22 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एसआईआर पर कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रही है: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एसआईआर पर कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रही है: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

सारांश

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने एक साथ तीन मोर्चों पर कांग्रेस को घेरा — एसआईआर, बघेल काफिले पर हमला और राहुल गांधी का 'इमैच्योर' व्यवहार। BJP के लिए यह बयान चुनावी माहौल बनाने की कवायद है, जबकि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती रही है।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने 22 सितंबर 2026 को रायपुर में एसआईआर , बघेल काफिले हमले और राहुल गांधी के कार्यक्रम पर बयान दिया।
जायसवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग , ईवीएम और अब एसआईआर के माध्यम से संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करती रही है।
भूपेश बघेल के काफिले पर हुए कथित हमले की निंदा करते हुए उन्होंने तथ्यों के बिना BJP को जिम्मेदार ठहराने को 'पूर्वाग्रह से प्रेरित' बताया।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा द्वारा इसे कांग्रेस की 'आंतरिक कलह' बताए जाने का जायसवाल ने समर्थन किया।
राहुल गांधी के इंदौर छात्र कार्यक्रम के व्यवहार को जायसवाल ने 'इमैच्योर' और नेता प्रतिपक्ष पद के अनुरूप नहीं बताया।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने 22 सितंबर 2026 को रायपुर में मीडिया से बात करते हुए कई अहम मुद्दों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखे आरोप लगाए। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) विवाद, असम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले पर हुए कथित हमले और इंदौर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छात्र कार्यक्रम — तीनों मसलों पर जायसवाल ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पक्ष रखा।

एसआईआर और संवैधानिक संस्थाओं पर विवाद

जायसवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहली बार किसी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठा रही — पार्टी पहले चुनाव प्रणाली, चुनाव आयोग और ईवीएम को भी निशाना बना चुकी है। उन्होंने कहा, 'एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय तक गई, और अब नए सवाल खड़े किए जा रहे हैं।' उनके अनुसार, 'संवैधानिक संस्थाओं और संविधान का अपमान करना कांग्रेस की फितरत में शामिल है।'

जायसवाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस का जनाधार क्षीण हो चुका है और पार्टी आगामी चुनाव में संभावित पराजय के लिए अभी से राजनीतिक वातावरण तैयार करने में जुटी है। उनके अनुसार, एसआईआर का मुद्दा कांग्रेस के लिए एक राजनीतिक उपकरण मात्र है।

भूपेश बघेल के काफिले पर हमले की घटना

असम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले पर कथित हमले को लेकर जायसवाल ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति या समूह ने हमला किया है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'बिना तथ्यों के किसी घटना को BJP से जोड़ना पूर्वाग्रह से प्रेरित जल्दबाजी है।'

जब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के उस बयान का हवाला दिया गया जिसमें उन्होंने इसे कांग्रेस की 'आंतरिक कलह' बताया था, तो जायसवाल ने कहा कि बघेल असम में कांग्रेस के प्रभारी हैं और वहाँ उनकी 'कोई व्यापक लोकप्रियता नहीं है।' उन्होंने सुझाया कि यदि घटना का संबंध टिकट वितरण या पार्टी के भीतरी विवाद से है, तो उस पहलू की भी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने बघेल को भाजपा की ओर देखने के बजाय कांग्रेस के अंदर की परिस्थितियों पर ध्यान देने की सलाह दी।

राहुल गांधी के इंदौर छात्र कार्यक्रम पर आपत्ति

इंदौर में राहुल गांधी के छात्र कार्यक्रम के दौरान मंच पर किए गए हंसी-मजाक को लेकर जायसवाल ने कहा, 'हंसी-मजाक की भी एक सीमा होती है।' उन्होंने जोर दिया कि राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर आसीन हैं, इसलिए उनके सार्वजनिक व्यवहार में गंभीरता अपेक्षित है।

जायसवाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का व्यवहार 'इमैच्योर' है और यह कांग्रेस पार्टी के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। उन्होंने सुझाया कि पार्टी को इस मुद्दे पर आत्मविश्लेषण करना चाहिए।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब एसआईआर को लेकर देशभर में विपक्षी दल चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पहले ही न्यायिक राह अपना चुकी है। जायसवाल के बयान BJP की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं जिसके तहत पार्टी विपक्ष की हर आलोचना को 'संस्था-विरोधी' करार देती है। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक बहस और तीखी होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विश्लेषण कम — क्योंकि नेता प्रतिपक्ष का छात्रों से अनौपचारिक संवाद लोकतंत्र में सामान्य है। असली सवाल यह है कि एसआईआर पर न्यायालय के रास्ते जाना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है — उसे 'अपमान' कहना बहस की जगह नहीं छोड़ता।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों की गहन समीक्षा की प्रक्रिया है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं और मामले को उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय तक ले गए हैं।
भूपेश बघेल के काफिले पर हमले में BJP की भूमिका को लेकर जायसवाल ने क्या कहा?
जायसवाल ने घटना की निंदा की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की, लेकिन तथ्यों के बिना BJP को जिम्मेदार ठहराने को 'पूर्वाग्रह से प्रेरित' बताया। उन्होंने असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के उस बयान का भी समर्थन किया जिसमें इसे कांग्रेस की आंतरिक कलह बताया गया।
राहुल गांधी के इंदौर छात्र कार्यक्रम पर BJP की क्या आपत्ति है?
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए मंच पर हंसी-मजाक की एक सीमा होनी चाहिए। उन्होंने गांधी के व्यवहार को 'इमैच्योर' करार देते हुए कांग्रेस से इस पर विचार करने को कहा।
जायसवाल के अनुसार कांग्रेस एसआईआर मुद्दा क्यों उठा रही है?
जायसवाल का आरोप है कि कांग्रेस का जनाधार समाप्त हो चुका है और पार्टी आगामी चुनाव में संभावित हार के लिए पहले से राजनीतिक माहौल तैयार कर रही है। उनके अनुसार, एसआईआर का मुद्दा कांग्रेस के लिए एक राजनीतिक उपकरण है, न कि वास्तविक चिंता।
क्या कांग्रेस ने एसआईआर पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है?
हाँ, जायसवाल के बयान के अनुसार कांग्रेस एसआईआर के मुद्दे पर उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय तक गई है। हालाँकि न्यायालयों के फैसलों का विस्तृत ब्यौरा उनके बयान में नहीं दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले