8 अगस्त 2026
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बासर महाकाली मंदिर में चोरी: चांदी का मुकुट और हुंडी लेकर भागे नकाबपोश, सीसीटीवी में कैद

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बासर महाकाली मंदिर में चोरी: चांदी का मुकुट और हुंडी लेकर भागे नकाबपोश, सीसीटीवी में कैद

सारांश

तेलंगाना के बासर स्थित महाकाली मंदिर में देर रात नकाबपोश चोरों ने डेढ़ किलो चांदी का मुकुट और हुंडी चुराई — और पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। ₹225 करोड़ के विकास कार्य के बीच हुई इस चोरी ने मंदिर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

मुख्य बातें

बासर के महाकाली मंदिर में सोमवार देर रात दो नकाबपोश अज्ञात व्यक्तियों ने चोरी की।
चोरों ने डेढ़ किलोग्राम वजनी चांदी का मुकुट और हुंडी से नकदी लेकर फरार हुए।
पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड; क्लूज टीम और डॉग स्क्वॉड जाँच में जुटे।
जिला पुलिस अधीक्षक जानकी शर्मिला और विधायक रामा राव ने मंदिर का दौरा किया।
रेवंत रेड्डी ने अप्रैल 2026 में मंदिर के लिए ₹225 करोड़ के विकास कार्यों की आधारशिला रखी थी।
आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले के श्री सत्यनारायण स्वामी मंदिर में भी इसी दौरान हुंडी चोरी की घटना सामने आई।

तेलंगाना के निर्मल जिले के बासर स्थित प्रसिद्ध ज्ञान सरस्वती मंदिर परिसर के महाकाली मंदिर में सोमवार देर रात बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। दो नकाबपोश अज्ञात व्यक्तियों ने मंदिर का गेट तोड़कर लगभग डेढ़ किलोग्राम वजनी चांदी का मुकुट और हुंडी (दान पात्र) चुरा लिए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई और मंगलवार सुबह पूजा के लिए पहुँचे पुजारियों ने इसका पता लगाया।

घटनाक्रम: कैसे हुई चोरी

सोमवार देर रात दो अज्ञात नकाबपोश व्यक्ति मंदिर परिसर में घुसे और मुख्य गेट तोड़कर अंदर दाखिल हो गए। आरोपियों ने चांदी का मुकुट और हुंडी उठा ली, हुंडी से नकदी निकाली और खाली डिब्बे को मंदिर के पास ही फेंककर फरार हो गए। मंगलवार सुबह जब पुजारी नित्य पूजा के लिए पहुँचे तब यह चोरी उजागर हुई।

मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों नकाबपोश आरोपी मंदिर में प्रवेश करते स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह फुटेज पुलिस जाँच में अहम साक्ष्य बन गई है।

पुलिस की कार्रवाई और जाँच

मंदिर प्रशासन की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे और जाँच शुरू की। क्लूज टीम और डॉग स्क्वॉड को भी घटनास्थल पर तैनात किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक जानकी शर्मिला, मुधोल के विधायक रामा राव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मंदिर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जाँच जारी है।

घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने भक्तों द्वारा दिए गए चढ़ावे की गिनती अस्थायी रूप से रोक दी।

ज्ञान सरस्वती मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

ज्ञान सरस्वती मंदिर तेलंगाना के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर पवित्र गोदावरी नदी के तट पर स्थित है, जिसे 'दक्षिण गंगा' के नाम से भी पूजा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कुरुक्षेत्र युद्ध के पश्चात वेद व्यास यहाँ गोदावरी तट पर आए थे और उन्होंने ज्ञान, सरस्वती, महालक्ष्मी और महाकाली देवियों की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा की थी। तभी से बासर 'त्रिमाता' के पवित्र तीर्थ के रूप में विख्यात है।

गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने ₹225 करोड़ की लागत से मंदिर के विस्तार और विकास कार्यों की आधारशिला रखी थी। इस बड़े विकास परियोजना के बीच हुई यह चोरी मंदिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

आंध्र प्रदेश में भी मंदिर चोरी

यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले के कोयलाकुंटला स्थित श्री सत्यनारायण स्वामी मंदिर में भी इसी तरह की चोरी की घटना सामने आई है। पुलिस के अनुसार, एक नकाबपोश व्यक्ति आधी रात के आसपास मंदिर में घुसा और हुंडी लेकर फरार हो गया। यह घटना भी मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

दोनों राज्यों में मंदिरों को निशाना बनाने की ये घटनाएँ धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं। आने वाले दिनों में बासर मंदिर में सुरक्षा इंतजाम कड़े किए जाने की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बासर महाकाली मंदिर में क्या चोरी हुई?
दो नकाबपोश अज्ञात व्यक्तियों ने सोमवार देर रात मंदिर का गेट तोड़कर लगभग डेढ़ किलोग्राम वजनी चांदी का मुकुट और हुंडी चुरा ली। आरोपियों ने हुंडी से नकदी निकाली और खाली डिब्बा मंदिर के पास फेंककर फरार हो गए।
बासर मंदिर चोरी की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
जिला पुलिस अधीक्षक जानकी शर्मिला के नेतृत्व में जाँच जारी है। क्लूज टीम और डॉग स्क्वॉड को घटनास्थल पर लगाया गया है और सीसीटीवी फुटेज को मुख्य साक्ष्य के रूप में खंगाला जा रहा है।
ज्ञान सरस्वती मंदिर बासर क्यों प्रसिद्ध है?
बासर का ज्ञान सरस्वती मंदिर तेलंगाना के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है, जो 'दक्षिण गंगा' कही जाने वाली गोदावरी नदी के तट पर स्थित है। पौराणिक मान्यता के अनुसार वेद व्यास ने यहाँ ज्ञान, सरस्वती, महालक्ष्मी और महाकाली देवियों की प्राण-प्रतिष्ठा की थी।
मंदिर के विकास कार्यों का क्या हाल है?
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अप्रैल 2026 में ₹225 करोड़ की लागत से मंदिर विस्तार और विकास कार्यों की आधारशिला रखी थी। इसी बड़े विकास परियोजना के बीच हुई चोरी ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या आंध्र प्रदेश में भी ऐसी कोई घटना हुई है?
हाँ, आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले के कोयलाकुंटला स्थित श्री सत्यनारायण स्वामी मंदिर से भी हुंडी चोरी की घटना सामने आई है। एक नकाबपोश आरोपी आधी रात के आसपास मंदिर में घुसा और हुंडी लेकर फरार हो गया; यह घटना भी सीसीटीवी में दर्ज हुई और पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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