सीबीआई ने इटारसी केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल को ₹3 लाख रिश्वत लेते पकड़ा, बिचौलिया भी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 8 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय विद्यालय, इटारसी के प्रिंसिपल और एक बिचौलिए को ₹3 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि प्रिंसिपल ने स्कूल में रेनोवेशन कार्य से जुड़े पेंडिंग बिलों का भुगतान जारी करने के एवज में भोपाल की ठेकेदार फर्मों से यह अनुचित राशि मांगी थी।
मामले की पृष्ठभूमि और जाल
सीबीआई के अनुसार, आरोपी प्रिंसिपल ने उन फर्मों से ₹3 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी, जिन्हें गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए जारी वर्क ऑर्डर के तहत स्कूल में मरम्मत एवं नवीनीकरण का काम आवंटित हुआ था। ये फर्में अपने बकाया भुगतान के लिए प्रिंसिपल की मंजूरी की प्रतीक्षा कर रही थीं, और इसी का फायदा उठाकर रिश्वत मांगी गई। शिकायत मिलते ही सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी प्रिंसिपल तथा बिचौलिए को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
तलाशी और दस्तावेज़ जब्त
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीमों ने इटारसी और आगरा में आरोपियों के आवासीय एवं कार्यालय परिसरों की तलाशी ली। इस दौरान संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज़ जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक इस मामले में आगे की जांच जारी है।
ओडिशा में भी एकलव्य स्कूल के प्रिंसिपल गिरफ्तार
इसी से मिलता-जुलता एक दूसरा मामला ओडिशा के नुआपाडा जिले से सामने आया है। सीबीआई ने 7 अक्टूबर को जाल बिछाकर एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (EMRS), नुआपाडा के प्रिंसिपल सी. कृष्णा मूर्ति नायडू को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि नायडू ने एक शिकायतकर्ता से उसे ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफरी (ANM) पद पर सेवा विस्तार दिलाने की सिफारिश करने के बदले ₹20,000 की रिश्वत मांगी थी।
बातचीत के बाद आरोपी शिकायतकर्ता से ₹12,000 लेने पर सहमत हो गया। सीबीआई ने इस राशि को लेते वक्त नायडू को मौके पर ही दबोच लिया। यह मामला बुधवार को दर्ज किया गया था।
व्यापक संदर्भ और असर
यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी शिक्षण संस्थाओं में भ्रष्टाचार को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि GeM पोर्टल को पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ही शुरू किया गया था, लेकिन आरोपों के अनुसार इसी पोर्टल के जरिए जारी वर्क ऑर्डर के भुगतान को रोककर रिश्वत वसूली की गई। दोनों मामलों में सीबीआई ने 'ट्रैप ऑपरेशन' यानी जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़ा, जो यह दर्शाता है कि जांच एजेंसी सक्रिय रूप से ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई कर रही है।
आगे की जांच
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार इटारसी मामले में जब्त दस्तावेज़ों की जांच की जा रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। नुआपाडा मामले में भी जांच आगे बढ़ रही है। दोनों मामलों में न्यायिक प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।