रावतभाटा परमाणु केंद्र में CISF जवान की गोली लगने से मौत, जांच में जुटी पुलिस
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा स्थित राजस्थान परमाणु ऊर्जा स्टेशन में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के 25 वर्षीय जवान प्रमीर सरकार की 22 अगस्त की रात ड्यूटी के दौरान गोली लगने से मौत हो गई। घटना की परिस्थितियाँ अभी तक स्पष्ट नहीं हैं और पुलिस व सुरक्षा एजेंसियाँ मामले की जाँच में जुटी हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुई मौत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात 8:30 बजे से सुबह 5:00 बजे तक की शिफ्ट में प्रमीर सरकार को यूनिट-3 और यूनिट-4 के रिएक्टर भवन के बाहर ड्यूटी पोस्ट पर तैनात किया गया था। शिफ्ट समाप्त होने से करीब आधा घंटा पहले गोली चलने की आवाज सुनकर साथी जवान मौके पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रमीर सरकार को छाती में गोली लगी अवस्था में जमीन पर पड़े पाया।
उन्हें तत्काल परमाणु ऊर्जा स्टेशन के अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को मॉर्च्युरी में रखा गया है और पश्चिम बंगाल से परिजनों के पहुँचने के बाद पोस्टमार्टम कराए जाने की बात कही गई है।
जाँच की स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही CISF कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट और रावतभाटा पुलिस मौके पर पहुँची। रावतभाटा थाना प्रभारी संजीव स्वामी ने बताया कि जवान अपने ड्यूटी पोस्ट पर गोली लगने की अवस्था में मृत पाए गए। पुलिस के अनुसार, घटना के समय प्रमीर सरकार के पास इंसास राइफल थी।
हालाँकि, CISF अधिकारियों का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली उनकी सर्विस राइफल से चली या नहीं और घटना किन परिस्थितियों में हुई। जाँच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मामले की सही तस्वीर सामने आ सकेगी।
मृतक जवान का परिचय
प्रमीर सरकार वर्ष 2025 में CISF में भर्ती हुए थे और करीब छह महीने पहले उनकी रावतभाटा में तैनाती हुई थी। उनके परिजन पश्चिम बंगाल में रहते हैं, जिन्हें घटना की जानकारी दे दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था और जवानों की मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
आगे की कार्यवाही
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ घटना के हर पहलू की जाँच कर रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जाँच के नतीजे मौत के सटीक कारण को स्पष्ट करेंगे। गौरतलब है कि राजस्थान परमाणु ऊर्जा स्टेशन एक अत्यंत संवेदनशील प्रतिष्ठान है, जहाँ सुरक्षा प्रोटोकॉल की हर चूक गंभीर जाँच का विषय बनती है।