नीमच सोलर पार्क से ₹2.14 प्रति यूनिट बिजली, देश में सबसे सस्ती दर: सीएम मोहन यादव
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 जून 2026 को नीमच में 500 मेगावॉट क्षमता वाले नीमच सोलर पार्क का लोकार्पण किया और घोषणा की कि इस संयंत्र से मात्र ₹2.14 प्रति यूनिट की दर पर बिजली मिलेगी — जो देश में अब तक की सबसे सस्ती दर बताई जा रही है। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी की उपस्थिति में 450 मेगावॉट क्षमता वाले शाजापुर सोलर पार्क का भी उद्घाटन किया गया।
दोनों परियोजनाओं का विवरण
नीमच और शाजापुर के इन दोनों सोलर पार्कों की कुल लागत ₹2,080 करोड़ बताई गई है। इसके अलावा, नीमच में ₹1,553.98 करोड़ की 38 औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी इसी अवसर पर संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि नीमच जिले में वर्तमान में 675 मेगावॉट क्षमता की सौर परियोजनाएं कार्यशील हैं, जबकि 1,952 मेगावॉट से अधिक की परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है।
हरित ऊर्जा में मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने का संकल्प लेकर चल रहा है। उन्होंने नीमच को 'ग्रीन पॉवर सेक्टर का ग्लोबल कैपिटल' बताते हुए कहा कि यहाँ देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज प्लांट भी निर्माणाधीन है। गौरतलब है कि नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन को उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के नए औद्योगिक ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
औद्योगिक निवेश और रोज़गार
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि नीमच में ₹1,200 करोड़ से अधिक लागत के सोलर ग्लास निर्माण संयंत्र का भूमि-पूजन भी किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फूड पार्क और पीएम मित्र पार्क तैयार किए जा रहे हैं और मध्य प्रदेश रोज़गार देने के मामले में देश के सबसे तेज़ राज्यों में शामिल है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य हरित विकास को निवेश आकर्षण के मुख्य साधन के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
बुनियादी ढाँचा और अन्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीमच को जल्द ही जावरा-उज्जैन-भोपाल राजमार्ग से जोड़ा जाएगा और मंदसौर से भोपाल तक नया हाईवे भी बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि गांधी सागर अभ्यारण्य में चीतों का पुनर्वास हो चुका है और शीघ्र ही दो और चीते मुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़े जाएंगे। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे जल गंगा संरक्षण अभियान के तहत 19 मार्च से 30 जून के बीच ₹10,000 करोड़ खर्च कर प्रदेश भर में 2 लाख से अधिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया है।
आगे की राह
नीमच में चल रहीं और प्रस्तावित सौर परियोजनाओं की कुल क्षमता 2,627 मेगावॉट से अधिक होने का अनुमान है, जो इसे देश के प्रमुख सोलर हब में से एक बनाएगी। राज्य सरकार के अनुसार, हरित ऊर्जा और औद्योगिक विस्तार की यह रणनीति आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश को निवेश और रोज़गार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।