मध्य प्रदेश में ट्रांसफर अवधि एक दिन बढ़ी, मोहन कैबिनेट का फैसला; इंदौर मेट्रो को ₹5,400 करोड़ की मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले की समय सीमा में मोहन कैबिनेट ने 16 जून 2025 को एक दिन की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। अब राज्य में ट्रांसफर की प्रक्रिया मंगलवार, 16 जून की रात 12 बजे तक पूरी की जा सकेगी। यह फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
तबादला अवधि क्यों बढ़ाई गई
राज्य सरकार की तबादला नीति के तहत 1 जून से 15 जून तक की समय सीमा तय की गई थी। हालाँकि, कई ऐसे विभाग जिनमें कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या अधिक है, वहाँ तबादला आवेदन समय पर कंप्यूटर प्रणाली पर अपलोड नहीं हो सके। इसी तकनीकी और प्रशासनिक बाधा को देखते हुए कैबिनेट ने समय सीमा में एक दिन का विस्तार करने का निर्णय लिया।
मंत्री चेतन कश्यप का बयान
राज्य सरकार के मंत्री चेतन कश्यप ने कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि कुछ विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण उनके आवेदन निर्धारित समय में अपलोड नहीं हो पाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 16 जून की मध्यरात्रि 12 बजे से पहले तक आवेदन जमा किए जा सकेंगे।
इंदौर मेट्रो परियोजना को ₹5,400 करोड़ की अतिरिक्त मंजूरी
इसी कैबिनेट बैठक में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। मंत्री कश्यप ने बताया कि स्थानीय आवश्यकताओं और जन प्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर परियोजना में कई बदलाव किए गए हैं, जिसके कारण लागत में वृद्धि हुई है। कैबिनेट ने लगभग ₹5,400 करोड़ की अतिरिक्त राशि को मंजूरी दी है।
इन बदलावों के बाद इंदौर मेट्रो का विस्तार बढ़कर 31 किलोमीटर हो गया है और यह परियोजना 2030-31 तक पूरी तरह परिचालन में आने की उम्मीद है।
आम कर्मचारियों पर असर
यह एक दिन की राहत उन हजारों सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण है जो तकनीकी कारणों से समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में तबादला नीति हर साल जून में लागू होती है और इसके तहत बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण होते हैं।
आगे क्या होगा
16 जून की मध्यरात्रि के बाद तबादला प्रक्रिया औपचारिक रूप से बंद हो जाएगी और संबंधित विभाग आवेदनों की समीक्षा कर अंतिम आदेश जारी करेंगे। इंदौर मेट्रो परियोजना के संशोधित खाके के अनुसार अब अगला चरण विस्तृत क्रियान्वयन योजना तैयार करने का होगा।