इंदौर मेट्रो को ₹5,388 करोड़ की अतिरिक्त मंजूरी, कुल लागत ₹12,889 करोड़; MP कैबिनेट के बड़े फैसले
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 16 जून 2026 को भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सबसे बड़ा फैसला इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के लिए ₹5,388 करोड़ की अतिरिक्त राशि को मंजूरी देने का रहा, जिससे परियोजना की कुल लागत बढ़कर लगभग ₹12,889 करोड़ हो गई है।
इंदौर मेट्रो: संशोधित लागत और समयसीमा
संशोधित रूट, कुछ भूमिगत खंडों के निर्माण और समय के साथ बढ़ी निर्माण लागत के कारण कैबिनेट ने ₹5,388 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की। 31 किलोमीटर लंबी यह मेट्रो परियोजना 2030-31 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है। यह इंदौर जैसे तेज़ी से बढ़ते महानगर के लिए सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक निर्णायक निवेश है।
भोपाल में साइबर सुरक्षा केंद्र की स्थापना
कैबिनेट ने भोपाल में एक साइबर सिक्योरिटी सेंटर स्थापित करने की घोषणा को मंजूरी दी। इस केंद्र का उद्देश्य जागरूकता कार्यक्रमों, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकी ढाँचे के ज़रिए नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब देशभर में ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा उल्लंघन की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में पीपीपी मॉडल और नई नीति
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (20 से अधिक बेड वाले) के संचालन हेतु सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल का पायलट प्रोजेक्ट स्वीकृत किया। यह योजना रीवा, देवास और गुना जिलों में लागू होगी। इस व्यवस्था के तहत निजी ऑपरेटर विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध कराएंगे, जबकि राज्य सरकार दवाओं की आपूर्ति करेगी और अस्पतालों का स्वामित्व अपने पास रखेगी।
इसके अतिरिक्त, एक नई नीति को भी मंजूरी मिली, जिसके अंतर्गत धर्मार्थ ट्रस्ट, धार्मिक संस्थाओं और CSR फंड के माध्यम से सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना को प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार इसके लिए भूमि और पूंजीगत अनुदान देगी। इन दिशानिर्देशों को तैयार करने के लिए एक पाँच सदस्यीय मंत्री समिति गठित की गई है।
कल्याण योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी
कैबिनेट ने ₹24,200 करोड़ की योजनाओं को जारी रखने की स्वीकृति दी। इनमें प्रोजेक्ट टाइगर, श्रमिक कल्याण योजनाएँ, आदिवासी छात्रों की शिक्षा के लिए ₹687 करोड़ और रेशम उत्पादन (सेरीकल्चर) को बढ़ावा देने के लिए ₹639 करोड़ शामिल हैं। इसके अलावा, कर्मचारियों के ट्रांसफर पोर्टल की समय सीमा को एक दिन बढ़ाकर मध्यरात्रि तक कर दिया गया है।
राष्ट्रीय उपलब्धियाँ और आगे की राह
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्ष और 4,399 दिन के कार्यकाल पूरा होने पर बधाई दी। उन्होंने नीति आयोग की हालिया बैठक का भी उल्लेख किया, जिसमें मध्य प्रदेश को समय से पहले नक्सल मुक्त बनने पर विशेष सराहना मिली। आयुष्मान भारत योजना के सफल क्रियान्वयन और राज्य में तेज़ी से हो रहे औद्योगिकीकरण की भी प्रशंसा की गई। इंदौर मेट्रो की समयबद्ध प्रगति और स्वास्थ्य क्षेत्र की नई पहलें यह संकेत देती हैं कि राज्य सरकार शहरी विकास और सामाजिक सेवाओं को एक साथ प्राथमिकता देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।