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मध्य प्रदेश में ट्रांसफर अवधि एक दिन बढ़ी, मोहन कैबिनेट का फैसला; इंदौर मेट्रो को ₹5,400 करोड़ की मंजूरी

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मध्य प्रदेश में ट्रांसफर अवधि एक दिन बढ़ी, मोहन कैबिनेट का फैसला; इंदौर मेट्रो को ₹5,400 करोड़ की मंजूरी

सारांश

मोहन कैबिनेट ने तकनीकी बाधाओं के चलते मध्य प्रदेश में तबादला अवधि एक दिन बढ़ाकर 16 जून की रात 12 बजे तक कर दी है। साथ ही इंदौर मेट्रो परियोजना को ₹5,400 करोड़ की अतिरिक्त मंजूरी मिली — अब 31 किलोमीटर का नेटवर्क 2030-31 तक चालू होगा।

मुख्य बातें

मोहन कैबिनेट ने 16 जून 2025 को मध्य प्रदेश में तबादला अवधि एक दिन बढ़ाने का फैसला किया।
अब ट्रांसफर आवेदन 16 जून की रात 12 बजे तक जमा किए जा सकेंगे, पहले समय सीमा 15 जून थी।
कई विभागों में कर्मचारियों के आवेदन कंप्यूटर प्रणाली पर समय पर अपलोड न हो पाने के कारण यह निर्णय लिया गया।
इंदौर मेट्रो परियोजना के लिए कैबिनेट ने लगभग ₹5,400 करोड़ की अतिरिक्त राशि मंजूर की।
इंदौर मेट्रो अब 31 किलोमीटर लंबी होगी और 2030-31 तक पूरी तरह परिचालन में आएगी।

मध्य प्रदेश में कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले की समय सीमा में मोहन कैबिनेट ने 16 जून 2025 को एक दिन की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। अब राज्य में ट्रांसफर की प्रक्रिया मंगलवार, 16 जून की रात 12 बजे तक पूरी की जा सकेगी। यह फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।

तबादला अवधि क्यों बढ़ाई गई

राज्य सरकार की तबादला नीति के तहत 1 जून से 15 जून तक की समय सीमा तय की गई थी। हालाँकि, कई ऐसे विभाग जिनमें कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या अधिक है, वहाँ तबादला आवेदन समय पर कंप्यूटर प्रणाली पर अपलोड नहीं हो सके। इसी तकनीकी और प्रशासनिक बाधा को देखते हुए कैबिनेट ने समय सीमा में एक दिन का विस्तार करने का निर्णय लिया।

मंत्री चेतन कश्यप का बयान

राज्य सरकार के मंत्री चेतन कश्यप ने कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि कुछ विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण उनके आवेदन निर्धारित समय में अपलोड नहीं हो पाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 16 जून की मध्यरात्रि 12 बजे से पहले तक आवेदन जमा किए जा सकेंगे।

इंदौर मेट्रो परियोजना को ₹5,400 करोड़ की अतिरिक्त मंजूरी

इसी कैबिनेट बैठक में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। मंत्री कश्यप ने बताया कि स्थानीय आवश्यकताओं और जन प्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर परियोजना में कई बदलाव किए गए हैं, जिसके कारण लागत में वृद्धि हुई है। कैबिनेट ने लगभग ₹5,400 करोड़ की अतिरिक्त राशि को मंजूरी दी है।

इन बदलावों के बाद इंदौर मेट्रो का विस्तार बढ़कर 31 किलोमीटर हो गया है और यह परियोजना 2030-31 तक पूरी तरह परिचालन में आने की उम्मीद है।

आम कर्मचारियों पर असर

यह एक दिन की राहत उन हजारों सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण है जो तकनीकी कारणों से समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में तबादला नीति हर साल जून में लागू होती है और इसके तहत बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण होते हैं।

आगे क्या होगा

16 जून की मध्यरात्रि के बाद तबादला प्रक्रिया औपचारिक रूप से बंद हो जाएगी और संबंधित विभाग आवेदनों की समीक्षा कर अंतिम आदेश जारी करेंगे। इंदौर मेट्रो परियोजना के संशोधित खाके के अनुसार अब अगला चरण विस्तृत क्रियान्वयन योजना तैयार करने का होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो ऑनलाइन तबादला प्रणाली की व्यावहारिकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इंदौर मेट्रो को ₹5,400 करोड़ की अतिरिक्त मंजूरी स्थानीय सुझावों के नाम पर लागत-विस्तार का एक और उदाहरण है, जो बड़े बुनियादी ढाँचे की परियोजनाओं में आम होता जा रहा है। असली परीक्षा यह होगी कि 2030-31 की समय सीमा और संशोधित बजट पर क्रियान्वयन कितना सटीक रहता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में ट्रांसफर अवधि क्यों बढ़ाई गई?
कई सरकारी विभागों में कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या अधिक होने के कारण उनके तबादला आवेदन कंप्यूटर प्रणाली पर समय पर अपलोड नहीं हो सके। इसी तकनीकी और प्रशासनिक कारण से मोहन कैबिनेट ने 16 जून की रात 12 बजे तक की राहत दी है।
मध्य प्रदेश में ट्रांसफर की नई समय सीमा क्या है?
कैबिनेट के फैसले के बाद अब ट्रांसफर आवेदन 16 जून 2025 की मध्यरात्रि 12 बजे तक जमा किए जा सकेंगे। पहले यह समय सीमा 15 जून तक निर्धारित थी।
इंदौर मेट्रो परियोजना में क्या बदलाव हुए हैं?
स्थानीय जरूरतों और जन प्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर परियोजना में बदलाव किए गए हैं, जिससे लागत बढ़ी है। कैबिनेट ने लगभग ₹5,400 करोड़ की अतिरिक्त राशि मंजूर की है और मेट्रो का नेटवर्क अब 31 किलोमीटर हो गया है।
इंदौर मेट्रो कब तक चालू होगी?
संशोधित योजना के अनुसार इंदौर मेट्रो 2030-31 तक पूरी तरह परिचालन में आ जाएगी। परियोजना में किए गए बदलावों के बाद इसकी कुल लंबाई 31 किलोमीटर हो गई है।
मोहन कैबिनेट की बैठक में और क्या फैसले हुए?
16 जून 2025 को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्य रूप से दो फैसले लिए गए — तबादला अवधि में एक दिन की वृद्धि और इंदौर मेट्रो परियोजना के लिए ₹5,400 करोड़ की अतिरिक्त राशि की मंजूरी।
राष्ट्र प्रेस
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