चतरा पुलिस ने बरामद कीं 100 साल पुरानी 24 तीर्थंकर प्रतिमाएँ, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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चतरा पुलिस ने बरामद कीं 100 साल पुरानी 24 तीर्थंकर प्रतिमाएँ, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

सारांश

झारखंड के चतरा में इटखोरी पुलिस ने मात्र एक दिन में शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से चोरी गई करीब 100 साल पुरानी अष्टधातु की 24 तीर्थंकर प्रतिमाएँ बरामद कर लीं। ₹50 लाख मूल्य की इन प्रतिमाओं को दिल्ली में बेचने की फिराक में था आरोपी संदीप सिंह, जो अब गिरफ्तार है।

मुख्य बातें

इटखोरी थाना पुलिस ने 21 मई 2026 को शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से चोरी गई 24 तीर्थंकर प्रतिमाएँ बरामद कीं।
प्रतिमाएँ करीब 100 साल पुरानी अष्टधातु की हैं; अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित मूल्य ₹50 लाख ।
मुख्य आरोपी संदीप सिंह , निवासी साले गाँव, मयूरहंड थाना क्षेत्र , गिरफ्तार; चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त।
आरोपी प्रतिमाएँ दिल्ली ले जाकर बेचने की योजना बना रहा था; कांड संख्या 65/2026 , धारा 305(डी) बीएनएस के तहत मामला दर्ज।
पुलिस किसी बड़े तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता की जाँच कर रही है।

झारखंड के चतरा जिले में इटखोरी थाना पुलिस ने 21 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से चोरी गई करीब 100 साल पुरानी अष्टधातु की 24 तीर्थंकर प्रतिमाएँ बरामद कर लीं। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इन प्रतिमाओं की अनुमानित कीमत लगभग ₹50 लाख बताई जा रही है। इस मामले में मुख्य आरोपी को भी हिरासत में ले लिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

20 मई 2026 को संध्या आरती के बाद जैन मंदिर से ये बहुमूल्य प्रतिमाएँ चोरी हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही इटखोरी थाना में अज्ञात चोरों के विरुद्ध कांड संख्या 65/2026, धारा 305(डी) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।

आरोपी की गिरफ्तारी और बरामदगी

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मयूरहंड थाना क्षेत्र के साले गाँव निवासी संदीप सिंह को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने जैन मंदिर से चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद उसकी निशानदेही पर अष्टधातु की 24 तीर्थंकर प्रतिमाएँ तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर जब्त कर ली गई।

आरोपी की मंशा और पृष्ठभूमि

चतरा एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि आरोपी संदीप सिंह नशे की लत का शिकार है। उसने संध्या आरती के बाद मंदिर में सूनापन देखकर इस चोरी को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, संदीप इन बेशकीमती प्रतिमाओं को दिल्ली ले जाकर बेचने की फिराक में था, परंतु विशेष टीम ने समय रहते उसे पकड़ लिया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में धार्मिक स्थलों से प्राचीन मूर्तियों की चोरी की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं।

जाँच का दायरा

एसपी नैथानी ने बताया कि पुलिस इस मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों तथा किसी बड़े तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता की गहन जाँच कर रही है। गौरतलब है कि अष्टधातु की प्राचीन प्रतिमाओं की अंतरराष्ट्रीय तस्करी एक संगठित अपराध का रूप ले चुकी है, और अधिकारियों के अनुसार इस कड़ी को पूरी तरह खंगाला जाएगा।

छापेमारी टीम

इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली विशेष टीम में इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह, सहायक अवर निरीक्षक दुखीराम महतो, आरक्षी ओम प्रकाश यादव, आरक्षी अर्जुन कुमार एवं आरक्षी रविकांत सिंह शामिल थे। आगे की जाँच जारी है और पुलिस संभावित नेटवर्क का पर्दाफाश करने के करीब बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि आरोपी अकेला था या किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा। देशभर में धार्मिक स्थलों से प्राचीन मूर्तियों की चोरी और उनकी अंतरराष्ट्रीय तस्करी एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसमें अक्सर स्थानीय बिचौलिए और बड़े खरीदार शामिल होते हैं। ₹50 लाख की अनुमानित कीमत यह संकेत देती है कि इन प्रतिमाओं के लिए एक तैयार बाज़ार मौजूद था। पुलिस यदि इस नेटवर्क की जड़ तक नहीं पहुँची, तो गिरफ्तारी महज़ एक कड़ी को तोड़ने तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चतरा जैन मंदिर से कितनी और कैसी प्रतिमाएँ चोरी हुई थीं?
शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, इटखोरी से अष्टधातु की 24 तीर्थंकर प्रतिमाएँ चोरी हुई थीं, जो करीब 100 साल पुरानी बताई जाती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹50 लाख है।
प्रतिमाएँ कब और कैसे चोरी हुईं?
20 मई 2026 को संध्या आरती के बाद जब मंदिर में सूनापन था, तब आरोपी संदीप सिंह ने इस चोरी को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी नशे की लत का शिकार है और मौके का फायदा उठाकर प्रतिमाएँ ले गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन है और उसकी क्या योजना थी?
गिरफ्तार आरोपी मयूरहंड थाना क्षेत्र के साले गाँव निवासी संदीप सिंह है। पुलिस के अनुसार वह इन प्रतिमाओं को दिल्ली ले जाकर बेचने की योजना बना रहा था, परंतु विशेष छापेमारी टीम ने उसे पकड़ लिया।
इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
इटखोरी थाना में कांड संख्या 65/2026, धारा 305(डी) बीएनएस के तहत अज्ञात चोरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है।
क्या इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क की जाँच हो रही है?
हाँ, एसपी अनिमेष नैथानी के अनुसार पुलिस इस मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों और किसी बड़े तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता की गहन जाँच कर रही है। जाँच अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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