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सीबीआई का 'ऑपरेशन चक्र-6': गुजरात के ₹11.42 करोड़ डिजिटल अरेस्ट मामले में दो और गिरफ्तार

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सीबीआई का 'ऑपरेशन चक्र-6': गुजरात के ₹11.42 करोड़ डिजिटल अरेस्ट मामले में दो और गिरफ्तार

सारांश

तीन महीने तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर ₹11.42 करोड़ ठगने वाले गिरोह पर सीबीआई की बड़ी कार्रवाई — 'ऑपरेशन चक्र-6' के तहत दो नए आरोपी गिरफ्तार, पिछले 30 दिनों में 22 राज्यों में 142 छापे और 17 गिरफ्तारियाँ।

मुख्य बातें

सीबीआई ने गुजरात के ₹11.42 करोड़ के 'डिजिटल अरेस्ट' मामले में हिमांशु प्रसाद और यूनिस बिस्वास को गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर एक कंपनी के बैंक खाते से ₹2.5 करोड़ प्राप्त किए और मनी ट्रेल छिपाने के लिए कई खातों में पैसे ट्रांसफर किए।
पीड़ित को फर्जी पुलिस और ट्राई अधिकारी बनकर तीन महीने तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया था।
' ऑपरेशन चक्र-6 ' के तहत 10 राज्यों में 22 स्थानों पर एक साथ तलाशी ली गई।
पिछले 30 दिनों में 22 राज्यों में 142 स्थानों पर छापे और 17 आरोपी गिरफ्तार।
ज़ब्त डिजिटल डिवाइस की फोरेंसिक जांच जारी; सिंडिकेट के बड़े नेटवर्क की तलाश।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुजरात के ₹11.42 करोड़ के 'डिजिटल अरेस्ट' मामले में हिमांशु प्रसाद और यूनिस बिस्वास को गिरफ्तार किया है, जिससे इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या में इज़ाफा हुआ है। एजेंसी ने 27 सितंबर 2026 को बताया कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन चक्र-6' के तहत देशभर में चल रही उस मुहिम का हिस्सा है जो डिजिटल अरेस्ट से जुड़े सिंडिकेट्स को नेस्तनाबूद करने के लिए जारी है।

मामले की पृष्ठभूमि

जांच के अनुसार, पीड़ित को कथित तौर पर तीन महीने तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया था। साइबर अपराधियों ने पुलिस और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अधिकारी बनकर पीड़ित को ₹11.42 करोड़ ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। गौरतलब है कि 'डिजिटल अरेस्ट' एक ऐसी साइबर ठगी है जिसमें अपराधी फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के ज़रिए पीड़ित को मनोवैज्ञानिक दबाव में रखते हैं।

आरोपियों की भूमिका

सीबीआई जांच में सामने आया कि हिमांशु प्रसाद और यूनिस बिस्वास ने कथित तौर पर एक कंपनी के बैंक खाते का इस्तेमाल पीड़ित से ठगे गए ₹11.42 करोड़ में से ₹2.5 करोड़ प्राप्त करने के लिए किया। दोनों ने मनी ट्रेल को छिपाने के इरादे से इन फंड्स को साथियों के कई खातों में ट्रांसफर किया। जांचकर्ताओं के अनुसार, ये आरोपी धोखाधड़ी से कमाए गए पैसे को निकालने के लिए बैंक खातों का दुरुपयोग करने और एपीके फाइलें इंस्टॉल करने में भी शामिल थे।

उनके पास से ज़ब्त डिजिटल डिवाइस में कई चैट, मैसेज और दस्तावेज़ मिले हैं, जो जांच के अनुसार अपराध में उनकी भूमिका प्रमाणित करते हैं। इन सबूतों की फोरेंसिक जांच जारी है।

ऑपरेशन चक्र-6: व्यापक कार्रवाई

सीबीआई ने 'ऑपरेशन चक्र-6' के तहत 10 राज्यों में 22 जगहों पर एक साथ तलाशी ली। एजेंसी के अनुसार, पिछले 30 दिनों में चार अलग-अलग 'डिजिटल अरेस्ट' मामलों में 22 राज्यों में 142 जगहों पर छापेमारी की गई और 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन छापों के दौरान आपत्तिजनक बैंकिंग दस्तावेज, खाते से संबंधित रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस ज़ब्त किए गए।

जांच का दायरा और आगे की राह

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मनी ट्रेल के विस्तृत वित्तीय और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर यह तलाशी की गई। एजेंसी का लक्ष्य राज्यों की सीमाओं के पार चल रहे डिजिटल अरेस्ट सिंडिकेट्स के बड़े वित्तीय और तकनीकी ढाँचे का पूरी तरह से पर्दाफाश करना है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में डिजिटल अरेस्ट के मामलों में तेज़ी आई है और सरकार साइबर ठगी के विरुद्ध अपनी कार्रवाई को व्यापक बना रही है। जांच में और आरोपियों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुव्यवस्थित अंतरराज्यीय सिंडिकेट बन चुका है जिसके तार मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े हैं। असली सवाल यह है कि पीड़ित को तीन महीने तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखने और ₹11.42 करोड़ ट्रांसफर होने के बाद भी बैंकिंग प्रणाली ने इस असामान्य लेनदेन को समय रहते क्यों नहीं पकड़ा। 'ऑपरेशन चक्र' की श्रृंखला लंबी है, लेकिन जब तक बैंकों में रियल-टाइम फ्रॉड-डिटेक्शन और जन-जागरूकता को प्राथमिकता नहीं मिलती, गिरफ्तारियाँ महज़ प्रतिक्रियात्मक उपाय बनी रहेंगी।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात का ₹11.42 करोड़ का डिजिटल अरेस्ट मामला क्या है?
इस मामले में साइबर अपराधियों ने फर्जी पुलिस और ट्राई अधिकारी बनकर एक पीड़ित को तीन महीने तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा और उनसे ₹11.42 करोड़ ट्रांसफर करवाए। सीबीआई ने इस मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हिमांशु प्रसाद और यूनिस बिस्वास की इस मामले में क्या भूमिका थी?
जांच के अनुसार, दोनों ने एक कंपनी के बैंक खाते का इस्तेमाल करके ₹2.5 करोड़ प्राप्त किए और मनी ट्रेल छिपाने के लिए धन को कई खातों में ट्रांसफर किया। वे एपीके फाइलें इंस्टॉल करने और अन्य साइबर अपराधों में भी कथित तौर पर शामिल थे।
सीबीआई का 'ऑपरेशन चक्र-6' क्या है?
'ऑपरेशन चक्र-6' डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से जुड़े सिंडिकेट्स पर सीबीआई की देशव्यापी कार्रवाई है। इसके तहत 10 राज्यों में 22 स्थानों पर एक साथ तलाशी ली गई और पिछले 30 दिनों में 22 राज्यों में 142 छापे मारे गए हैं।
डिजिटल अरेस्ट से खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
कोई भी असली सरकारी एजेंसी — पुलिस, सीबीआई, ट्राई या ईडी — वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करती। ऐसी कोई भी कॉल आए तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें और किसी को भी बैंक विवरण या पैसे न दें।
इस मामले में आगे क्या होगा?
सीबीआई ने संकेत दिया है कि ज़ब्त डिजिटल डिवाइस की फोरेंसिक जांच जारी है और राज्यों की सीमाओं के पार फैले इस सिंडिकेट के और सदस्यों की पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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