23 सितंबर 2026
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CGPSC भर्ती घोटाला: ईडी ने तत्कालीन चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी समेत अन्य के खिलाफ PMLA कोर्ट में चार्जशीट दायर

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CGPSC भर्ती घोटाला: ईडी ने तत्कालीन चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी समेत अन्य के खिलाफ PMLA कोर्ट में चार्जशीट दायर

सारांश

छत्तीसगढ़ के CGPSC भर्ती घोटाले में ईडी ने तत्कालीन चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी, CMO के OSD चेतन बोरघरिया और अन्य के खिलाफ PMLA कोर्ट में चार्जशीट दायर की। परीक्षा 2021 में ₹3 करोड़ से अधिक की अवैध वसूली और प्रश्नपत्र लीक का आरोप — यह भर्ती भ्रष्टाचार की एक बड़ी परत उघाड़ता है।

मुख्य बातें

ईडी के रायपुर जोनल ऑफिस ने 23 सितंबर 2026 को CGPSC भर्ती घोटाले में PMLA, 2002 के तहत विशेष न्यायालय, रायपुर में अभियोजन शिकायत दायर की।
आरोपियों में CGPSC के तत्कालीन चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी , CMO के तत्कालीन OSD चेतन बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर शामिल हैं।
जांच में CGPSC परीक्षा 2021 के अभ्यर्थियों से ₹3 करोड़ से अधिक की अवैध वसूली का खुलासा; ₹47 लाख की संपत्ति जब्त।
प्रश्नपत्र रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस और बरनवापारा सैंक्चुअरी रिजॉर्ट में कथित रूप से लीक किए गए।
तीनों आरोपियों को क्रमश: 25 जुलाई, 1 सितंबर और 11 सितंबर को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया।
मामले में CBI पहले ही FIR और चार्जशीट दायर कर चुकी है; ईडी की जांच अभी जारी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल ऑफिस ने 23 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत विशेष न्यायालय (PMLA), रायपुर में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दायर की है। आरोपियों में CGPSC के तत्कालीन चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी, छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय में तत्कालीन ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) चेतन बोरघरिया और अन्य शामिल हैं। यह मामला CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 में बड़े पैमाने पर कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं से जुड़ा है।

मामले की पृष्ठभूमि और जांच का दायरा

ईडी की जांच मूलत: EOW/ACB, रायपुर द्वारा CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। बाद में इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में लिया, जिसने तमन सिंह सोनवानी और अन्य के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट दायर की। इसी आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच शुरू की।

जांच के दौरान ईडी ने पहले ही एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) जारी करते हुए तमन सिंह सोनवानी, उत्कर्ष चंद्राकर और अन्य की ₹47 लाख की चल और अचल संपत्तियाँ जब्त की थीं, जिन्हें अपराध से अर्जित आय के रूप में चिह्नित किया गया था।

प्रश्नपत्र लीक और अवैध वसूली का कथित तंत्र

ईडी की जांच के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर ने अन्य लोगों के साथ मिलकर CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2021 के विभिन्न उम्मीदवारों से ₹3 करोड़ से अधिक की अवैध रकम वसूली। यह राशि अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में कथित पहुंच और प्रभाव का उपयोग करके उनका चयन सुनिश्चित करने के वादे पर ली गई थी।

जांच में यह भी सामने आया कि प्रारंभिक परीक्षा से पूर्व उम्मीदवारों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में एकत्रित किया गया और वहाँ कथित तौर पर लीक हुआ प्रश्नपत्र वितरित किया गया। मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को बरनवापारा सैंक्चुअरी रिजॉर्ट में ठहराया गया, जहाँ कथित रूप से लीक हुए प्रश्नपत्रों के आधार पर कोचिंग दी गई।

चेयरमैन पर भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर के आरोप

जांच में यह भी उजागर हुआ कि CGPSC चेयरमैन के पद पर रहते हुए तमन सिंह सोनवानी पर कथित तौर पर अपने रिश्तेदारों और पसंदीदा उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर करने के आरोप हैं। गौरतलब है कि CGPSC राज्य सेवाओं में चयन एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया है, और परीक्षा में पारदर्शिता की माँग लंबे समय से उठती रही है।

गिरफ्तारियाँ और आगे की कार्रवाई

PMLA, 2002 की धारा 19 के अंतर्गत जांच के दौरान 25 जुलाई को तमन सिंह सोनवानी, 1 सितंबर को उत्कर्ष चंद्राकर और 11 सितंबर को चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया गया। तीनों अभी न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी के अनुसार इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है और नए तथ्य सामने आने पर अतिरिक्त कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता।

यह मामला छत्तीसगढ़ में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर बड़े सवाल उठाता है। विशेष न्यायालय (PMLA) में दायर इस अभियोजन शिकायत के बाद अब सुनवाई की प्रक्रिया आरंभ होगी और आरोपियों को आरोपों का सामना करना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परतें गहरी हैं — आरोप सीधे तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय तक जाते हैं, जो इसे महज एक भर्ती अनियमितता से कहीं बड़ा बनाता है। यह वह पैटर्न है जो भारत के कई राज्यों में दोहराया गया है: लोक सेवा परीक्षाएँ, जो सामाजिक गतिशीलता का सबसे भरोसेमंद जरिया मानी जाती हैं, भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बन जाती हैं। ₹3 करोड़ की वसूली और होटलों में पेपर लीक कोचिंग का जो तंत्र सामने आया है, वह कोई अवसरवादी भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि एक सुनियोजित व्यवस्था की ओर इशारा करता है। असली परीक्षा अब न्यायालय की है — क्या यह मामला दोषसिद्धि तक पहुँचता है, या प्रक्रियागत उलझनों में खो जाता है, जैसा अक्सर होता आया है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CGPSC भर्ती घोटाला क्या है और इसमें ईडी की भूमिका क्या है?
CGPSC भर्ती घोटाला छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं से जुड़ा है। ईडी ने इस मामले में PMLA, 2002 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करते हुए 23 सितंबर 2026 को PMLA कोर्ट रायपुर में अभियोजन शिकायत दायर की है।
तमन सिंह सोनवानी पर क्या आरोप हैं?
तमन सिंह सोनवानी CGPSC के तत्कालीन चेयरमैन हैं। उन पर कथित तौर पर अपने रिश्तेदारों और पसंदीदा उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर करने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। उन्हें PMLA की धारा 19 के तहत 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में कितनी संपत्ति जब्त की गई है और किससे?
ईडी ने तमन सिंह सोनवानी, उत्कर्ष चंद्राकर और अन्य की ₹47 लाख की चल और अचल संपत्तियाँ प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) के जरिये जब्त की हैं। इन्हें अपराध से अर्जित आय के रूप में चिह्नित किया गया है।
प्रश्नपत्र लीक किस तरह हुआ और इसमें कौन-से स्थान शामिल थे?
जांच के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा से पहले रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में उम्मीदवारों को लीक प्रश्नपत्र वितरित किए गए। मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को बरनवापारा सैंक्चुअरी रिजॉर्ट में ठहराकर लीक पेपर के आधार पर कोचिंग दी गई।
इस मामले में CBI और ईडी दोनों की जांच क्यों हो रही है?
EOW/ACB रायपुर ने पहले FIR दर्ज की, जिसके बाद CBI ने मामला अपने हाथ में लेकर चार्जशीट दायर की। चूँकि इसमें अवैध धन का लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू भी हैं, इसलिए ईडी ने PMLA के तहत समानांतर जांच शुरू की और अब अभियोजन शिकायत दायर की है।
राष्ट्र प्रेस
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