22 सितंबर 2026
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मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीद को मंजूरी, 2037 तक की मांग होगी पूरी

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मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीद को मंजूरी, 2037 तक की मांग होगी पूरी

सारांश

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने एक साथ कई बड़े फैसले किए — 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीद, 14,981 बसों वाली सुगम परिवहन योजना, और इंदौर-जबलपुर औद्योगिक कॉरिडोर। ये निर्णय 2037 तक की बिजली जरूरतों और 20 साल पुरानी परिवहन खाई को पाटने की कोशिश हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने का निर्णय लिया गया, जो 2037 तक की माँग पूरी करेगा।
25 सितंबर 2026 को भोपाल से 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना' शुरू होगी; केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के शामिल होने की संभावना।
पहले दिन 350 बसें , मार्च तक 1,000 और 2030-31 तक 14,981 बसों का लक्ष्य।
प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 2002-03 के 15% से घटकर अब शून्य प्रतिशत हो गई।
इंदौर-भोपाल और भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड हाई-वे के साथ चार औद्योगिक क्षेत्र और एक स्किल सिटी विकसित होगी।

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 22 सितंबर 2026 को 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने का निर्णय लिया है, जिससे राज्य की बढ़ती बिजली जरूरतों को वर्ष 2037 तक पूरा किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के फैसलों की जानकारी कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने संवाददाताओं को दी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब राज्य में तेज़ी से बढ़ते औद्योगिक विकास और जनसंख्या वृद्धि के कारण विद्युत माँग लगातार ऊपर जा रही है।

बिजली खरीद का निर्णय और इसकी पृष्ठभूमि

कैबिनेट मंत्री कश्यप ने बताया कि मध्य प्रदेश में औद्योगिक विस्तार और शहरीकरण की रफ़्तार के साथ विद्युत की माँग में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। राज्य सरकार इस माँग के अनुरूप पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 2,800 मेगावाट थर्मल पावर की यह खरीद वर्ष 2037 तक की अनुमानित माँग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना का शुभारंभ

कैबिनेट बैठक में परिवहन व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर भी अहम फैसला हुआ। 25 सितंबर 2026 को भोपाल से 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना' का शुभारंभ होगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के शामिल होने की संभावना है। उसी दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश रोडवेज के बंद होने के बाद पिछले 20 वर्षों से यात्री परिवहन की प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही थी।

इस योजना के तहत मार्च 2027 तक 1,000 बसों को अनुबंध के ज़रिये परिवहन व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, जबकि वर्ष 2030-31 तक पूरे प्रदेश में 14,981 बसों का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अंतर्गत निजी बस ऑपरेटरों की बसें इस्तेमाल होंगी और इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। GPS, CCTV और ऑनलाइन ट्रैकिंग से यात्री सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। PPP मॉडल पर सात आधुनिक बस टर्मिनल विकसित होंगे और गाँवों को रेलवे स्टेशनों से जोड़ा जाएगा। मंत्री कश्यप ने इसे देश में अपनी तरह का एक अभिनव मॉडल बताया, जिसमें सरकार स्वयं बसें नहीं खरीदेगी, बल्कि सुविधा उपलब्ध कराने और मॉनिटरिंग की ज़िम्मेदारी निभाएगी।

स्कूली शिक्षा में उपलब्धि

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2002-03 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 15 प्रतिशत थी, जो अब घटकर शून्य प्रतिशत हो गई है। यह उपलब्धि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में राज्य की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इंदौर-भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड हाई-वे और औद्योगिक कॉरिडोर

कैबिनेट मंत्री कश्यप के अनुसार, इंदौर से भोपाल और भोपाल से जबलपुर तक ग्रीनफील्ड हाई-वे का निर्माण किया जा रहा है। इंदौर से जबलपुर के बीच एक औद्योगिक कॉरिडोर भी विकसित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत चार स्थानों पर बड़े औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाएंगे। इसके साथ ही स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी स्किल सिटी विकसित करने की दिशा में भी काम शुरू होगा। ये परियोजनाएँ मध्य प्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति का आधार बनने की संभावना रखती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

800 मेगावाट थर्मल पावर की यह खरीद राज्य की बढ़ती माँग के प्रति सरकार की तात्कालिक प्रतिक्रिया है, लेकिन सवाल यह है कि नवीकरणीय ऊर्जा की ओर राष्ट्रीय बदलाव के बीच थर्मल पर यह दीर्घकालिक दाँव कितना टिकाऊ होगा। सुगम परिवहन योजना का PPP मॉडल अभिनव ज़रूर है, पर 20 साल की परिवहन रिक्तता को भरने के लिए 14,981 बसों का लक्ष्य तभी अर्थपूर्ण होगा जब निजी ऑपरेटरों की जवाबदेही सुनिश्चित हो। ड्रॉपआउट दर शून्य करने की उपलब्धि सराहनीय है, किंतु गुणवत्ता और सीखने के स्तर के स्वतंत्र मूल्यांकन के बिना यह आँकड़ा अधूरी कहानी कहता है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 2,800 मेगावाट बिजली खरीद का फैसला क्यों किया?
राज्य में तेज़ी से बढ़ते औद्योगिक विकास और जनसंख्या वृद्धि के कारण विद्युत माँग लगातार बढ़ रही है। कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप के अनुसार, यह खरीद वर्ष 2037 तक की अनुमानित माँग को पूरा करने के लिए की जा रही है।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना क्या है और यह कब शुरू होगी?
यह मध्य प्रदेश सरकार की नई बस परिवहन योजना है जो 25 सितंबर 2026 को भोपाल से शुरू होगी। इसमें निजी बस ऑपरेटरों की बसें PPP मॉडल पर चलेंगी, इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता मिलेगी और 2030-31 तक 14,981 बसों का लक्ष्य है।
सुगम परिवहन योजना में यात्री सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
योजना के तहत GPS, CCTV और ऑनलाइन ट्रैकिंग के माध्यम से यात्री सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही PPP मॉडल पर सात आधुनिक बस टर्मिनल विकसित किए जाएंगे।
मध्य प्रदेश में इंदौर-जबलपुर औद्योगिक कॉरिडोर क्या है?
इंदौर से भोपाल और भोपाल से जबलपुर तक ग्रीनफील्ड हाई-वे के किनारे एक औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत चार स्थानों पर बड़े औद्योगिक क्षेत्र और एक स्किल सिटी बनाई जाएगी।
मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा ड्रॉपआउट दर शून्य कैसे हुई?
कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप के अनुसार, वर्ष 2002-03 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 15 प्रतिशत थी जो अब घटकर शून्य हो गई है। सरकार ने इसे प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का परिणाम बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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