भोपाल को मिला चौथा रेलवे स्टेशन: निशातपुरा का शुभारंभ, सीएम मोहन यादव ने किया उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को 28 जुलाई 2026 को एक नई रेल सुविधा मिली, जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निशातपुरा रेलवे स्टेशन का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके साथ ही भोपाल अब चार रेलवे स्टेशनों वाला शहर बन गया है। ₹14 करोड़ की लागत से विकसित यह स्टेशन नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर मार्ग पर यात्रियों के लिए सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।
मुख्य घटनाक्रम
निशातपुरा स्टेशन के शुरू होने से अब नई दिल्ली से उज्जैन और इंदौर की ओर जाने वाली रेलगाड़ियों को भोपाल मुख्य स्टेशन पर ट्रैक और इंजन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। इस स्टेशन पर दो ट्रेनों के नए स्टॉपेज स्वीकृत किए गए हैं — डॉ. अंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस और वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस। मुख्यमंत्री यादव ने इन दोनों ट्रेनों को 'शिव और शक्ति की प्रतीक' बताया।
सिंहस्थ 2028 की तैयारी से जुड़ा कदम
मुख्यमंत्री यादव ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि यह विकास उज्जैन सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का अभिन्न हिस्सा है। अनुमान है कि सिंहस्थ 2028 में 40 करोड़ श्रद्धालु मध्य प्रदेश आएंगे, जिसके मद्देनज़र रेलवे बुनियादी ढाँचे का विस्तार अनिवार्य हो गया था। उन्होंने कहा कि नए स्टेशन यात्रियों की भीड़ का दबाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भोपाल, हबीबगंज (अब रानी कमलापति) और मिसरोद जैसे मौजूदा स्टेशनों पर यात्री भार लगातार बढ़ रहा है।
रेलवे विकास का व्यापक संदर्भ
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में रेलवे ट्रैक का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब भोपाल के निकट आधुनिक रेल कोच निर्माण की भी योजना है। गौरतलब है कि विगत 12 वर्षों में भारतीय रेलवे के विकास को उन्होंने 'न भूतो न भविष्यति' की संज्ञा दी।
आम यात्रियों पर असर
निशातपुरा स्टेशन से भोपाल के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के निवासियों को सीधा लाभ होगा, जिन्हें अब भोपाल मुख्य स्टेशन तक जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। नई दिल्ली से उज्जैन और इंदौर जाने वाले यात्रियों का यात्रा समय भी घटेगा। स्टेशन पर अनेक नई यात्री सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आगे क्या
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश में रेलवे सुविधाओं के विस्तार का कार्य जारी रहेगा। भोपाल के पास आधुनिक कोच निर्माण केंद्र की स्थापना की योजना भविष्य में रोज़गार के नए अवसर भी सृजित कर सकती है।