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छिंदवाड़ा: BJP विधायक निवास पर कांग्रेस कार्यकर्ता से मारपीट, नकुलनाथ ने 72 घंटे में कार्रवाई की मांग की

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छिंदवाड़ा: BJP विधायक निवास पर कांग्रेस कार्यकर्ता से मारपीट, नकुलनाथ ने 72 घंटे में कार्रवाई की मांग की

सारांश

छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में BJP विधायक के निवास पर कांग्रेस कार्यकर्ता से हुई कथित मारपीट ने जिले की राजनीति को गर्मा दिया है। पूर्व सांसद नकुलनाथ ने 72 घंटे का अल्टीमेटम देकर साफ कर दिया है — कार्रवाई नहीं हुई तो मामला विधानसभा तक जाएगा।

मुख्य बातें

अमरवाड़ा में भाजपा विधायक कमलेश शाह के निवास पर कांग्रेस कार्यकर्ता बलराम से कर्मचारी नेमा व साथियों द्वारा कथित मारपीट की गई।
पूर्व सांसद नकुलनाथ ने पुलिस प्रशासन को 72 घंटे में कठोर कानूनी कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया।
कार्रवाई न होने पर मामला मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश विधानसभा तक उठाने की चेतावनी।
भाजपा विधायक कमलेश शाह मूलतः कांग्रेस से थे; 2023 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए।
नकुलनाथ ने घटना को जिले में आदिवासी अत्याचार और प्रशासनिक निष्क्रियता के व्यापक संदर्भ से जोड़ा।

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ता बलराम के साथ कथित तौर पर मारपीट की गंभीर घटना सामने आई है। पूर्व सांसद नकुलनाथ ने 19 अक्टूबर 2026 को इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि 72 घंटे के भीतर दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, अन्यथा यह मामला मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश विधानसभा तक पहुँचाया जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

आरोपों के अनुसार, अमरवाड़ा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक कमलेश शाह के कर्मचारी नेमा एवं उनके साथियों ने कांग्रेस कार्यकर्ता बलराम को विधायक निवास पर ले जाकर मारपीट की। यह घटना अमरवाड़ा क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रही है।

गौरतलब है कि भाजपा विधायक कमलेश शाह पहले कांग्रेस पार्टी में थे। उन्होंने 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और वर्तमान में भाजपा विधायक के रूप में कार्यरत हैं। इस पृष्ठभूमि में हुई यह घटना राजनीतिक रूप से और भी संवेदनशील हो जाती है।

नकुलनाथ की चेतावनी

पूर्व सांसद नकुलनाथ ने इस घटना को 'बेहद गंभीर और निंदनीय' करार देते हुए कहा, 'सत्ता के अहंकार में बैठे लोग यह बात अच्छी तरह समझ लें कि कांग्रेस का कोई भी कार्यकर्ता अकेला नहीं है। पार्टी के हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता के सम्मान, सुरक्षा और न्याय की लड़ाई में मैं स्वयं और कांग्रेस पार्टी के सभी साथी पूरी मज़बूती से उसके साथ खड़े हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'हम अन्याय के सामने झुकने वाले नहीं हैं। सत्ता का अहंकार हो या किसी भी तरह की गुंडागर्दी, उसका जवाब ज़रूर दिया जाएगा। कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि है। न्याय मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।'

आदिवासी अत्याचार का संदर्भ

नकुलनाथ ने इस घटना को केवल एक कार्यकर्ता से मारपीट तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे छिंदवाड़ा जिले में आदिवासी समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों के व्यापक संदर्भ से जोड़ा। उनका कहना है कि यह घटना जिले में पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। यह ऐसे समय में आई है जब मध्य प्रदेश में आदिवासी अधिकारों और सुरक्षा का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।

आगे क्या होगा

नकुलनाथ ने स्पष्ट किया है कि यदि 72 घंटे में पुलिस प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश विधानसभा में उठाएंगे। इस मामले में आगे की कानूनी और राजनीतिक हलचल पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पुलिस प्रशासन सत्तापक्ष के विधायक के निवास से जुड़े मामले में स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने की स्थिति में है। कमलेश शाह का कांग्रेस से भाजपा में जाना और उनके समर्थकों का यह कथित व्यवहार — दोनों मिलकर जिले में सत्ता-परिवर्तन के बाद की राजनीतिक जमीन की असली तस्वीर पेश करते हैं।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छिंदवाड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ता से मारपीट की घटना क्या है?
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा में भाजपा विधायक कमलेश शाह के कर्मचारी नेमा व साथियों ने कांग्रेस कार्यकर्ता बलराम को विधायक निवास पर ले जाकर कथित तौर पर मारपीट की। यह घटना 19 अक्टूबर 2026 को सामने आई।
नकुलनाथ ने इस मामले में क्या मांग की है?
पूर्व सांसद नकुलनाथ ने पुलिस प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यदि समयसीमा में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मामला मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश विधानसभा तक ले जाने की बात कह रहे हैं।
भाजपा विधायक कमलेश शाह कौन हैं?
कमलेश शाह अमरवाड़ा से भाजपा के वर्तमान विधायक हैं। वे पहले कांग्रेस पार्टी में थे और 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे।
क्या इस मामले में आदिवासी समुदाय का भी संबंध है?
नकुलनाथ ने इस घटना को छिंदवाड़ा जिले में आदिवासी समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों के व्यापक संदर्भ में रखा है। उनका कहना है कि यह घटना जिले में आदिवासी भाइयों पर अत्याचार की बड़ी तस्वीर का हिस्सा है।
अगर 72 घंटे में कार्रवाई न हुई तो क्या होगा?
नकुलनाथ ने चेतावनी दी है कि समयसीमा में पुलिस कार्रवाई न होने पर वे यह मामला मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश विधानसभा में उठाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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