चांदनी चौक शनि मंदिर से चोरी: दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे में अष्टधातु मूर्ति बरामद की, दो गिरफ्तार

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चांदनी चौक शनि मंदिर से चोरी: दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे में अष्टधातु मूर्ति बरामद की, दो गिरफ्तार

सारांश

महा शनि जयंती से पहले चांदनी चौक के शनि मंदिर से चोरी हुई प्राचीन अष्टधातु मूर्ति को दिल्ली पुलिस ने सिर्फ 48 घंटों में बरामद कर लिया। 300 से अधिक CCTV फुटेज खंगालकर पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा — मूर्ति महज ₹3,800 में बेची गई थी।

मुख्य बातें

चांदनी चौक के शनि मंदिर से 12 मई 2026 को ₹5-6 लाख मूल्य की प्राचीन अष्टधातु मूर्ति चोरी हुई।
पुजारी मुकेश शर्मा की ई-एफआईआर के बाद थाना कोतवाली की विशेष टीम ने 300 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले।
मुख्य आरोपी दिलशाद उर्फ बंटा (45) , यमुना बाजार निवासी, 14 मई की रात गिरफ्तार; उस पर 15 पूर्व आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपी ने मूर्ति कबाड़ी गीता कुमारी को मात्र ₹3,800 में बेची; गीता को 15 मई की सुबह गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने मूर्ति सहित छत्र, गदा, प्लेट और दो दीप स्टैंड बरामद किए।

चांदनी चौक स्थित शनि मंदिर से ₹5-6 लाख मूल्य की प्राचीन अष्टधातु मूर्ति की चोरी का मामला दिल्ली पुलिस ने मात्र 48 घंटों में सुलझा लिया। 15 मई 2026 को पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गई मूर्ति सहित सभी सामान बरामद कर लिया। यह कार्रवाई महा शनि जयंती से ठीक पहले हुई, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई थी।

मामले का घटनाक्रम

यह मामला 12 मई 2026 को उस समय सामने आया जब शनि मंदिर के पुजारी मुकेश शर्मा सुबह मंदिर पहुँचे और पाया कि भगवान शनिदेव की प्राचीन अष्टधातु मूर्ति तथा पीतल के अन्य धार्मिक सामान गायब हैं। शर्मा ने तत्काल ई-एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद थाना कोतवाली की एक विशेष टीम गठित की गई।

जाँच में 300 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले

विशेष टीम ने आसपास के क्षेत्रों और संभावित मार्गों पर लगे 300 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। लगातार निगरानी के बाद एक फुटेज में आरोपी की स्पष्ट तस्वीर मिली, जिससे उसकी पहचान संभव हो सकी। स्थानीय सूत्रों की सहायता से मुख्य आरोपी की पहचान दिलशाद उर्फ बंटा (45), निवासी यमुना बाजार के रूप में हुई।

गिरफ्तारी और मूर्ति की बरामदगी

14 मई 2026 की रात करीब रात 9 बजे पुलिस ने दिलशाद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने चोरी की गई मूर्ति और अन्य सामान गीता कुमारी नामक एक कबाड़ी को मात्र ₹3,800 में बेच दिया था। पुलिस ने उसके बताए पते पर छापा मारकर मूर्ति सहित सभी सामान बरामद कर लिया। 15 मई की सुबह गीता कुमारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

मुख्य आरोपी दिलशाद दिल्ली के विभिन्न थानों में चोरी, स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट के 15 मामलों में पहले भी संलिप्त रह चुका है। वहीं, गीता कुमारी का भी एक पूर्व चोरी के मामले में नाम आ चुका है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ जब शहर में धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था।

बरामद सामान

पुलिस ने इस कार्रवाई में भगवान शनिदेव की अष्टधातु मूर्ति के अलावा एक छत्र, एक गदा, एक प्लेट और दो दीप स्टैंड सहित सभी पीतल के धार्मिक सामान बरामद कर लिए। बरामद मूर्ति की कीमत अधिकारियों के अनुसार लगभग ₹5 से 6 लाख आँकी गई है। मंदिर प्रशासन को सभी सामान सौंपे जाने की प्रक्रिया जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना शहर के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी उठाती है। ₹5-6 लाख मूल्य की प्राचीन मूर्ति का मात्र ₹3,800 में बिक जाना दर्शाता है कि चोरी की गई धरोहर वस्तुओं की अवैध खरीद-फरोख्त की श्रृंखला कितनी सुलभ है। मुख्य आरोपी पर 15 पूर्व मामले दर्ज होने के बावजूद वह सक्रिय रहा — यह बार-बार अपराध करने वालों के खिलाफ प्रभावी निरोधक तंत्र की कमी को उजागर करता है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चांदनी चौक शनि मंदिर से क्या चोरी हुआ था?
12 मई 2026 को चांदनी चौक स्थित शनि मंदिर से भगवान शनिदेव की प्राचीन अष्टधातु मूर्ति और पीतल के धार्मिक सामान — जिनमें छत्र, गदा, प्लेट और दो दीप स्टैंड शामिल हैं — चोरी हो गए थे। बरामद सामान की कुल कीमत लगभग ₹5 से 6 लाख आँकी गई है।
दिल्ली पुलिस ने मूर्ति कैसे बरामद की?
पुलिस ने 300 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर मुख्य आरोपी दिलशाद उर्फ बंटा की पहचान की। स्थानीय सूत्रों की मदद से 14 मई की रात उसे गिरफ्तार किया गया और पूछताछ के आधार पर मूर्ति बरामद कर ली गई।
इस मामले में कौन-कौन गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं — मुख्य आरोपी दिलशाद उर्फ बंटा (45), यमुना बाजार निवासी, जिसने मूर्ति चुराई, और गीता कुमारी, जो कबाड़ी है और जिसने चोरी का सामान ₹3,800 में खरीदा था। दोनों पर पूर्व आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मुख्य आरोपी दिलशाद का आपराधिक इतिहास क्या है?
मुख्य आरोपी दिलशाद पहले भी दिल्ली के विभिन्न थानों में चोरी, स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट से जुड़े 15 मामलों में संलिप्त रह चुका है। गीता कुमारी का भी एक पूर्व चोरी के मामले में नाम आ चुका है।
यह मामला इतनी जल्दी क्यों सुलझाया गया?
महा शनि जयंती के मद्देनजर मामले की धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुए थाना कोतवाली की एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने 300 से अधिक CCTV फुटेज खंगालकर और स्थानीय सूत्रों की मदद से मात्र 48 घंटों में आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी की।
राष्ट्र प्रेस
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