दिल्ली हाईकोर्ट ने मेजर विक्रांत जेटली से सेलिना जेटली के संपर्क पर किया निर्णय

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दिल्ली हाईकोर्ट ने मेजर विक्रांत जेटली से सेलिना जेटली के संपर्क पर किया निर्णय

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सेलिना जेटली की याचिका का निपटारा किया, जिसमें उन्होंने अपने भाई मेजर विक्रांत जेटली से संपर्क स्थापित करने की मांग की थी। अदालत को बताया गया कि विक्रांत ने संपर्क करने से इनकार कर दिया है।

मुख्य बातें

सेलिना जेटली ने अपने भाई से मिलने के लिए याचिका दायर की थी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने विक्रांत जेटली के संपर्क से इनकार करने की पुष्टि की।
भारत सरकार को इस मामले में सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है।

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री सेलिना जेटली द्वारा दायर की गई याचिका का अब निपटारा हो गया है, जिसमें उन्होंने यूएई में हिरासत में रखे गए अपने भाई मेजर विक्रांत जेटली से मिलने और उनसे संपर्क करने की अनुमति मांगी थी। दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत को जानकारी दी गई कि विक्रांत जेटली ने अपनी बहन के साथ संपर्क करने से इनकार कर दिया है।

इस जानकारी के बाद अदालत ने मामले को निपटा दिया, लेकिन केंद्र सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह विक्रांत जेटली के साथ संपर्क बनाए रखे और कानून के अंतर्गत उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करे।

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि विक्रांत जेटली ने कहा है कि उनके कानूनी मामलों से संबंधित सभी निर्णय उनकी पत्नी चारुल जेटली के साथ परामर्श के बाद ही लिए जाएंगे। अदालत को यह भी बताया गया कि यूएई में भारतीय अधिकारियों ने विक्रांत जेटली को कांसुलर एक्सेस की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे भारतीय दूतावास के अधिकारी उनसे मिलकर उनकी स्थिति की जानकारी ले सकते हैं।

अदालत ने इस घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए कहा कि वर्तमान में विक्रांत जेटली किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता लेने से भी इंकार कर चुके हैं। इसलिए इस चरण पर अदालत में लंबित याचिका को जारी रखने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार और संबंधित एजेंसियां इस मामले में संपर्क बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर विक्रांत जेटली को सभी कानूनी और राजनयिक सहायता उपलब्ध कराएं।

असल में, यह मामला तब सामने आया था जब सेलिना जेटली ने अपने भाई के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में दावा किया गया था कि उनके भाई मेजर विक्रांत जेटली को दुबई के एक मॉल से कथित तौर पर उठाया गया था। इसके बाद काफी समय तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उन्हें किस आरोप में हिरासत में रखा गया है। शुरुआत में उनके परिवार को उनके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल रही थी, जिससे परिवार चिंतित था। बाद में यह जानकारी मिली कि उन्हें अबू धाबी के एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

सेलिना जेटली ने इस मामले में भारत सरकार से सहायता मांगी थी और विदेश मंत्रालय के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया था। जब उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तब उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत ने पहली सुनवाई के दौरान विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया था कि वह आवश्यक कदम उठाए और विक्रांत जेटली की स्थिति के बारे में जानकारी उपलब्ध कराए।

अब सुनवाई में यह स्पष्ट हुआ कि विक्रांत जेटली ने अपनी बहन से संपर्क नहीं करने का निर्णय लिया है और अपने कानूनी मामलों में बाहरी सहायता की आवश्यकता नहीं बताई है। इसी आधार पर अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें एक भारतीय नागरिक को विदेश में हिरासत में रखा गया है। अदालत का फैसला इस दिशा में क्या संकेत देता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेजर विक्रांत जेटली को किस वजह से हिरासत में लिया गया था?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि मेजर विक्रांत जेटली को किस आरोप में हिरासत में लिया गया है।
सेलिना जेटली ने अपने भाई के लिए क्या कदम उठाए?
सेलिना जेटली ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी ताकि वे अपने भाई से संपर्क कर सकें।
दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि विक्रांत जेटली ने अपनी बहन से संपर्क ना करने का निर्णय लिया है।
क्या विक्रांत जेटली को कानूनी सहायता मिली है?
अदालत ने स्पष्ट किया कि विक्रांत ने किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता लेने से इनकार किया है।
क्या भारत सरकार इस मामले में मदद कर रही है?
हां, अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वे विक्रांत जेटली के साथ संपर्क बनाए रखें।
राष्ट्र प्रेस
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