22 सितंबर 2026
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मध्य प्रदेश में पानी के ऊपर और नीचे बन रही बिजली: सीएम मोहन यादव का बड़ा दावा, 2000 MW सोलर प्लांट पर काम जारी

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मध्य प्रदेश में पानी के ऊपर और नीचे बन रही बिजली: सीएम मोहन यादव का बड़ा दावा, 2000 MW सोलर प्लांट पर काम जारी

सारांश

मध्य प्रदेश अब पानी के ऊपर और नीचे — दोनों से बिजली बना रहा है। सीएम मोहन यादव ने भोपाल में दावा किया कि प्रदेश बिजली सरप्लस हो चुका है और 2000 मेगावाट का देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट ढाई साल में पूरा होगा — जिसे अमेरिका में बनने में चार साल लगते।

मुख्य बातें

सीएम मोहन यादव ने 22 सितंबर 2026 को भोपाल में आयोजित ऑल इंडिया डिस्कॉम्स एसोसिएशन की क्षेत्रीय कार्यशाला में मध्य प्रदेश की ऊर्जा उपलब्धियाँ गिनाईं।
मध्य प्रदेश पानी के ऊपर (फ्लोटिंग सोलर) और पानी के नीचे (जलविद्युत) — दोनों से बिजली उत्पादन कर रहा है।
प्रदेश में 2000 मेगावाट क्षमता का देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट स्थापित हो रहा है, जो मात्र ढाई वर्ष में पूरा होगा।
मध्य प्रदेश बिजली की कमी वाले राज्य से बिजली सरप्लस राज्य बन चुका है।
भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा में 50 प्रतिशत क्षमता का राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल किया: यादव।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 22 सितंबर 2026 को भोपाल में आयोजित एक क्षेत्रीय कार्यशाला में घोषणा की कि मध्य प्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन चुका है जहाँ पानी के ऊपर (फ्लोटिंग सोलर) और पानी के नीचे (जलविद्युत) दोनों माध्यमों से बिजली का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश, जो कभी बिजली की कमी वाला राज्य था, आज बिजली सरप्लस राज्य बन चुका है।

कार्यशाला का संदर्भ और मुख्य घोषणाएँ

ऑल इंडिया डिस्कॉम्स एसोसिएशन द्वारा भोपाल में आयोजित 'नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण की किफायती विद्युत खरीद' विषयक इस क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ मुख्यमंत्री यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह कार्यशाला ऐसे समय में हुई जब देश भर में नवीकरणीय ऊर्जा की खरीद और भंडारण की लागत को लेकर नीतिगत बहस तेज़ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में ऊर्जा की महत्ता का भाव देश और दुनिया में जागृत हुआ है और मध्य प्रदेश इस क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।

देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट: 2000 मेगावाट की परियोजना

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि प्रदेश में 2000 मेगावाट क्षमता का देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। उनके अनुसार जिस स्तर की परियोजना को अमेरिका में तैयार होने में लगभग चार वर्ष लगते हैं, उसी परियोजना को मध्य प्रदेश में मात्र ढाई वर्ष में पूरा किया जा रहा है। इस परियोजना के शुरू होते ही यह देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट होगा।

गौरतलब है कि भारत ने हाल के वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा स्थापना में उल्लेखनीय तेज़ी दर्ज की है, और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की भागीदारी इस राष्ट्रीय लक्ष्य में निर्णायक भूमिका निभा रही है।

सस्ती बिजली और अक्षय ऊर्जा में अग्रणी भूमिका

सीएम यादव ने दावा किया कि मध्य प्रदेश सबसे सस्ती बिजली उत्पादन में भी अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अक्षय ऊर्जा के उत्पादन में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और अपने ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्य बिजली की कमी और ऊँची खरीद लागत से जूझ रहे हैं। मध्य प्रदेश का सरप्लस दर्जा ऊर्जा नीति के मोर्चे पर राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी को श्रेय और राष्ट्रीय लक्ष्य

मुख्यमंत्री यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को श्रेय देते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 50 प्रतिशत क्षमता का लक्ष्य हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।' उन्होंने इस उपलब्धि को भारत के बढ़ते ऊर्जा सामर्थ्य का प्रमाण बताया।

आगे आने वाले समय में 2000 मेगावाट सोलर प्लांट के पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय इज़ाफा होने की उम्मीद है, जो राज्य को ऊर्जा निर्यात की दिशा में भी सक्षम बना सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। भारत के कई राज्य नवीकरणीय ऊर्जा में 'अग्रणी' होने का दावा करते हैं, जबकि ज़मीनी वितरण और किसानों को मिलने वाली बिजली की गुणवत्ता अक्सर आँकड़ों से पीछे रहती है। असली कसौटी यह होगी कि यह सरप्लस बिजली आम उपभोक्ता और किसानों तक कितनी सस्ती और निर्बाध पहुँचती है — और 2000 मेगावाट प्लांट की समयसीमा का पालन वास्तव में होता है या नहीं।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में पानी के ऊपर और नीचे बिजली उत्पादन का क्या मतलब है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, पानी के ऊपर का मतलब जलाशयों पर लगाए गए फ्लोटिंग सोलर पैनल हैं, जबकि पानी के नीचे से बिजली जलविद्युत (हाइड्रोपावर) परियोजनाओं के ज़रिए पैदा होती है। मध्य प्रदेश दोनों तकनीकों का एक साथ उपयोग करने वाला राज्य है।
मध्य प्रदेश में 2000 मेगावाट का सोलर प्लांट कब तक तैयार होगा?
सीएम यादव के अनुसार यह परियोजना मात्र ढाई वर्ष में पूरी की जा रही है। इसके पूरा होने पर यह देश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट होगा, जबकि इसी स्तर की परियोजना अमेरिका में लगभग चार साल में तैयार होती है।
मध्य प्रदेश कब से बिजली सरप्लस राज्य बना?
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि एक समय मध्य प्रदेश बिजली की कमी वाला राज्य था, लेकिन अब यह बिजली सरप्लस राज्य बन चुका है। हालाँकि उन्होंने इस बदलाव की सटीक तिथि या आँकड़े कार्यशाला में साझा नहीं किए।
ऑल इंडिया डिस्कॉम्स एसोसिएशन की इस कार्यशाला का विषय क्या था?
भोपाल में आयोजित इस क्षेत्रीय कार्यशाला का विषय 'नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण की किफायती विद्युत खरीद' था। इसका उद्देश्य देश भर के डिस्कॉम्स को सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा खरीद की रणनीतियों पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच देना था।
भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा में 50 प्रतिशत क्षमता का लक्ष्य कब हासिल किया?
मुख्यमंत्री यादव ने कार्यशाला में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा में 50 प्रतिशत क्षमता का लक्ष्य हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस दावे का स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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