11 अक्टूबर 2026
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सीजेपी विरोध प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार: 'युवाओं के असली नायक देश को पदक दिलाने वाले खिलाड़ी'

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सीजेपी विरोध प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार: 'युवाओं के असली नायक देश को पदक दिलाने वाले खिलाड़ी'

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर भाजपा ने दोतरफा हमला बोला — पटना से गुरु प्रकाश ने सीजेपी की वैधता को चुनौती दी, तो मुंबई से राम कदम ने कांग्रेस और रोहित पवार को एक साथ घेरा। यह टकराव चुनावी तंत्र की निष्पक्षता पर बढ़ते सियासी संघर्ष का हिस्सा है।

मुख्य बातें

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने पटना में सीजेपी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि असली युवा नायक देश को एशियाई खेलों में 100+ पदक दिलाने वाले खिलाड़ी हैं।
राम कदम ने कांग्रेस नेताओं पर संविधान के प्रति दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
राम कदम ने विदेशी फंडिंग की आशंका जताई, लेकिन कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
रोहित पवार की 10 तारीख को 'मफलर रहस्य' खुलासे की घोषणा पूरी न होने पर भाजपा ने इसे 'सस्ता राजनीतिक स्टंट' कहा।
एमपीएससी विवाद पर राम कदम ने दावा किया कि छात्रों की सभी मांगें पूरी कर दी गई हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के विरोध प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। 11 अक्टूबर 2026 को पटना में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश और मुंबई में भाजपा नेता राम कदम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीजेपी की भूमिका और कांग्रेस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए।

गुरु प्रकाश का सीजेपी पर सवाल

पटना में प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने सीजेपी की भूमिका को चुनौती दी। उन्होंने कहा, 'सीजेपी क्या है? क्या वे युवाओं के खुद-ब-खुद बने रखवाले हैं।' उनके अनुसार देश के असली युवा वे हैं जो एशियाई खेलों में भारत के लिए 100 से अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन करते हैं।

उनके इस बयान को विरोध प्रदर्शन में युवाओं का प्रतिनिधित्व करने के सीजेपी के दावे पर भाजपा की सीधी आपत्ति के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर हाल ही में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था।

राम कदम का कांग्रेस पर दोहरेपन का आरोप

मुंबई में भाजपा नेता राम कदम ने कांग्रेस नेताओं पर संविधान के प्रति दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता हाथ में संविधान लेकर उसकी बात तो करते हैं, लेकिन उनके कार्य संविधान को कमज़ोर करने वाले होते हैं। राम कदम ने यह भी सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस नेता कानून और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से ऊपर हैं, जबकि किसी भी विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होता है।

राम कदम ने एक कांग्रेस नेता की विदेश यात्रा का उल्लेख करते हुए देश में अशांति फैलाने की कोशिशों के पीछे विदेशी फंडिंग की आशंका जताई। हालाँकि, उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

एसआईआर प्रक्रिया और रोहित पवार पर हमला

मतदाता सूची सत्यापन (SIR) प्रक्रिया का बचाव करते हुए राम कदम ने कहा कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने का काम जवाहरलाल नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक कई प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में होता रहा है।

इसके अलावा, राम कदम ने महाराष्ट्र के नेता रोहित पवार पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रोहित पवार ने 10 तारीख को एक कथित 'मफलर रहस्य' का खुलासा करने की घोषणा की थी, लेकिन तय तारीख बीत जाने के बाद भी कोई खुलासा सामने नहीं आया। राम कदम ने इसे 'सस्ता राजनीतिक स्टंट' करार दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज ठाकरे द्वारा एक मंच पर रोहित पवार की राजनीति पर सवाल उठाए जाने के बावजूद वे इस तरह के स्टंट कर रहे हैं।

एमपीएससी विवाद पर भाजपा का दावा

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के मुद्दे पर राम कदम ने दावा किया कि छात्रों की सभी मांगें पूरी कर दी गई हैं। यह मुद्दा हाल के हफ्तों में महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना रहा है।

आगे का राजनीतिक परिदृश्य

भाजपा की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब सीजेपी और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक विवाद के और तेज़ होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति पर अडिग दिख रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल सवाल — मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया और एसआईआर की पारदर्शिता — अनुत्तरित रह जाते हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धियों का हवाला देकर नागरिक समाज की आपत्तियों को नकारना, बहस को मूल मुद्दे से भटकाने का पुराना सियासी दाँव है। राम कदम द्वारा विदेशी फंडिंग की आशंका बिना किसी प्रमाण के जताना, विपक्षी आवाज़ों को अवैध ठहराने की उसी प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसे आलोचक लोकतांत्रिक विमर्श के लिए चिंताजनक मानते हैं।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन क्यों किया?
सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया और मतदाता सूची सत्यापन (SIR) प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। संगठन का तर्क है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष चुनावी तंत्र के लिए खतरा पैदा करती है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने सीजेपी पर क्या कहा?
गुरु प्रकाश ने पटना में कहा कि 'सीजेपी क्या है? क्या वे युवाओं के खुद-ब-खुद बने रखवाले हैं।' उनके अनुसार देश के असली युवा वे खिलाड़ी हैं जो एशियाई खेलों में 100 से अधिक पदक जीतकर भारत का नाम रोशन करते हैं।
राम कदम ने कांग्रेस और रोहित पवार पर क्या आरोप लगाए?
राम कदम ने कहा कि कांग्रेस नेता संविधान की बात करते हैं लेकिन उनके कार्य उसे कमज़ोर करते हैं। रोहित पवार पर उन्होंने आरोप लगाया कि 10 तारीख को 'मफलर रहस्य' का खुलासा करने की घोषणा के बाद भी कोई खुलासा नहीं हुआ, जिसे उन्होंने 'सस्ता राजनीतिक स्टंट' कहा।
एमपीएससी विवाद पर भाजपा का क्या कहना है?
भाजपा नेता राम कदम ने दावा किया कि महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के मामले में छात्रों की सभी मांगें पूरी कर दी गई हैं। हालाँकि, विपक्ष इस दावे से असहमत है।
मतदाता सूची सत्यापन (SIR) प्रक्रिया क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न, मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है। भाजपा का कहना है कि यह नेहरू से मनमोहन सिंह तक सभी सरकारों में होती रही है, जबकि विपक्ष इसकी पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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