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वीरता पदक विजेता सैनिकों को आजीवन रेल यात्रा सुविधा, रक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी

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वीरता पदक विजेता सैनिकों को आजीवन रेल यात्रा सुविधा, रक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी

सारांश

रक्षा मंत्रालय ने वीरता पदक विजेता सैनिकों और उनके परिवारों को भारतीय रेल में आजीवन यात्रा का अधिकार दिया है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और 1 नवंबर 2026 से टिकट बुकिंग शुरू होगी — यह केवल रियायत नहीं, बल्कि राष्ट्र की ओर से उन वीरों को स्थायी सम्मान है जिन्होंने सर्वस्व अर्पित किया।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्रालय ने सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक (वीरता) विजेताओं को भारतीय रेल में आजीवन यात्रा सुविधा देने की मंजूरी दी।
यह सुविधा सैनिक के जीवनसाथी को भी मिलेगी; विधवा या विधुर के मामले में पुनर्विवाह तक जारी रहेगी।
अविवाहित सैनिक को मरणोपरांत पुरस्कार मिलने पर उनके माता-पिता भी इस सुविधा के पात्र होंगे।
यात्रा की अनुमति प्रथम श्रेणी, द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी और एसी चेयर कार में होगी।
पूरी प्रक्रिया डिजिटल और कागज रहित ; भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य।
इलेक्ट्रॉनिक पास के आधार पर टिकट बुकिंग 1 नवंबर 2026 से आईआरसीसीपी वेब पोर्टल पर शुरू होगी।

रक्षा मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण निर्णय में सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित सैनिकों को भारतीय रेल में आजीवन निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने को मंजूरी दी। यह सुविधा न केवल पुरस्कार विजेता सैनिकों को, बल्कि उनके जीवनसाथी को भी प्राप्त होगी — विधवा या विधुर की स्थिति में यह लाभ पुनर्विवाह तक जारी रहेगा।

किन्हें मिलेगा लाभ

इस पहल के दायरे में वे माता-पिता भी शामिल किए गए हैं, जिनके अविवाहित पुत्र या पुत्री को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया हो। पात्र लाभार्थी भारतीय रेल की प्रथम श्रेणी, द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी और एसी चेयर कार में यात्रा कर सकेंगे। इस प्रकार यह सुविधा सैनिक और उसके परिवार — दोनों को समान रूप से सम्मानित करती है।

डिजिटल और कागज रहित प्रक्रिया

रक्षा मंत्रालय ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और कागज रहित बनाया है ताकि पात्र लाभार्थियों को अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिले। पात्र सैनिकों और उनके परिवारों को भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। सत्यापन और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक यात्रा पास ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।

इन इलेक्ट्रॉनिक पास के आधार पर टिकट बुकिंग की सुविधा 1 नवंबर 2026 से भारतीय रेलवे के आईआरसीसीपी वेब पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध होगी। यह व्यवस्था पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी और दूरदराज के क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के परिवारों के लिए भी सुलभ रहेगी।

सरकार की प्रतिबद्धता और विशेषज्ञों की राय

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल महज रेल रियायत नहीं है — यह उन सैनिकों के असाधारण साहस और बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने का प्रतीकात्मक कदम है। उनके अनुसार, वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों ने देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, और कई ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान भी दिया है।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब सशस्त्र बलों के कल्याण को लेकर नीतिगत चर्चाएँ तेज हो रही हैं। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि डिजिटल व्यवस्था से पात्र परिवारों तक लाभ की पहुँच सुनिश्चित होगी, जो पहले कागजी प्रक्रियाओं में उलझ जाते थे।

आम जनता और सैनिक परिवारों पर असर

इस निर्णय से देशभर के उन हज़ारों सैनिक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा, जिन्होंने वीरता पुरस्कार प्राप्त किया है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए यह सुविधा आर्थिक राहत के साथ-साथ सामाजिक सम्मान का प्रतीक भी बनेगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह पहल सैनिकों की गरिमा और उनके परिवारों के त्याग को स्थायी रूप से रेखांकित करती है।

आगे क्या होगा

पंजीकरण प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू होने की संभावना है, जबकि टिकट बुकिंग की सुविधा 1 नवंबर 2026 से सक्रिय होगी। रक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है कि भविष्य में इस योजना के दायरे को और विस्तारित किया जा सकता है। यह कदम सैनिक कल्याण नीति में एक नई दिशा का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परिणति व्यावहारिक होगी — बशर्ते डिजिटल पोर्टल दूरदराज़ के ज़िलों में तैनात सैनिकों के परिवारों तक वास्तव में पहुँचे। सरकारी कल्याण योजनाओं की पुरानी समस्या यही रही है कि घोषणाएँ बड़ी होती हैं, लेकिन अंतिम लाभार्थी तक पहुँच अधूरी रहती है। रक्षा मंत्रालय ने प्रक्रिया को कागज रहित बनाकर सही दिशा में कदम उठाया है, पर यह सुनिश्चित करना होगा कि पंजीकरण और सत्यापन में नौकरशाही की देरी न हो। असली कसौटी 1 नवंबर 2026 के बाद के पहले छह महीनों में होगी — जब पता चलेगा कि पात्र परिवार वास्तव में इस सुविधा का लाभ उठा पा रहे हैं या नहीं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीरता पदक विजेता सैनिकों को रेल यात्रा सुविधा कब से मिलेगी?
इलेक्ट्रॉनिक पास के आधार पर टिकट बुकिंग की सुविधा 1 नवंबर 2026 से भारतीय रेलवे के आईआरसीसीपी वेब पोर्टल के माध्यम से शुरू होगी। पंजीकरण प्रक्रिया भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल पर पहले से शुरू की जा सकती है।
इस रेल सुविधा के लिए कौन-कौन पात्र हैं?
सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित सैनिक और उनके जीवनसाथी इस सुविधा के पात्र हैं। विधवा या विधुर की स्थिति में यह लाभ पुनर्विवाह तक जारी रहेगा। अविवाहित सैनिक को मरणोपरांत पुरस्कार मिलने पर उनके माता-पिता भी पात्र होंगे।
किन रेल श्रेणियों में यात्रा की अनुमति होगी?
पात्र लाभार्थी भारतीय रेल की प्रथम श्रेणी, द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी और एसी चेयर कार में यात्रा कर सकेंगे। यह सुविधा आजीवन और निःशुल्क होगी।
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए क्या करना होगा?
पात्र लाभार्थियों को भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। सत्यापन और प्रमाणीकरण के बाद इलेक्ट्रॉनिक यात्रा पास जारी किए जाएंगे, जिनके आधार पर 1 नवंबर 2026 से टिकट बुक की जा सकेगी।
रक्षा मंत्रालय ने यह सुविधा क्यों शुरू की?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह पहल उन सैनिकों के असाधारण साहस, सेवा और बलिदान को सम्मान देने के लिए है जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल रियायत नहीं, बल्कि सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने का प्रतीकात्मक कदम है।
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