चिकबल्लापुर के सरकारी रेजिडेंशियल स्कूल में 15 वर्षीय छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न, प्रिंसिपल ईश्वर रेड्डी पर FIR
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के चिकबल्लापुर जिले में स्थित सरकारी मोरारजी देसाई मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में 9वीं कक्षा की एक 15 वर्षीय छात्रा के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। आरोप स्कूल के प्रिंसिपल ईश्वर रेड्डी पर लगाए गए हैं, जिनके खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
कथित घटना का विवरण
छात्रा के बयान के अनुसार, यह कथित घटना 26 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे स्कूल के मेडिसिन रूम में हुई। छात्रा ने बताया कि वह छठी कक्षा के एक बीमार छात्र को दवा देने उस कमरे में गई थी, तभी प्रिंसिपल ने उसे भीतर बुलाया और कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने उसे घटना के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा, 'स्कूल के प्रिंसिपल ने शनिवार (26 सितंबर) को और उस सप्ताह भी मेरे साथ गलत व्यवहार किया। उन्होंने मुझे किस किया, मेरी कमर पर हाथ रखा और मुझे गलत तरीके से छुआ। उन्होंने मेरा मुंह भी बंद कर दिया था।' उसने आगे कहा, 'ये यादें मेरे दिमाग में छप गई हैं। किसी के साथ भी वह अन्याय नहीं होना चाहिए जिसका मैंने सामना किया। कृपया मुझे न्याय दिलाने में मदद करें।'
शिकायत और FIR दर्ज होने की प्रक्रिया
रिपोर्टों के अनुसार, छात्रा ने पहले अपने सहपाठियों को इस घटना के बारे में बताया, जिसके बाद यह जानकारी शिक्षकों और उसके माता-पिता तक पहुँची। 27 सितंबर को पीड़िता के माता-पिता स्कूल पहुँचे और घटना की जानकारी लेने के बाद सीधे पुलिस के पास गए। 28 सितंबर को चिकबल्लापुर में बाल कल्याण अधिकारियों की उपस्थिति में छात्रा का आधिकारिक बयान दर्ज किया गया।
शिडलघट्टा तालुक की डिब्बुराहल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। स्कूल शिडलघट्टा तालुका के गोरलुम्मनहल्ली गाँव में स्थित है और इसमें लगभग 250 छात्र अध्ययनरत हैं।
कानूनी पहलू और जाँच की स्थिति
यह मामला बाल यौन अपराध संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज होने की संभावना है, क्योंकि पीड़िता की आयु 15 वर्ष है। पुलिस ने कथित यौन उत्पीड़न की जाँच शुरू कर दी है और आरोपी प्रिंसिपल ईश्वर रेड्डी के विरुद्ध FIR दर्ज की जा चुकी है। इस मामले में आगे की जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
आम जनता और अभिभावकों पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में सरकारी आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए जाते रहे हैं। गौरतलब है कि मोरारजी देसाई मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल जैसे संस्थान मुख्यतः वंचित तबके के बच्चों को शिक्षा देने के लिए स्थापित किए गए हैं, जहाँ बच्चे दूर से आकर रहते हैं और अपने परिवारों से दूर होते हैं। ऐसे में सुरक्षा तंत्र की विफलता और भी चिंताजनक मानी जाती है।
आगे क्या होगा
पुलिस जाँच जारी है और अधिकारियों के अनुसार मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी। बाल कल्याण समिति भी इस प्रकरण की निगरानी कर रही है। पीड़िता की सुरक्षा और मनोवैज्ञानिक सहायता सुनिश्चित करना भी अधिकारियों की प्राथमिकता बताई जा रही है।