सेलिना जेटली का ऐलान: 'न्याय के लिए लड़ती रहूंगी', पति पीटर हाग के कानूनी नोटिस पर दिया करारा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री सेलिना जेटली ने 5 जून 2026 को इंस्टाग्राम पर एक विस्तृत बयान जारी कर स्पष्ट किया कि वह पति पीटर हाग और ससुर वोल्फगैंग हाग की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिसों के आगे झुकने वाली नहीं हैं। तलाक और बच्चों की कस्टडी को लेकर चल रहे इस विवाद में सेलिना ने साफ कहा कि वह अपने बच्चों के अधिकारों और न्याय की लड़ाई जारी रखेंगी।
कानूनी नोटिस और सेलिना की प्रतिक्रिया
हाल ही में पीटर हाग और वोल्फगैंग हाग की ओर से सेलिना को कानूनी नोटिस भेजे गए, जिनमें उन पर मानहानि का आरोप लगाया गया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने अपने कानूनी प्रतिनिधि के माध्यम से इन नोटिसों का विधिवत जवाब दे दिया है। सेलिना का कहना है कि इन नोटिसों के ज़रिए उन्हें बदनाम करने, डराने और चुप कराने की कोशिश की जा रही है।
सेलिना का बयान: 'बच्चे मेरे भी हैं'
अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में सेलिना ने कहा, 'कई साल तक हमारे परिवार से जुड़ी पब्लिसिटी को बढ़ावा दिया जाता रहा — मैगज़ीन कवर, इंटरव्यू और परिवार से जुड़े आर्टिकल्स में शामिल होते रहे। लेकिन जब मैंने अपनी निजी परेशानियों, कानूनी संघर्ष और एक माँ के रूप में अपनी चिंताओं के बारे में बात करनी शुरू की, तो मुझे जवाब देने के बजाय कानूनी नोटिस भेजे गए। ये बच्चे मेरे भी हैं, मैं उनकी माँ हूँ और मैं उनके लिए यह लड़ाई जारी रखूंगी।'
ज्वाइंट कस्टडी की माँग, कोर्ट ऑर्डर के बावजूद बच्चों से दूरी
सेलिना ने बताया कि वह शुरू से ज्वाइंट कस्टडी और आपसी सहमति से तलाक की पक्षधर रही हैं। उनके अनुसार, उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण समाधान की कोशिश की, परंतु कोर्ट के आदेश होने के बावजूद वह अपने बच्चों से बात नहीं कर पा रही हैं। उनका आरोप है कि लगातार उन्हें बच्चों से दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बच्चों को देश से बाहर ले जाने की आशंका
सेलिना ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्हें डर है कि बच्चों को उनकी जानकारी और सहमति के बिना ऑस्ट्रिया और भारत की अदालतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'एक माँ होने के नाते यह मेरा अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है कि मैं ऐसी चिंताओं को सार्वजनिक रूप से उठाऊं और अपने बच्चों के हितों की रक्षा करूं।'
दूसरे पक्ष का रुख
पीटर हाग और उनके पिता की ओर से भेजे गए नोटिसों में कहा गया था कि सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोप उनकी छवि को नुकसान पहुँचा रहे हैं और इसका असर बच्चों पर भी पड़ सकता है। यह विवाद अब मुंबई के मनोरंजन जगत में व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। आगे इस मामले में अदालती प्रक्रिया और दोनों पक्षों की कानूनी रणनीति निर्णायक भूमिका निभाएगी।