ईडी ने CGPSC पेपर लीक मामले में पूर्व चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया, 30 जुलाई तक कस्टडी
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी को 25 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 2020 और 2021 में हुई CGPSC राज्य सेवा परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, प्रश्न-पत्र लीक और चयन प्रक्रिया में हेरफेर के आरोपों से जुड़े मामले में की गई है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट (PMLA) ने सोनवानी को 30 जुलाई 2026 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी ने अपनी जाँच रायपुर की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offence Wing) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज प्राथमिकी (FIR) तथा उसके बाद केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) की जाँच के आधार पर शुरू की। इस मामले में 2020 और 2021 की CGPSC राज्य सेवा परीक्षाओं के आयोजन में आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं।
मुख्य आरोप: रिश्तेदारों को फायदा पहुँचाने की साजिश
ईडी के अनुसार, CGPSC के चेयरमैन के पद पर रहते हुए सोनवानी ने अन्य सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक आपराधिक षड्यंत्र रचा। इस षड्यंत्र का उद्देश्य अवैध लाभ के बदले प्रश्न-पत्र लीक करना और चयन प्रक्रिया में हेरफेर करना था, जिससे उनके अपने रिश्तेदारों और पसंदीदा उम्मीदवारों को डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) जैसे वरिष्ठ सरकारी पदों पर धोखाधड़ी से चयनित करवाया जा सके।
जाँच में यह भी सामने आया कि 2021 में CGPSC के भर्ती नियमों में जानबूझकर बदलाव किया गया था — परिवार की परिभाषा से 'भतीजे' शब्द को हटा दिया गया। ईडी के अनुसार, इस बदलाव से सोनवानी के रिश्तेदारों के चयन का रास्ता साफ हुआ।
मनी ट्रेल और हिरासत की वजह
जाँच एजेंसी के अनुसार, अपराध से अर्जित धनराशि का एक हिस्सा नकद रूप में एकत्र किया गया, जबकि शेष को कई स्तरों वाले बैंकिंग लेनदेन के माध्यम से घुमाया गया। ईडी का कहना है कि पूछताछ के दौरान सोनवानी ने टालमटोल भरे और असहयोगात्मक जवाब दिए तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया। इसी आधार पर एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार किया ताकि अपराध से हुई कमाई का पता लगाया जा सके, मनी ट्रेल की पहचान की जा सके और इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों को उजागर किया जा सके।
आगे की जाँच
ईडी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे की जाँच जारी है। रायपुर की स्पेशल PMLA कोर्ट ने सोनवानी को 30 जुलाई 2026 तक ईडी की हिरासत में रखने का आदेश दिया है। माना जा रहा है कि जाँच के दायरे में अन्य अभियुक्त भी आ सकते हैं।