नोएडा: सिक्का कार्मिक ग्रीन सोसाइटी के मंदिर में चोरी, तांबे का नागदेव व पूजा सामग्री ले गए चोर
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-78 स्थित सिक्का कार्मिक ग्रीन सोसाइटी के मंदिर में 19 जून की देर रात अज्ञात चोरों ने सेंध लगाकर धार्मिक सामग्री चुरा ली। घटना थाना सेक्टर-113 क्षेत्र के अंतर्गत आती है और पूरी वारदात मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे दिया चोरी को अंजाम
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, रात करीब 2:31 बजे दो अज्ञात संदिग्ध मंदिर परिसर में दाखिल हुए। फुटेज में दोनों मंदिर के आसपास घूमते और वारदात की योजना बनाते नज़र आ रहे हैं। चोरों ने सर्वप्रथम मंदिर में रखे दान पात्र को निशाना बनाया और उसे तोड़कर नकदी निकालने का प्रयास किया।
करीब 12 मिनट तक लगातार कोशिश के बाद भी दान पात्र मज़बूत होने के कारण वे उसे तोड़ने में नाकाम रहे। इसके बाद दोनों संदिग्ध मंदिर के भीतर घुसे और एक अलमारी का ताला तोड़कर वहाँ रखी धार्मिक सामग्री चुरा ली।
चोरी हुई सामग्री
पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, चोरों ने जो सामान उठाया उसमें शिवलिंग पर स्थापित तांबे का नागदेव, पूजा में इस्तेमाल होने वाली घंटी, बड़ा दीपक, अखंड ज्योत का दीपक, तांबे के लोटे, पीतल के दीपक तथा अन्य धार्मिक एवं पूजा सामग्री शामिल है। वारदात के बाद दोनों आरोपी मंदिर की खिड़की से कूदकर मौके से फरार हो गए।
सुबह हुआ खुलासा
शुक्रवार सुबह जब मंदिर के पुजारी नियमित पूजा-अर्चना के लिए पहुँचे, तो उन्हें मंदिर का दरवाज़ा खुला और अंदर सामान बिखरा हुआ मिला। स्थिति देखकर उन्होंने तत्काल सोसाइटी के पदाधिकारियों और निवासियों को सूचित किया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्र हो गए। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज की जाँच की गई, जिसमें चोरी की पूरी घटना सामने आई।
पुलिस की कार्रवाई
पुजारी ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह घटना नोएडा की हाई-राइज़ सोसाइटियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े करती है। निवासी संगठनों से मंदिर परिसरों में सुरक्षा बढ़ाने की माँग उठने की संभावना है।