चतरा पुलिस ने बरामद कीं 100 साल पुरानी 24 तीर्थंकर प्रतिमाएँ, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के चतरा जिले में इटखोरी थाना पुलिस ने 21 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से चोरी गई करीब 100 साल पुरानी अष्टधातु की 24 तीर्थंकर प्रतिमाएँ बरामद कर लीं। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इन प्रतिमाओं की अनुमानित कीमत लगभग ₹50 लाख बताई जा रही है। इस मामले में मुख्य आरोपी को भी हिरासत में ले लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
20 मई 2026 को संध्या आरती के बाद जैन मंदिर से ये बहुमूल्य प्रतिमाएँ चोरी हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही इटखोरी थाना में अज्ञात चोरों के विरुद्ध कांड संख्या 65/2026, धारा 305(डी) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।
आरोपी की गिरफ्तारी और बरामदगी
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मयूरहंड थाना क्षेत्र के साले गाँव निवासी संदीप सिंह को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने जैन मंदिर से चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद उसकी निशानदेही पर अष्टधातु की 24 तीर्थंकर प्रतिमाएँ तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर जब्त कर ली गई।
आरोपी की मंशा और पृष्ठभूमि
चतरा एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि आरोपी संदीप सिंह नशे की लत का शिकार है। उसने संध्या आरती के बाद मंदिर में सूनापन देखकर इस चोरी को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, संदीप इन बेशकीमती प्रतिमाओं को दिल्ली ले जाकर बेचने की फिराक में था, परंतु विशेष टीम ने समय रहते उसे पकड़ लिया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में धार्मिक स्थलों से प्राचीन मूर्तियों की चोरी की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं।
जाँच का दायरा
एसपी नैथानी ने बताया कि पुलिस इस मामले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों तथा किसी बड़े तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता की गहन जाँच कर रही है। गौरतलब है कि अष्टधातु की प्राचीन प्रतिमाओं की अंतरराष्ट्रीय तस्करी एक संगठित अपराध का रूप ले चुकी है, और अधिकारियों के अनुसार इस कड़ी को पूरी तरह खंगाला जाएगा।
छापेमारी टीम
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली विशेष टीम में इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह, सहायक अवर निरीक्षक दुखीराम महतो, आरक्षी ओम प्रकाश यादव, आरक्षी अर्जुन कुमार एवं आरक्षी रविकांत सिंह शामिल थे। आगे की जाँच जारी है और पुलिस संभावित नेटवर्क का पर्दाफाश करने के करीब बताई जा रही है।