9 अक्टूबर 2026
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रियासी में सीआईएसएफ जवान गोली लगने से घायल, जम्मू के बड़े अस्पताल में रेफर

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रियासी में सीआईएसएफ जवान गोली लगने से घायल, जम्मू के बड़े अस्पताल में रेफर

सारांश

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में शुक्रवार सुबह ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ जवान मोहम्मद मुश्ताक गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें जम्मू के बड़े अस्पताल में रेफर किया गया। यह घटना 29 सितंबर को कठुआ में हुई उस दर्दनाक घटना के बाद आई है जिसमें चार सीआईएसएफ जवान शहीद हुए थे।

मुख्य बातें

सीआईएसएफ जवान मोहम्मद मुश्ताक , निवासी मारी गाँव, रियासी , 9 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:10 बजे ड्यूटी के दौरान गोली लगने से घायल हुए।
घायल जवान को पहले रियासी जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर जम्मू के बड़े अस्पताल में रेफर किया गया।
घटना के कारणों का पता लगाने के लिए अधिकारियों ने जाँच शुरू की है।
29 सितंबर 2026 को कठुआ में सीआईएसएफ की आंतरिक गोलीबारी में 4 जवान शहीद हो गए थे — उनमें असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे भी शामिल थे।
जम्मू-कश्मीर में नवंबर 2025 और अगस्त 2025 में भी आकस्मिक गोलीबारी में दो सैनिकों की मौत हो चुकी है।

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 9:10 बजे ड्यूटी के दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का एक जवान गोली लगने से घायल हो गया। घायल जवान की पहचान रियासी जिले के मारी गाँव निवासी मोहम्मद मुश्ताक के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, घटना के सटीक कारणों की जाँच जारी है।

घटनाक्रम और उपचार

घायल होने के तुरंत बाद मोहम्मद मुश्ताक को रियासी जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार दिया। उनकी हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जम्मू के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गोली लगने की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी गई है।

पिछली घटनाओं का संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों से जुड़ी आकस्मिक हथियार-संबंधी घटनाओं की श्रृंखला पहले से ही चिंता का विषय बनी हुई है। 29 सितंबर 2026 को कठुआ जिले के मशका इलाके में सेवा-दो जलविद्युत परियोजना इकाई में तैनात कर्मचारियों के बीच कहासुनी के बाद हुई गोलीबारी में चार सीआईएसएफ जवान शहीद हो गए थे। मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद, और कांस्टेबल संदीप कुमार शामिल थे। आंतरिक जाँच के बाद आरोपी हेड कांस्टेबल को पुलिस के हवाले किया गया था।

इससे पहले, 3 नवंबर 2025 को एक सैन्य शिविर में सक्रिय पहरेदारी के दौरान राइफल से आकस्मिक गोली चलने से नायक अमरजीत सिंह की मृत्यु हो गई थी। उन्हें तत्काल पास के फील्ड अस्पताल ले जाया गया, परंतु उन्हें बचाया नहीं जा सका।

29 अगस्त 2025 को गांदरबल जिले में 54 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात नायक उप्पला रवि कुमार की सर्विस राइफल से आकस्मिक गोली चलने से मौत हुई थी। प्रारंभिक जाँच में इसे अनजाने में हुई दुर्घटना पाया गया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने औपचारिक मामला दर्ज किया।

आम जनता और बल पर असर

अधिकारियों और विशेषज्ञों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों से जुड़ी आकस्मिक हथियार-चालन की अधिकांश घटनाएँ नियमित पहरेदारी, वाहन आवागमन या ड्यूटी के तुरंत बाद की परिस्थितियों में होती हैं। परिचालनात्मक दबाव, चुनौतीपूर्ण भूभाग और हथियारों की निरंतर तत्परता को इनके प्रमुख परिस्थितिजन्य कारणों के रूप में रेखांकित किया जाता है।

आगे की स्थिति

फिलहाल घायल जवान मोहम्मद मुश्ताक का जम्मू के अस्पताल में उपचार जारी है। अधिकारियों ने कहा कि जाँच पूरी होने पर घटना के कारणों पर आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। इस मामले में आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें पाँच जवानों की जान जा चुकी है। यह आँकड़ा परिचालनात्मक दबाव और हथियार-प्रबंधन प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल उठाता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन घटनाओं को अलग-अलग 'दुर्घटनाओं' के रूप में पेश करती है, लेकिन एक व्यापक पैटर्न उभर रहा है जिस पर बल के शीर्ष नेतृत्व और गृह मंत्रालय को ठोस संस्थागत समीक्षा करनी चाहिए।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रियासी में सीआईएसएफ जवान को गोली कैसे लगी?
9 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 9:10 बजे रियासी जिले में ड्यूटी के दौरान सीआईएसएफ जवान मोहम्मद मुश्ताक को गोली लगी। अधिकारियों के अनुसार, घटना के सटीक कारणों की जाँच जारी है।
घायल जवान का अभी कहाँ इलाज हो रहा है?
घायल जवान मोहम्मद मुश्ताक को पहले रियासी जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जम्मू के एक बड़े अस्पताल में रेफर किया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।
इससे पहले सीआईएसएफ में ऐसी कौन-सी बड़ी घटनाएँ हुई थीं?
29 सितंबर 2026 को कठुआ जिले के मशका में चार सीआईएसएफ जवान — असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, और कांस्टेबल रफीक अहमद व संदीप कुमार — आंतरिक गोलीबारी में शहीद हो गए थे। नवंबर 2025 और अगस्त 2025 में भी जम्मू-कश्मीर में आकस्मिक फायरिंग में दो अन्य जवानों की मौत हुई थी।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों में आकस्मिक गोलीबारी के प्रमुख कारण क्या माने जाते हैं?
अधिकारियों और विशेषज्ञों के अनुसार, इन घटनाओं के पीछे परिचालनात्मक दबाव, चुनौतीपूर्ण भूभाग और हथियारों की निरंतर तत्परता प्रमुख परिस्थितिजन्य कारण हैं। अधिकांश घटनाएँ नियमित पहरेदारी, वाहन आवागमन या ड्यूटी के तुरंत बाद होती हैं।
कठुआ गोलीबारी में आरोपी का क्या हुआ?
29 सितंबर 2026 की कठुआ घटना के बाद सीआईएसएफ ने आंतरिक जाँच शुरू की और आरोपी हेड कांस्टेबल को पुलिस के हवाले कर दिया गया। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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