सेलिना जेटली को पति पीटर हाग और ससुर का कानूनी नोटिस, मीडिया ट्रायल और झूठे आरोपों पर आपत्ति
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री सेलिना जेटली की कानूनी मुश्किलें और गहरी हो गई हैं। तलाक तथा नाबालिग बच्चों की कस्टडी को लेकर जारी विवाद के बीच उनके पति पीटर हाग और ससुर डीआई वोल्फगैंग जे. हाग ने उन्हें दो अलग-अलग कानूनी नोटिस भेजे हैं। मुंबई स्थित विधि फर्म सेमवाल एंड कंपनी ने 30 मई को इसकी आधिकारिक पुष्टि की।
नोटिस का आधार क्या है
विधि फर्म के अनुसार, ये नोटिस सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और विभिन्न मीडिया माध्यमों पर प्रसारित उस सामग्री के संदर्भ में जारी किए गए हैं, जिसे हाग परिवार ने भ्रामक, असत्य और मानहानिकारक बताया है। पहला नोटिस डीआई वोल्फगैंग जे. हाग की ओर से है, जबकि दूसरा नोटिस पीटर हाग ने अपने और अपने तीन नाबालिग बच्चों के हितों की रक्षा के लिए भेजा है।
किन आरोपों का खंडन किया गया
नोटिस में उन विशिष्ट आरोपों को निराधार बताया गया है जिनमें पीटर हाग को हिंसक, अपमानजनक, भावनात्मक रूप से प्रताड़ित करने वाला या डराने-धमकाने वाला व्यक्ति बताया गया था। इसके अतिरिक्त, बच्चों को छिपाने, उनकी सोच को प्रभावित करने, ब्रेनवॉश करने, उत्पीड़न और धर्म से जुड़े कथित आरोपों को भी परिवार ने पूरी तरह नकार दिया है।
मामला ऑस्ट्रिया की अदालतों में विचाराधीन
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि पीटर हाग और सेलिना जेटली के बीच वैवाहिक विवाद और बच्चों की कस्टडी से जुड़े मामले फिलहाल ऑस्ट्रिया की अदालतों में विचाराधीन हैं। हाग परिवार का आरोप है कि न्यायिक प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद इस मामले से संबंधित बयान, साक्षात्कार और सोशल मीडिया पोस्ट सार्वजनिक रूप से साझा किए गए, जिनमें परिवार के खिलाफ गंभीर दावे किए गए।
बच्चों की प्राइवेसी पर सबसे अधिक चिंता
हाग परिवार ने सबसे बड़ी चिंता बच्चों की निजता और मानसिक स्थिति को लेकर जताई है। उनका कहना है कि लगातार सार्वजनिक चर्चाओं, तस्वीरें पोस्ट करने और निजी मामलों को मीडिया में लाने से बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। परिवार का मानना है कि बच्चों से जुड़े मुद्दों को संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ संभाला जाए, न कि उन्हें सार्वजनिक बहस या मीडिया ट्रायल का हिस्सा बनाया जाए।
कानूनी मांगें और आगे की कार्रवाई
नोटिस में संबंधित पक्षों से आपत्तिजनक सामग्री हटाने, ऐसी पोस्ट रोकने, सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करने और बिना शर्त माफी माँगने की मांग की गई है। परिवार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इन मांगों का पालन नहीं हुआ तो वे आपराधिक कानूनी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।
सेमवाल एंड कंपनी की पार्टनर और सॉलिसिटर येशा शाह ने कहा, 'महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानून समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी भी वैवाहिक विवाद को बिना पुष्टि के आरोपों और सार्वजनिक अभियानों के ज़रिए मीडिया ट्रायल में बदलना उचित नहीं है। कानूनी प्रक्रियाओं का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति की सामाजिक छवि को नुकसान पहुँचाना।' हाग परिवार ने यह भी कहा कि मामला ऑस्ट्रिया की अदालत में लंबित होने के कारण वे फिलहाल सार्वजनिक रूप से इससे अधिक टिप्पणी नहीं करेंगे।