चेन्नई में पुलिस की मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश थोप्पई गणेश ढेर
सारांश
Key Takeaways
- चेन्नई में पुलिस ने थोप्पई गणेश को मुठभेड़ में ढेर किया।
- गणेश पर पुझल जिले में डकैती का आरोप था।
- पुलिस ने कई आपराधिक मामलों में उसकी संलिप्तता को स्थापित किया।
चेन्नई, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चेन्नई के माधवराम राउंडटाना के समीप एक मुठभेड़ में पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी, थोप्पई गणेश, को ढेर कर दिया। यह बदमाश पुझल जिले में एक घर में हुई डकैती का आरोपी था। जब पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, तो उसने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया और भागने की कोशिश की, जिसके चलते मुठभेड़ में उसे गोली लगी।
पुलिस के अनुसार, 30 जनवरी 2026 को सुबह करीब 5:40 बजे पुझल जिले के कुझल थिरुनीलकंदन नगर में महावीर गार्डन स्थित विजयकुमार के घर में डकैती की घटना हुई थी। छह नकाबपोश बदमाश रसोई के पिछले दरवाजे से घर में घुसे, परिवार वालों को चाकू दिखाकर धमकाया और 25 लाख रुपये कैश, लगभग 15 सोने के आभूषण और एक हीरे की बाली लूटकर भाग गए।
इस घटना में एक महिला, जिसका नाम वसंत है, को होंठ पर हल्की चोट आई। पुझल पुलिस स्टेशन में शिकायत के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। फिंगर प्रिंट साक्ष्य और इलाके की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने थोप्पई गणेश को डकैती में संलिप्त पाया। इस मामले में पुलिस ने वकीलों समेत कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया।
पुलिस थोप्पई गणेश की तलाश कर रही थी, तभी सोमवार सुबह उसे माधवराम राउंडटाना के पास देखा गया। जैसे ही पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, गणेश ने अधिकारियों पर हमला किया और भागने की कोशिश की। आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चलाई, जो उसे लग गई।
गोली लगने के बाद थोप्पई गणेश को तुरंत चेन्नई के स्टेनली सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। उसका शव अस्पताल में रखा गया है।
पुलिस ने बताया कि थोप्पई गणेश के खिलाफ व्यासर्पडी, माधवराम, चितलापक्कम और मदिपक्कम समेत 14 पुलिस थानों में हत्या, लूट और लूट के प्रयास जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
लगभग एक वर्ष पहले थोप्पई गणेश और उसके साथी अरिवाझगन को चेन्नई पुलिस ने तिरुट्टानी के पास एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय अरिवाझगन को पुलिस ने गोली मार दी थी। जमानत पर रिहा होने के बाद थोप्पई गणेश फरार हो गया था और बाद में इस डकैती में उसका नाम सामने आया। इस मामले में पहले ही दो वकीलों समेत पांच से अधिक लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी थी।