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नरसिंहपुर के नेमिनाथ जैन मंदिर में चोरी: सोने-चांदी के तीन छत्र और डीवीआर लेकर फरार हुए चोर

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नरसिंहपुर के नेमिनाथ जैन मंदिर में चोरी: सोने-चांदी के तीन छत्र और डीवीआर लेकर फरार हुए चोर

सारांश

नरसिंहपुर के नेमिनाथ जैन मंदिर में सुनियोजित चोरी — तीन छत्र, दो कैमरे तोड़े और डीवीआर भी उठा ले गए। चोरों ने सबूत मिटाने के लिए पास के स्कूल में भी सेंध लगाई। पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर जाँच शुरू की है।

मुख्य बातें

नरसिंहपुर के करकबेल स्थित नेमिनाथ जैन मंदिर में 7 जून 2026 की रात 1 बजे से 4 बजे के बीच चोरी हुई।
चोर सोने-चांदी के तीन छत्र और डीवीआर लेकर फरार हुए; मंदिर की सभी मूर्तियाँ सुरक्षित हैं।
चोरों ने दो सीसीटीवी कैमरे तोड़े और सबूत मिटाने के लिए पास के स्कूल में घुसकर वहाँ का डीवीआर भी चुराया।
भगवान पार्श्वनाथ और भगवान चंद्रप्रभु की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया गया।
एएसपी संदीप भुरिया ने स्वयं मौके का निरीक्षण किया; फिंगरप्रिंट टीम , डॉग स्क्वॉड और तकनीकी विशेषज्ञ जाँच में लगाए गए।

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करकबेल स्थित नेमिनाथ जैन मंदिर में 7 जून 2026 की मध्यरात्रि चोरों ने मूर्तियों पर लगे सोने-चांदी के तीन छत्र चुरा लिए और सीसीटीवी फुटेज मिटाने के लिए डीवीआर भी अपने साथ ले गए। पुलिस के अनुसार वारदात रात करीब 1 बजे से 4 बजे के बीच हुई और इसे कम से कम तीन से चार चोरों ने अंजाम दिया।

मुख्य घटनाक्रम

मंदिर समिति के सदस्य अभिषेक जैन ने बताया कि चोरों ने सबसे पहले मुख्य द्वार का ताला तोड़कर मंदिर परिसर में प्रवेश किया। वे सीधे मूर्तियों पर लगे छत्र और चरण चिह्नों तक पहुँचे और तीन छत्र चुरा ले गए। इसके अलावा उन्होंने भगवान पार्श्वनाथ और भगवान चंद्रप्रभु की प्रतिमाओं को भी क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया।

अभिषेक जैन के अनुसार पूरी वारदात को अंजाम देने में चोरों को अनुमानतः डेढ़ से दो घंटे का समय लगा। मंदिर में स्थापित सभी मूर्तियाँ सुरक्षित हैं।

सबूत मिटाने की सुनियोजित कोशिश

चोरों ने मंदिर में लगे दो सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और तीसरे को भी क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया। गर्भगृह में लगे कैमरे को लंबी वस्तु से नीचे गिराने की कोशिश की गई, परंतु वह पूरी तरह नष्ट नहीं हो सका।

जब चोरों को आशंका हुई कि कैमरों की रिकॉर्डिंग से उनकी पहचान हो सकती है, तब उन्होंने मंदिर के पास स्थित स्कूल को निशाना बनाया, जहाँ डीवीआर रखा गया था। चोरों ने स्कूल की जाली और दरवाजा तोड़कर डीवीआर चुरा लिया। स्कूल का डीवीआर भी इस वारदात में ले जाया गया।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संदीप भुरिया ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और सभी संभावित साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा के निर्देश पर विशेष जाँच टीमें गठित की गई हैं।

जाँच में फिंगरप्रिंट टीम, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है। एएसपी भुरिया ने बताया कि तकनीकी पहलुओं, खुफिया जानकारी और मानव स्रोतों के आधार पर मामले की जाँच की जा रही है। थाना प्रभारी और एसडीओपी को मामले की लगातार निगरानी करने तथा इसे उच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आम जनता से अपील

पुलिस ने स्थानीय निवासियों से सहयोग की अपील की है। यदि किसी को घटना से संबंधित कोई संदिग्ध गतिविधि या जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करने का अनुरोध किया गया है।

मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों का पुनर्मूल्यांकन भी किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि मामले का जल्द खुलासा होगा और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी सुरक्षा ढाँचे का पुनर्मूल्यांकन केवल घटना के बाद होता है — यह प्रतिक्रियात्मक नहीं, निवारक दृष्टिकोण की माँग करता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नरसिंहपुर के नेमिनाथ जैन मंदिर में क्या चोरी हुई?
चोर मूर्तियों पर लगे सोने-चांदी के तीन छत्र और मंदिर का डीवीआर लेकर फरार हुए। इसके अलावा उन्होंने दो सीसीटीवी कैमरे तोड़े और भगवान पार्श्वनाथ व भगवान चंद्रप्रभु की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया।
यह चोरी कब और कैसे हुई?
घटना 7 जून 2026 की रात करीब 1 बजे से 4 बजे के बीच हुई। मंदिर समिति के अनुसार कम से कम तीन से चार चोरों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश किया और पूरी वारदात को डेढ़ से दो घंटे में अंजाम दिया।
चोरों ने डीवीआर क्यों चुराया?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार चोरों ने पहचान के सबूत मिटाने के लिए डीवीआर चुराया। जब कैमरे पूरी तरह नष्ट नहीं हो सके, तब वे मंदिर के पास स्थित स्कूल में घुसे जहाँ डीवीआर रखा था और उसे भी उठा ले गए।
पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा के निर्देश पर विशेष जाँच टीमें गठित की गई हैं। एएसपी संदीप भुरिया ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और फिंगरप्रिंट टीम, डॉग स्क्वॉड तथा तकनीकी विशेषज्ञों को जाँच में लगाया गया है।
क्या मंदिर की मूर्तियाँ सुरक्षित हैं?
हाँ, पुलिस और मंदिर समिति दोनों ने पुष्टि की है कि मंदिर में स्थापित सभी मूर्तियाँ सुरक्षित हैं। हालाँकि भगवान पार्श्वनाथ और भगवान चंद्रप्रभु की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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