार है। डीएचएफएल मामले में पहले ही हज़ारों करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप हैं; अब जाँचकर्ता खुद आरोपी की कुर्सी पर है। सवाल यह भी है कि क्या यह एकाकी घटना है या एसएफआईओ में निगरानी का कोई व्यापक ढाँचागत अभाव है। कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के लिए यह समय आंतरिक सतर्कता तंत्र की पड़ताल का है, न कि केवल बाहरी जाँच का।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने एसएफआईओ अधिकारी को क्यों गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने एसएफआईओ के डिप्टी डायरेक्टर हरीश कुमार तंवर को डीएचएफएल घोटाले से जुड़े एक मामले में ₹1 करोड़ की रिश्वत माँगने के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने एक शिकायतकर्ता को जाँच में लाभ पहुँचाने के बदले रिश्वत की माँग की।
इस मामले में कितने और किन लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
कुल तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है — एसएफआईओ अधिकारी हरीश कुमार तंवर, वकील भरत शर्मा और उनके रिश्तेदार आर्यन शर्मा। वकील भरत शर्मा ने रिश्वत की आंशिक राशि ₹20 लाख अधिकारी की ओर से प्राप्त की।
डीएचएफएल घोटाला क्या है और एसएफआईओ की इसमें क्या भूमिका है?
डीएचएफएल (दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड) घोटाला देश के सबसे बड़े आवास वित्त धोखाधड़ी मामलों में से एक है, जिसमें हज़ारों करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। एसएफआईओ, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अंतर्गत, इस मामले की विधिवत जाँच कर रही थी।
हरीश कुमार तंवर कौन हैं?
हरीश कुमार तंवर 2017 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस — इनकम टैक्स) अधिकारी हैं। वे वर्तमान में चेन्नई स्थित एसएफआईओ कार्यालय में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात थे।
इस गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?
तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड की माँग की जा सकती है। बरामद आपत्तिजनक सामग्री के आधार पर सीबीआई आगे की जाँच जारी रखेगी और एसएफआईओ के भीतर अन्य संभावित संलिप्तताओं की भी पड़ताल हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले