ओडिशा में भ्रष्टाचार पर दोहरी कार्रवाई: सीबीआई ने ईएमआरएस प्रिंसिपल को ₹12,000 की रिश्वत लेते दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 8 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के नुआपाडा जिले स्थित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (ईएमआरएस) के प्रिंसिपल सी. कृष्णा मूर्ति नायडू को रिश्वतखोरी के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उसी दिन ओडिशा विजिलेंस ने जगतसिंहपुर जिले में एक अलग मामले में समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के एक प्रोग्रामर को भी ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। एक ही दिन में शिक्षा विभाग से जुड़े दो सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी ने ओडिशा में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को नई धार दी है।
मुख्य घटनाक्रम: सीबीआई का ट्रैप ऑपरेशन
सीबीआई ने 7 अक्टूबर 2026 को आरोपी प्रिंसिपल नायडू के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि नायडू ने एक शिकायतकर्ता — जो ईएमआरएस, नुआपाडा में ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफरी (एएनएम) के पद पर कार्यरत थी — से उसकी सेवाविस्तार की सिफारिश करने के बदले ₹20,000 की रिश्वत माँगी थी।
बातचीत के बाद आरोपी ₹12,000 में राजी हो गया। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जाल बिछाया और 7 अक्टूबर को नायडू को रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
विजिलेंस की कार्रवाई: जगतसिंहपुर में प्रोग्रामर गिरफ्तार
उसी दिन ओडिशा विजिलेंस ने जगतसिंहपुर में एसएसए के डीईओ-सह-डीपीसी कार्यालय में तैनात प्रोग्रामर चंद्रजीत परिजा को गिरफ्तार किया। परिजा पर आरोप है कि उसने जगतसिंहपुर के स्कूलों में डिजिटल ब्लैकबोर्ड लगाने के काम के लंबित बिल पास कराने के एवज में शिकायतकर्ता से ₹30,000 की रिश्वत माँगी।
ओडिशा विजिलेंस के अनुसार, परिजा प्रोक्योरमेंट और टेक्निकल कमेटी का सदस्य है और उसके सर्टिफिकेशन के बाद ही भुगतान संभव होता है। शिकायतकर्ता के बार-बार कहने के बावजूद परिजा ने कार्य का निरीक्षण करने से इनकार कर दिया और भुगतान के लिए रिश्वत की शर्त रखी।
सरकारी प्रतिक्रिया और जाँच की स्थिति
विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर परिजा को रकम लेते हुए पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में परिजा से जुड़ी तीन अलग-अलग जगहों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस सिलसिले में कटक विजिलेंस पुलिस स्टेशन में मामला संख्या 39/26 दर्ज किया गया है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि ईएमआरएस योजना केंद्र सरकार द्वारा जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए चलाई जाती है। ऐसे स्कूलों में भ्रष्टाचार का सीधा असर समाज के सबसे कमज़ोर वर्ग पर पड़ता है। वहीं, डिजिटल ब्लैकबोर्ड जैसी बुनियादी सुविधाओं में रिश्वतखोरी शिक्षा की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करती है।
यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन को अपनी प्राथमिकता बताती रही है। एक ही दिन में दो अलग-अलग एजेंसियों द्वारा दो गिरफ्तारियाँ इस दिशा में ठोस कदम के रूप में देखी जा रही हैं।
क्या होगा आगे
सीबीआई द्वारा गिरफ्तार नायडू को सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहाँ न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। परिजा के मामले में तलाशी के नतीजे आय से अधिक संपत्ति की जाँच की दिशा तय करेंगे। दोनों मामलों में आगे की विवेचना जारी है।