मध्य प्रदेश में 950 मेगावाट के सोलर पार्क का उद्घाटन, CM मोहन यादव नीमच-शाजापुर में देंगे हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार, 28 जून 2026 को राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कुल 950 मेगावाट क्षमता के दो बड़े सोलर पार्कों का उद्घाटन करेंगे — नीमच में 500 मेगावाट और शाजापुर में 450 मेगावाट। ये दोनों परियोजनाएँ मध्य प्रदेश की स्वच्छ ऊर्जा दिशा में अब तक की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय क्षमता वृद्धि हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल
इस अवसर पर केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी और राज्य के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में राज्य की पहली 440 मेगावाट क्षमता वाली मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस परियोजना को देश की सबसे किफायती सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना बताया जा रहा है।
टैरिफ दरें — देश में सबसे कम
नई और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने बताया कि नीमच सोलर पार्क की इकाइयों के लिए दरें ₹2.14 से ₹2.15 प्रति यूनिट तय की गई हैं, जबकि शाजापुर सोलर पार्क की दरें ₹2.33 से ₹2.35 प्रति यूनिट के बीच हैं। मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के लिए ₹2.70 प्रति यूनिट का टैरिफ तय हुआ है, जो स्टोरेज सहित सौर ऊर्जा के लिए भारत में अब तक का सबसे कम बताया जा रहा है।
औद्योगिक विकास कार्यों का भी शिलान्यास
उद्घाटन समारोह में ₹1,553.98 करोड़ की लागत वाली विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण भी किया जाएगा। मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य में औद्योगिक विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता दोनों को बल मिलेगा।
आगर सोलर पार्क से और मज़बूत होगा पोर्टफोलियो
गौरतलब है कि निर्माणाधीन आगर सोलर पार्क (550 मेगावाट) के लिए भी ₹2.44 से ₹2.45 प्रति यूनिट की प्रतिस्पर्धी दरें हासिल की गई हैं, जिससे राज्य का समग्र सोलर पोर्टफोलियो और सुदृढ़ होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रही है।
रोज़गार और निवेश की उम्मीदें
अधिकारियों के अनुसार, इन पहलों से राज्य में रोज़गार के महत्वपूर्ण अवसर सृजित होंगे और निवेश का प्रवाह बढ़ेगा। मध्य प्रदेश के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की पूर्ति में ये परियोजनाएँ निर्णायक भूमिका निभाएंगी।