डीएमआरसी ने शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन का निर्माण शुरू किया, सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर को मिलेगी 9 अंडरग्राउंड स्टेशनों की ताकत
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने 26 अगस्त 2026 को शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर औपचारिक निर्माण कार्य की शुरुआत की — जो सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के अंतर्गत फेज V(A) का एक अहम पड़ाव है। यह स्टेशन मैजेंटा लाइन के जनकपुरी वेस्ट से आर.के. आश्रम मार्ग तक विस्तार का हिस्सा है और मध्य नई दिल्ली की मेट्रो कनेक्टिविटी को नई ऊँचाई देगा।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली के उप-राज्यपाल टी.एस. संधू ने निर्माण शुरू होने को दिल्ली मेट्रो के लिए 'मील का पत्थर' करार दिया। उन्होंने कहा, 'आज शिवाजी स्टेडियम साइट पर काम शुरू होना दिल्ली मेट्रो के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। दिल्ली में मेट्रो के विस्तार ने शहर को सचमुच बदल दिया है। हम इसकी लगातार प्रगति और विस्तार के लिए हर जरूरी मदद और सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।' गौरतलब है कि इसी कॉरिडोर के तहत सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य 24 जून 2026 को ही शुरू हो चुका था।
तकनीकी विशेषताएँ और इंजीनियरिंग चुनौतियाँ
नया शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पूरी तरह अंडरग्राउंड होगा। इसकी डायफ्राम वॉल लगभग 38 मीटर गहरी होगी — जो किसी 12 मंजिला इमारत की ऊँचाई के बराबर है। इतनी गहराई इसलिए आवश्यक है क्योंकि नया स्टेशन मौजूदा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के अलाइनमेंट के ठीक नीचे बनेगा। डीएमआरसी के अनुसार, निर्माण के दौरान हर महीने लगभग 3,000 क्यूबिक मीटर कंक्रीट के लिए करीब 500 ट्रांजिट मिक्सर ट्रिप और लगभग 15,000 क्यूबिक मीटर खुदाई के लिए 750 डंपर ट्रिप — यानी प्रतिदिन करीब 25 डंपर ट्रिप — की जरूरत होगी।
इंटरचेंज सुविधा और यात्री लाभ
यह स्टेशन एक महत्वपूर्ण इंटरचेंज हब के रूप में काम करेगा। नया मैजेंटा लाइन स्टेशन 230 मीटर लंबे सबवे के ज़रिए मौजूदा शिवाजी स्टेडियम एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन स्टेशन से जुड़ेगा। इसके अलावा, 800 मीटर लंबे ट्रैवलेटर-युक्त सबवे के माध्यम से यह राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से भी सीधे जुड़ेगा। इससे बंगला साहिब गुरुद्वारा के श्रद्धालुओं, आसपास के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों, स्कूली छात्रों और एयरपोर्ट एक्सप्रेस के यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर का दायरा
पूरा सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर लगभग 9.913 किलोमीटर लंबा है और इसमें 9 अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल हैं — शिवाजी स्टेडियम, युगे युगीन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ। इस कॉरिडोर के पूरा होने पर प्रमुख सरकारी दफ्तरों, न्यायिक संस्थानों, राष्ट्रीय स्मारकों और कन्वेंशन केंद्रों तक मेट्रो पहुँच सुनिश्चित होगी।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली मेट्रो का फेज V(A) तेज़ी से ज़मीन पर उतर रहा है। शिवाजी स्टेडियम स्टेशन का निर्माण मध्य दिल्ली के नेटवर्क इंटीग्रेशन की दिशा में एक और ठोस कदम है, जो आने वाले वर्षों में लाखों यात्रियों की दैनिक यात्रा को सुगम बनाएगा।