मोतिहारी के राम जानकी मंदिर से चोरी अष्टधातु मूर्तियाँ बरामद, आरोपी अमोद कुमार साह गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी चंपारण जिले के लखौरा थाना क्षेत्र स्थित राम जानकी मंदिर से चोरी हुई भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की अष्टधातु मूर्तियाँ मोतिहारी पुलिस ने 4 अगस्त को बरामद कर लीं। लखौरा निवासी आरोपी अमोद कुमार साह को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मामले में संलिप्त एक-दो अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि लखौरा मिडिल स्कूल के समीप स्थित राम जानकी मंदिर से अज्ञात चोर बहुमूल्य अष्टधातु मूर्तियाँ और मुकुट उठा ले गए हैं। सूचना मिलते ही लखौरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। त्वरित पूछताछ के दौरान अमोद कुमार साह, निवासी लखौरा बरवा, थाना लखौरा, जिला पूर्वी चंपारण को हिरासत में लिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने चोरी की सभी मूर्तियाँ जमीन में गड्ढा खोदकर छिपा रखी थीं। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मूर्तियाँ और मुकुट दोनों बरामद कर लिए।
पुलिस अधीक्षक की प्रतिक्रिया
पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि जिले में हाल के दिनों में मंदिरों में चोरी की दो घटनाएँ सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले केसरिया थाना क्षेत्र के एक मंदिर से दानपेटी और उसमें रखी नकदी चोरी हुई थी, जिसमें भी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर दानपेटी और चोरी की राशि बरामद कर ली थी।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए लापरवाही बरतने वाले संबंधित गश्ती दल और चौकीदारों को निलंबित किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर नए निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले के सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों के मंदिर प्रशासन के साथ बैठक कर सीसीटीवी कैमरे लगवाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही रात के समय प्रहरी की व्यवस्था भी अनिवार्य की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
एसपी ने कहा कि पुलिस मंदिरों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और व्यापक सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है।
आगे की कार्रवाई
मामले में शामिल शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। एसपी स्वर्ण प्रभात के अनुसार इस घटना में एक-दो अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है। पूर्वी चंपारण में मंदिर सुरक्षा का यह मुद्दा अब जिला प्रशासन की प्राथमिकता सूची में शामिल हो गया है।