एसआईआर पर कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रही है: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने 22 सितंबर 2026 को रायपुर में मीडिया से बात करते हुए कई अहम मुद्दों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखे आरोप लगाए। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) विवाद, असम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले पर हुए कथित हमले और इंदौर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छात्र कार्यक्रम — तीनों मसलों पर जायसवाल ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पक्ष रखा।
एसआईआर और संवैधानिक संस्थाओं पर विवाद
जायसवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहली बार किसी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठा रही — पार्टी पहले चुनाव प्रणाली, चुनाव आयोग और ईवीएम को भी निशाना बना चुकी है। उन्होंने कहा, 'एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय तक गई, और अब नए सवाल खड़े किए जा रहे हैं।' उनके अनुसार, 'संवैधानिक संस्थाओं और संविधान का अपमान करना कांग्रेस की फितरत में शामिल है।'
जायसवाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस का जनाधार क्षीण हो चुका है और पार्टी आगामी चुनाव में संभावित पराजय के लिए अभी से राजनीतिक वातावरण तैयार करने में जुटी है। उनके अनुसार, एसआईआर का मुद्दा कांग्रेस के लिए एक राजनीतिक उपकरण मात्र है।
भूपेश बघेल के काफिले पर हमले की घटना
असम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले पर कथित हमले को लेकर जायसवाल ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति या समूह ने हमला किया है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'बिना तथ्यों के किसी घटना को BJP से जोड़ना पूर्वाग्रह से प्रेरित जल्दबाजी है।'
जब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के उस बयान का हवाला दिया गया जिसमें उन्होंने इसे कांग्रेस की 'आंतरिक कलह' बताया था, तो जायसवाल ने कहा कि बघेल असम में कांग्रेस के प्रभारी हैं और वहाँ उनकी 'कोई व्यापक लोकप्रियता नहीं है।' उन्होंने सुझाया कि यदि घटना का संबंध टिकट वितरण या पार्टी के भीतरी विवाद से है, तो उस पहलू की भी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने बघेल को भाजपा की ओर देखने के बजाय कांग्रेस के अंदर की परिस्थितियों पर ध्यान देने की सलाह दी।
राहुल गांधी के इंदौर छात्र कार्यक्रम पर आपत्ति
इंदौर में राहुल गांधी के छात्र कार्यक्रम के दौरान मंच पर किए गए हंसी-मजाक को लेकर जायसवाल ने कहा, 'हंसी-मजाक की भी एक सीमा होती है।' उन्होंने जोर दिया कि राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर आसीन हैं, इसलिए उनके सार्वजनिक व्यवहार में गंभीरता अपेक्षित है।
जायसवाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का व्यवहार 'इमैच्योर' है और यह कांग्रेस पार्टी के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। उन्होंने सुझाया कि पार्टी को इस मुद्दे पर आत्मविश्लेषण करना चाहिए।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब एसआईआर को लेकर देशभर में विपक्षी दल चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पहले ही न्यायिक राह अपना चुकी है। जायसवाल के बयान BJP की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं जिसके तहत पार्टी विपक्ष की हर आलोचना को 'संस्था-विरोधी' करार देती है। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक बहस और तीखी होने की संभावना है।