केरल विजिलेंस मैनुअल 2025: 24 साल बाद बड़ा बदलाव, डिजिटल भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति पर होगी कड़ी नज़र
सारांश
मुख्य बातें
केरल सरकार ने 8 जुलाई 2025 को तिरुवनंतपुरम में संशोधित विजिलेंस मैनुअल जारी किया — वर्ष 2002 के बाद पहली बार इस दस्तावेज़ में व्यापक फेरबदल किया गया है। विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) की कार्यप्रणाली को डिजिटल युग के अनुरूप ढालने, जांच प्रक्रिया को आधुनिक बनाने और आंतरिक सतर्कता तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। यह बदलाव राज्यव्यापी भ्रष्टाचार निरोधक अभियान प्रोजेक्ट जीरो के तहत लागू किया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
नया मैनुअल सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के आंतरिक सतर्कता प्रमुखों की समीक्षा बैठक एवं विमोचन कार्यक्रम के दौरान जारी किया गया। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने इसे जारी करते हुए कहा, "पिछले कुछ वर्षों में भ्रष्टाचार का स्वरूप काफी बदल गया है, इसलिए जांच की प्रक्रियाओं को भी इन बदलावों के अनुरूप बनाया जाना ज़रूरी है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह नया दस्तावेज़ विजिलेंस विभाग को डिजिटल युग में बढ़ते वित्तीय अपराधों से निपटने में सक्षम बनाएगा।
नए मैनुअल में क्या बदला
संशोधित मैनुअल में डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन और तकनीक-आधारित आर्थिक अपराधों से जुड़ी अनियमितताओं की जांच के लिए विस्तृत दिशानिर्देश शामिल किए गए हैं। इसके अलावा विजिलेंस अधिकारियों के चयन, प्रशिक्षण, जांच पद्धति और कानूनी प्रक्रियाओं के लिए स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। गौरतलब है कि पिछला मैनुअल उस दौर में बना था जब ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन और डिजिटल भ्रष्टाचार की अवधारणा अस्तित्व में भी नहीं थी।
प्रमुख सुधार और नई पहल
घोषित सुधारों में एक अहम कदम यह है कि VACB में प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर आने के इच्छुक पुलिसकर्मियों के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट (योग्यता परीक्षा) शुरू की जाएगी, ताकि जांच की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। सरकार विजिलेंस अधिकारियों को वर्दी देने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों के लिए पदक व पुरस्कार शुरू करने पर भी विचार करेगी। न्यायाधिकरणों और अदालतों में मामलों की प्रभावी पैरवी के लिए कानूनी सलाहकार भी नियुक्त किए जाएंगे।
प्रोजेक्ट जीरो का विस्तार
चेन्निथला ने बताया कि प्रोजेक्ट जीरो अब और अधिक प्रभावी चरण में प्रवेश करेगा। इसके तहत पूरे केरल में जिला विजिलेंस पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों का नेतृत्व करेंगे। औचक निरीक्षण को और सुदृढ़ किया जाएगा तथा बेनामी संपत्तियों और आय से अधिक संपत्ति वाले मामलों की पहचान पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा। सभी विभागों को भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें तुरंत VACB को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर नियुक्ति के लिए आवश्यक विजिलेंस क्लियरेंस व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में राज्य-स्तरीय भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों की प्रभावशीलता पर बहस तेज़ हो रही है। संशोधित मैनुअल के साथ केरल सरकार का लक्ष्य VACB को एक आधुनिक, पेशेवर और जवाबदेह संस्था के रूप में स्थापित करना है।