चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को 'सेवा भाव' की प्रेरणा बताया
सारांश
Key Takeaways
- चिराग पासवान ने मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
- उन्होंने ममता बनर्जी की टिप्पणियों की आलोचना की।
- बिहार ने पीएम-एफएमई योजना में पहले स्थान पर कब्जा किया।
- विपक्ष की हताशा पर चिंता व्यक्त की।
- आने वाले समय में विकास की उम्मीद जताई।
पटना, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी, जो देश में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित सरकार के प्रमुख बने हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल मोदी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उनके सभी समर्थकों के लिए भी एक प्रेरणा है।
चिराग पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश के ऐसे नेता हैं जिन्होंने सेवा के लिए सबसे अधिक अवसर पाए हैं। उन्होंने बताया कि मोदी ने जनता की सेवा में महत्वपूर्ण समय बिताया है। मैं आशा करता हूँ कि वे भविष्य में भी इसी सेवा भाव के साथ काम करेंगे।
उन्होंने ममता बनर्जी द्वारा मोदी पर की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा की और कहा कि चुनाव के दौरान भाषा की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने बिहार चुनावों में प्रधानमंत्री की माता के लिए अपशब्दों का उदाहरण दिया।
चिराग पासवान ने कहा, "विपक्ष चुनाव जीतने की हताशा में किसी भी हद तक गिर सकता है। यह अनुचित है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। पश्चिम बंगाल में लोग परेशान हैं, और उनकी समस्याओं का समाधान करने वाला कोई नहीं है, इसलिए लोग भाजपा की ओर रुख कर रहे हैं।"
इसके अलावा, चिराग पासवान ने अपने मंत्रालय की योजनाओं का उल्लेख करते हुए पीएम-एफएमई योजना के तहत बिहार की उपलब्धियों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बिहार ने इस योजना में पहले स्थान पर कब्जा किया।
उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने और राज्य के छोटे एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने में बड़े कदम उठाए गए हैं। उनका कहना था कि यह प्रयास राज्य के विकास और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में राज्य और देश के विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह के विकास और सेवा कार्य जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने कई क्षेत्रों में प्रगति की है और उनके अनुभव से भविष्य में और भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।