16 सितंबर 2026
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केरल कैबिनेट ने 'सरल केरलम' को दी मंजूरी, 19 कानूनों में संशोधन से निवेश प्रक्रिया होगी सरल

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केरल कैबिनेट ने 'सरल केरलम' को दी मंजूरी, 19 कानूनों में संशोधन से निवेश प्रक्रिया होगी सरल

सारांश

केरल सरकार ने 'सरल केरलम' के ज़रिये निवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है — 19 कानूनों में संशोधन, KSIDC की अगुआई में एकल समन्वय तंत्र, और सात साल से लंबित फाइलों को रोकने की पहल। यह दक्षिण भारत में निवेश स्पर्धा के बीच केरल का नया दांव है।

मुख्य बातें

केरल कैबिनेट ने 16 सितंबर 2026 को 'सरल केरलम' पहल को मंजूरी दी।
निवेशक-अनुकूल प्रणाली के लिए 19 कानूनों में संशोधन होगा; समन्वय KSIDC करेगा।
₹25 करोड़ से ₹50 करोड़ तक के प्रस्तावों की जाँच जिला स्तर पर, ₹50 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव राज्य स्तर पर।
कुछ निवेश प्रस्ताव 7 वर्षों से अधिक समय से लंबित थे; नई व्यवस्था से फाइलें अटकने से रोकी जाएँगी।
बिजली संकट की तत्काल कमी एक सप्ताह में दूर होगी; KSEB निजीकरण की अटकलें खारिज।
कोच्चि में केंद्र के खर्च पर दो NIA अदालतें स्थापित होंगी।

केरल मंत्रिमंडल ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को 'सरल केरलम' पहल को औपचारिक मंजूरी दे दी, जिसका मकसद विभिन्न विभागों में अनुमोदन की प्रक्रिया को एकीकृत करके निवेश मंजूरियों में होने वाली देरी को खत्म करना है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशान ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को बताया कि इस व्यवस्था को निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए 19 मौजूदा कानूनों में संशोधन किया जाएगा।

सरल केरलम: क्या है यह पहल

सरकार का उद्देश्य नए निवेशों के लिए 'एक राज्य, एक अनुमोदन और एक निकाय' का ढाँचा स्थापित करना है। इसके तहत निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे — बल्कि सभी अनुमोदन एक समन्वित तंत्र के ज़रिये दिए जाएँगे।

₹25 करोड़ से ₹50 करोड़ तक के निवेश प्रस्तावों की जाँच जिला स्तरीय निकाय द्वारा की जाएगी, जबकि ₹50 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों का निपटारा राज्य स्तरीय निकाय करेगा। इस पूरी व्यवस्था का समन्वय केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (KSIDC) के हाथों में रहेगा।

मौजूदा विभागों की भूमिका और प्रक्रिया सुधार

मुख्यमंत्री सतीशान ने स्पष्ट किया कि मौजूदा सरकारी विभागों को इस नई व्यवस्था में हाशिये पर नहीं धकेला जाएगा। वे अपनी ज़िम्मेदारियाँ पहले की तरह निभाते रहेंगे, लेकिन पूरी प्रक्रिया को इस तरह सुव्यवस्थित किया जाएगा कि फाइलें वर्षों तक लंबित न रहें।

उन्होंने यह भी बताया कि कुछ निवेश प्रस्ताव सात वर्षों से भी अधिक समय से अटके पड़े थे। यह निर्णय विभिन्न विभागों से व्यापक परामर्श के बाद लिया गया है।

रिपोर्टर टीवी तलाशी और मेस्सी धोखाधड़ी मामला

बुधवार सुबह रिपोर्टर टीवी के कार्यालय में पुलिस की तलाशी को लेकर उठे विवाद पर मुख्यमंत्री सतीशान ने कहा कि चैनल का कामकाज नहीं रुका है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी स्वयं चैनल से मिली। सतीशान के अनुसार, यह तलाशी मेस्सी से जुड़े धोखाधड़ी मामले की जाँच के लिए गठित एसआईटी (SIT) की कार्रवाई का हिस्सा थी, जिसे अदालत की अनुमति प्राप्त थी।

विपक्ष के नेता पिनारयी विजयन की आलोचना का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सतीशान ने पिछली वामपंथी सरकार के कार्यकाल में मंगलम टीवी, एशियनेट और मरुनादन के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाइयों का उल्लेख किया और कहा कि वर्तमान कदम कानून के अनुसार है।

बिजली संकट और नवीकरणीय ऊर्जा नीति

बिजली संकट पर मुख्यमंत्री सतीशान ने कहा कि तत्काल कमी को एक सप्ताह के भीतर दूर कर लिया जाएगा। सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष ज़ोर देते हुए दीर्घकालिक बिजली नीति पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि केरल अक्टूबर से अगले मानसून तक के लिए बिजली खरीद समझौतों में प्रवेश करेगा।

सतीशान ने कर्नाटक की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि केरल ने इस क्षेत्र का पर्याप्त उपयोग नहीं किया है और सरकार 'कर्नाटक मॉडल' का अध्ययन करेगी। साथ ही उन्होंने केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) के निजीकरण की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया।

अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएँ

मुख्यमंत्री सतीशान ने बताया कि केंद्र सरकार के खर्च पर कोच्चि में दो राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) अदालतें स्थापित की जाएँगी। पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की बेटी के आवास से एक डेयरी जब्त किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि परिवार से विरोधाभासी बयान सामने आए हैं और सरकार इस पर कुछ नहीं कहना चाहती।

योजना बोर्ड परीक्षा मामले में PSC सदस्यों से अपराध शाखा की पूछताछ पर सतीशान ने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और PSC अध्यक्ष व सदस्यों को जाँचकर्ताओं के सामने पेश होने से मना करने का कोई विशेषाधिकार नहीं है। गौरतलब है कि 'सरल केरलम' ऐसे समय में आया है जब केरल निवेश आकर्षण में अन्य दक्षिणी राज्यों — विशेषकर तमिलनाडु और तेलंगाना — से पिछड़ने की चुनौती से जूझ रहा है। इस पहल की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि 19 कानूनों में संशोधन विधानसभा में कितनी शीघ्रता से पारित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन चुनौती पुरानी — केरल में निवेश प्रस्तावों का वर्षों तक अटकना एक ज्ञात समस्या रही है जिसे पिछली सरकारों ने भी सुलझाने का दावा किया था। असली परीक्षण यह है कि 19 कानूनों में संशोधन विधानसभा में समय पर पारित हो और KSIDC को वास्तविक निर्णय-अधिकार मिले, न कि महज कागजी समन्वय की भूमिका। तमिलनाडु और तेलंगाना ने एकल-खिड़की व्यवस्था में जो बढ़त बनाई है, उसे पाटने के लिए केरल को क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता दोनों साबित करनी होगी — घोषणाओं से नहीं, मंजूरियों की औसत समय-सीमा से।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'सरल केरलम' पहल क्या है?
'सरल केरलम' केरल सरकार की एक नई निवेश सुधार पहल है जिसे 16 सितंबर 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसका उद्देश्य विभागों में अनुमोदन के समन्वय के लिए एकल तंत्र बनाकर निवेश मंजूरियों में होने वाली देरी को कम करना है, जिसके लिए 19 कानूनों में संशोधन किया जाएगा।
सरल केरलम में निवेश प्रस्तावों का निपटारा कैसे होगा?
₹25 करोड़ से ₹50 करोड़ तक के निवेश प्रस्तावों की जाँच जिला स्तरीय निकाय करेगा, जबकि ₹50 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों का निपटारा राज्य स्तरीय निकाय द्वारा किया जाएगा। पूरी व्यवस्था का समन्वय KSIDC के हाथों में होगा।
क्या इस बदलाव से मौजूदा सरकारी विभाग समाप्त हो जाएँगे?
नहीं। मुख्यमंत्री वीडी सतीशान ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा विभाग अपनी ज़िम्मेदारियाँ पहले की तरह निभाते रहेंगे। केवल प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाएगा ताकि निवेशकों को अनावश्यक देरी न झेलनी पड़े।
केरल के बिजली संकट पर सरकार क्या कदम उठा रही है?
मुख्यमंत्री सतीशान ने कहा कि बिजली की तत्काल कमी एक सप्ताह के भीतर दूर की जाएगी। दीर्घकालिक समाधान के तौर पर नवीकरणीय ऊर्जा पर ज़ोर दिया जाएगा और केरल अक्टूबर से अगले मानसून तक बिजली खरीद समझौतों में प्रवेश करेगा। KSEB के निजीकरण की अटकलों को सरकार ने खारिज किया है।
रिपोर्टर टीवी पर पुलिस तलाशी क्यों हुई?
मुख्यमंत्री सतीशान के अनुसार, यह तलाशी मेस्सी से जुड़े धोखाधड़ी मामले की जाँच के लिए गठित SIT की कार्रवाई का हिस्सा थी, जिसे अदालत की अनुमति प्राप्त थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चैनल का कामकाज इस दौरान नहीं रुका।
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