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क्या सबरीमाला सोना चोरी मामले में एसआईटी की रिपोर्ट पर चेंनिथला ने सवाल उठाए?

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क्या सबरीमाला सोना चोरी मामले में एसआईटी की रिपोर्ट पर चेंनिथला ने सवाल उठाए?

सारांश

तिरुवनंतपुरम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष रमेश चेंनिथला ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में एसआईटी रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। क्या यह रिपोर्ट वास्तव में विश्वसनीय है? जानिए चेंनिथला ने क्या कहा।

मुख्य बातें

रमेश चेंनिथला ने एसआईटी की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।
चोरी हुआ सोना अब भी गायब है।
एसआईटी की जांच की विश्वसनीयता पर संदेह।
सीबीआई जांच की मांग उठाई जा रही है।
राजनीतिक दबाव की आशंका।

तिरुवनंतपुरम, ८ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य रमेश चेंनिथला ने गुरुवार को सबरीमाला सोना चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट पर महत्वपूर्ण सवाल उठाए। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में डिंडीगुल के कारोबारी डी. मणि की संलिप्तता से इनकार किया है, जिस पर चेंनिथला ने संदेह व्यक्त किया।

चेंनिथला ने एसआईटी की जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि सबरीमाला से चोरी हुआ सोना आखिर कहां है। उन्होंने कहा कि अब तक एसआईटी चोरी हुए सोने का पता लगाने में पूरी तरह विफल रही है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “सबरीमाला में सोने की प्लेट से चोरी हुआ सोना आज तक बरामद नहीं किया जा सका है। एसआईटी इस बुनियादी सवाल का जवाब नहीं दे पाई है कि जब्त की गई संपत्ति आखिर कहां है।”

उन्होंने यह भी कहा कि लापता सोना केवल कथित रूप से ज्वेलरी कारोबारी गोवर्धन के पास मौजूद ३०० ग्राम तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कहीं अधिक मात्रा का सोना अब भी गायब है।

चेंनिथला ने बताया कि उन्होंने जो जानकारियां पहले साझा की थीं, वे उनके एक करीबी मित्र और अनिवासी उद्योगपति से प्राप्त इनपुट पर आधारित थीं। उन्होंने कहा कि वह अब भी उस उद्योगपति के संपर्क में हैं और वह अपने पहले दिए गए बयानों पर कायम है।

चेंनिथला के अनुसार, उद्योगपति ने मामले से जुड़े अहम सुराग उपलब्ध कराए हैं और यदि निष्पक्ष व ईमानदार जांच की जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने एसआईटी की कार्यप्रणाली और उसके गठन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कार्यालय की ओर से हाल के दिनों में जांच को प्रभावित करने की कोशिशें की गई हैं।

उन्होंने दावा किया कि एक पुलिस एसोसिएशन से जुड़े दो लोगों को एसआईटी में शामिल किया गया है और माकपा से करीबी संबंध रखने वाली पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारी अब जांच दल का हिस्सा हैं।

इन घटनाक्रमों को “अत्यंत संदिग्ध” करार देते हुए चेंनिथला ने कहा कि इससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा कि केवल अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच ही इस हाई-प्रोफाइल मामले की पूरी सच्चाई सामने ला सकती है और जनता का भरोसा बहाल कर सकती है।

गौरतलब है कि अब तक एसआईटी ने इस सोना चोरी कांड से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए गए १५ लोगों में से १० को गिरफ्तार किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबरीमाला सोना चोरी मामला क्या है?
यह मामला सबरीमाला से चोरी हुए सोने से संबंधित है, जिसमें कई लोगों की संलिप्तता का आरोप है।
एसआईटी ने किसकी संलिप्तता से इनकार किया?
एसआईटी ने डिंडीगुल के कारोबारी डी. मणि की संलिप्तता से इनकार किया है।
चेंनिथला ने किस पर सवाल उठाए हैं?
चेंनिथला ने एसआईटी की जांच की विश्वसनीयता और उसके गठन पर सवाल उठाए हैं।
क्या लापता सोने की मात्रा केवल 300 ग्राम है?
चेंनिथला के अनुसार, लापता सोना 300 ग्राम से अधिक है।
क्या इस मामले में सीबीआई जांच की आवश्यकता है?
चेंनिथला का मानना है कि केवल सीबीआई जांच ही इस मामले की सच्चाई सामने ला सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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