8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केरल विजिलेंस मैनुअल 2025: 24 साल बाद बड़ा बदलाव, डिजिटल भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति पर होगी कड़ी नज़र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केरल विजिलेंस मैनुअल 2025: 24 साल बाद बड़ा बदलाव, डिजिटल भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति पर होगी कड़ी नज़र

सारांश

24 साल की जड़ता तोड़ते हुए केरल ने अपना विजिलेंस मैनुअल नए सिरे से लिखा है। डिजिटल भुगतान घोटालों से लेकर बेनामी संपत्ति तक — VACB को अब आधुनिक हथियार मिले हैं। सवाल यह है कि क्या नया दस्तावेज़ ज़मीन पर असली बदलाव ला पाएगा।

मुख्य बातें

केरल सरकार ने 8 जुलाई 2025 को वर्ष 2002 के बाद पहली बार संशोधित विजिलेंस मैनुअल जारी किया।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मैनुअल जारी किया; इसे प्रोजेक्ट जीरो भ्रष्टाचार निरोधक अभियान के तहत लागू किया जाएगा।
नए मैनुअल में डिजिटल भुगतान , ऑनलाइन वित्तीय अपराधों और बेनामी संपत्ति की जांच के लिए विस्तृत दिशानिर्देश शामिल।
VACB में प्रतिनियुक्ति के इच्छुक पुलिसकर्मियों के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट अनिवार्य किया जाएगा।
विजिलेंस अधिकारियों को वर्दी और उत्कृष्ट कार्य पर पदक व पुरस्कार देने पर विचार।
अदालतों में प्रभावी पैरवी के लिए कानूनी सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे।

केरल सरकार ने 8 जुलाई 2025 को तिरुवनंतपुरम में संशोधित विजिलेंस मैनुअल जारी किया — वर्ष 2002 के बाद पहली बार इस दस्तावेज़ में व्यापक फेरबदल किया गया है। विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) की कार्यप्रणाली को डिजिटल युग के अनुरूप ढालने, जांच प्रक्रिया को आधुनिक बनाने और आंतरिक सतर्कता तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। यह बदलाव राज्यव्यापी भ्रष्टाचार निरोधक अभियान प्रोजेक्ट जीरो के तहत लागू किया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

नया मैनुअल सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के आंतरिक सतर्कता प्रमुखों की समीक्षा बैठक एवं विमोचन कार्यक्रम के दौरान जारी किया गया। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने इसे जारी करते हुए कहा, "पिछले कुछ वर्षों में भ्रष्टाचार का स्वरूप काफी बदल गया है, इसलिए जांच की प्रक्रियाओं को भी इन बदलावों के अनुरूप बनाया जाना ज़रूरी है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह नया दस्तावेज़ विजिलेंस विभाग को डिजिटल युग में बढ़ते वित्तीय अपराधों से निपटने में सक्षम बनाएगा।

नए मैनुअल में क्या बदला

संशोधित मैनुअल में डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन और तकनीक-आधारित आर्थिक अपराधों से जुड़ी अनियमितताओं की जांच के लिए विस्तृत दिशानिर्देश शामिल किए गए हैं। इसके अलावा विजिलेंस अधिकारियों के चयन, प्रशिक्षण, जांच पद्धति और कानूनी प्रक्रियाओं के लिए स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। गौरतलब है कि पिछला मैनुअल उस दौर में बना था जब ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन और डिजिटल भ्रष्टाचार की अवधारणा अस्तित्व में भी नहीं थी।

प्रमुख सुधार और नई पहल

घोषित सुधारों में एक अहम कदम यह है कि VACB में प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर आने के इच्छुक पुलिसकर्मियों के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट (योग्यता परीक्षा) शुरू की जाएगी, ताकि जांच की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। सरकार विजिलेंस अधिकारियों को वर्दी देने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों के लिए पदक व पुरस्कार शुरू करने पर भी विचार करेगी। न्यायाधिकरणों और अदालतों में मामलों की प्रभावी पैरवी के लिए कानूनी सलाहकार भी नियुक्त किए जाएंगे।

प्रोजेक्ट जीरो का विस्तार

चेन्निथला ने बताया कि प्रोजेक्ट जीरो अब और अधिक प्रभावी चरण में प्रवेश करेगा। इसके तहत पूरे केरल में जिला विजिलेंस पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों का नेतृत्व करेंगे। औचक निरीक्षण को और सुदृढ़ किया जाएगा तथा बेनामी संपत्तियों और आय से अधिक संपत्ति वाले मामलों की पहचान पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा। सभी विभागों को भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें तुरंत VACB को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आगे क्या होगा

महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर नियुक्ति के लिए आवश्यक विजिलेंस क्लियरेंस व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में राज्य-स्तरीय भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों की प्रभावशीलता पर बहस तेज़ हो रही है। संशोधित मैनुअल के साथ केरल सरकार का लक्ष्य VACB को एक आधुनिक, पेशेवर और जवाबदेह संस्था के रूप में स्थापित करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा दस्तावेज़ नहीं, क्रियान्वयन है। केरल में VACB की छवि पहले से ही राजनीतिक प्रभाव के आरोपों से घिरी रही है — एप्टीट्यूड टेस्ट और वर्दी जैसे प्रतीकात्मक सुधार तब तक अर्थहीन हैं जब तक अधिकारियों की स्वायत्तता और सुरक्षा सुनिश्चित न हो। बेनामी संपत्ति और डिजिटल वित्तीय अपराधों पर ज़ोर देना सही दिशा है, परंतु इसके लिए विशेषज्ञ जनशक्ति और बजट की ज़रूरत होगी जिसका उल्लेख घोषणा में नहीं है। प्रोजेक्ट जीरो की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या यह चुनावी मौसम से परे भी उतनी ही सक्रियता से चलता रहता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल का संशोधित विजिलेंस मैनुअल क्या है और यह कब जारी हुआ?
यह केरल सरकार का वह आधिकारिक दस्तावेज़ है जो विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) की जांच प्रक्रिया, अधिकारी चयन और कानूनी कार्रवाई के नियम तय करता है। इसे 8 जुलाई 2025 को जारी किया गया — वर्ष 2002 के बाद पहली बार इसमें व्यापक संशोधन किया गया है।
नए मैनुअल में डिजिटल भ्रष्टाचार के लिए क्या प्रावधान हैं?
संशोधित मैनुअल में डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन और तकनीक-आधारित आर्थिक अपराधों से जुड़ी अनियमितताओं की जांच के लिए विस्तृत दिशानिर्देश शामिल किए गए हैं। यह पुराने मैनुअल से बड़ा बदलाव है जो डिजिटल युग से पहले का था।
प्रोजेक्ट जीरो क्या है और इसका मैनुअल से क्या संबंध है?
प्रोजेक्ट जीरो VACB द्वारा प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया राज्यव्यापी भ्रष्टाचार निरोधक अभियान है। नया मैनुअल इसी अभियान के तहत जारी किया गया है और अब जिला विजिलेंस पुलिस अधीक्षक इसके तहत अभियानों का नेतृत्व करेंगे।
VACB में भर्ती के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट क्यों लाया जा रहा है?
विजिलेंस विभाग में प्रतिनियुक्ति पर आने के इच्छुक पुलिसकर्मियों के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट अनिवार्य किया जाएगा ताकि जांच की गुणवत्ता में सुधार हो। सरकार का मानना है कि विशेषज्ञ और योग्य अधिकारी ही जटिल वित्तीय अपराधों की प्रभावी जांच कर सकते हैं।
बेनामी संपत्ति मामलों में VACB की नई भूमिका क्या होगी?
संशोधित मैनुअल और प्रोजेक्ट जीरो के तहत बेनामी संपत्तियों और आय से अधिक संपत्ति वाले मामलों का पता लगाने पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा। औचक निरीक्षण को मज़बूत किया जाएगा और सभी विभागों को ऐसी शिकायतें तुरंत VACB को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले