12 अक्टूबर 2026
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सीजेआई सूर्यकांत BJP सदस्य की तरह न करें व्यवहार: कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद

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सीजेआई सूर्यकांत BJP सदस्य की तरह न करें व्यवहार: कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद

सारांश

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने CJI सूर्यकांत पर BJP सदस्य की तरह आचरण करने का सीधा आरोप लगाया। इंडिया ब्लॉक ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया रद्द करने की माँग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक मार्च की योजना बनाई है।

मुख्य बातें

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने 12 अक्टूबर 2026 को CJI न्यायमूर्ति सूर्यकांत पर BJP सदस्य की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया।
इंडिया ब्लॉक ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया रद्द करने की माँग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक मार्च की योजना बनाई।
राहुल गांधी ने इस मार्च को 'सभी भारतीयों का' बताया और आरोप लगाया कि सरकार SIR से लाभ उठा रही है।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार पद नहीं छोड़ते।
कांग्रेस सांसद गड्डम वामसी कृष्णा ने आरोप लगाया कि SIR नए और युवा मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के लिए लाई गई है।

कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्य की तरह आचरण नहीं करना चाहिए, बल्कि उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वे देश के प्रत्येक नागरिक को न्याय दिलाएँ। हरिप्रसाद एक विरोध मार्च के सिलसिले में दिल्ली पहुँचे थे, जिसमें कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय तक मार्च करने की योजना बनाई है।

हरिप्रसाद के आरोप और माँग

हरिप्रसाद ने कहा, 'CJI को BJP के सदस्य की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। वे सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हैं — उन्हें सभी को न्याय देना चाहिए।' कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख ने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को एक निष्पक्ष चुनाव आयुक्त होना चाहिए था, लेकिन उनके अनुसार वे लंबे समय से BJP के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। इसी कारण विपक्ष उनके इस्तीफे की माँग कर रहा है।

विपक्ष की मुख्य माँग यह है कि मतदाता सूची की 'विशेष गहन समीक्षा' (SIR) प्रक्रिया को रद्द किया जाए और ज्ञानेश कुमार पद छोड़ें। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के जरिये नए मतदाताओं, विशेषकर युवा पहली बार वोटरों, के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।

राहुल गांधी का नेतृत्व

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मार्च को किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित मार्च 'किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं, बल्कि सभी भारतीयों का है।' गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार SIR प्रक्रिया से सीधा लाभ उठा रही है।

कांग्रेस सांसद प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा, 'जो कोई भी संवैधानिक भारत में विश्वास रखता है, उसका इस आंदोलन में शामिल होने के लिए स्वागत है। हम राहुल गांधी के नेतृत्व में सर्वोच्च न्यायालय तक मार्च करेंगे।'

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद गड्डम वामसी कृष्णा ने BJP पर 'Gen Z' यानी युवा पहली बार मतदाताओं के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'वे पहली बार वोट देने वालों के मत नहीं जीत पा रहे। इसीलिए उन्होंने 'फॉर्म 6' पेश किया है और SIR लाई गई है।' महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने घोषणा की कि यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार पद नहीं छोड़ देते।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह टकराव ऐसे समय में आया है जब ECI द्वारा शुरू की गई SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक जारी है। गौरतलब है कि SIR के तहत मतदाता सूची की गहन जाँच की जाती है, जिसमें कुछ नाम हटाए भी जा सकते हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया राजनीतिक रूप से पक्षपाती है। इंडिया ब्लॉक द्वारा न्यायपालिका और चुनाव आयोग दोनों को एक साथ निशाने पर लेना इस आंदोलन को नया आयाम देता है।

आगे क्या होगा

विपक्षी गठबंधन का दबाव अब सर्वोच्च न्यायालय के दरवाजे तक पहुँच चुका है। नागरिक समाज संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने भी इसी मुद्दे पर ECI के विरुद्ध प्रदर्शन किया है। यदि इंडिया ब्लॉक सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करता है, तो SIR प्रक्रिया की कानूनी वैधता पर न्यायिक समीक्षा की संभावना बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विधायिका और न्यायपालिका — तीनों संस्थाओं को एक साथ घेरे में ला दिया है। लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि विपक्ष ने 'पक्षपात' के ठोस साक्ष्य नहीं रखे — बल्कि आरोप राजनीतिक परिणामों से निकाले गए हैं। असल सवाल यह है कि क्या SIR प्रक्रिया में वैधानिक खामियाँ हैं, जिसकी जाँच सर्वोच्च न्यायालय में हो सकती है — और वहीं से इस पूरे विवाद की असली दिशा तय होगी।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीके हरिप्रसाद ने CJI पर क्या आरोप लगाया?
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने 12 अक्टूबर 2026 को कहा कि CJI न्यायमूर्ति सूर्यकांत BJP सदस्य की तरह व्यवहार कर रहे हैं, जबकि उनकी जिम्मेदारी सभी नागरिकों को न्याय देने की है। हरिप्रसाद ने यह बयान सर्वोच्च न्यायालय तक विरोध मार्च के संदर्भ में दिया।
SIR (विशेष गहन समीक्षा) प्रक्रिया क्या है और इसका विरोध क्यों हो रहा है?
SIR यानी 'विशेष गहन समीक्षा' भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची की व्यापक जाँच की प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इसके जरिये नए और युवा मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे BJP को चुनावी फायदा होता है। इंडिया ब्लॉक इस प्रक्रिया को रद्द करने और CEC के इस्तीफे की माँग कर रहा है।
इंडिया ब्लॉक का सर्वोच्च न्यायालय मार्च किसके नेतृत्व में हुआ?
यह मार्च लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। राहुल गांधी ने इसे किसी एक दल का नहीं, बल्कि सभी भारतीयों का आंदोलन बताया।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग क्यों की जा रही है?
विपक्षी दलों का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार निष्पक्षता से काम करने की बजाय BJP के हित में कार्य कर रहे हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा है कि यह विरोध ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा।
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का इस विरोध में क्या रोल है?
नागरिक समाज संगठन CJP ने भी ECI के खिलाफ स्वतंत्र रूप से प्रदर्शन किया है। कांग्रेस सांसद प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा कि जो कोई भी संवैधानिक भारत में विश्वास रखता है, उसका इस आंदोलन में शामिल होने के लिए स्वागत है।
राष्ट्र प्रेस
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