7 अक्टूबर 2026
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शुभेंदु अधिकारी का दार्जिलिंग दौरा रद्द, मोदी के 25 साल पूरे होने के कार्यक्रम में गुजरात रवाना

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शुभेंदु अधिकारी का दार्जिलिंग दौरा रद्द, मोदी के 25 साल पूरे होने के कार्यक्रम में गुजरात रवाना

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का दार्जिलिंग दौरा अंतिम क्षण में रद्द — जीजेएम स्थापना दिवस और सिक्किम के मुख्यमंत्री के साथ संभावित मंच-साझेदारी चूक गई। वे अब मोदी के 25 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम में गुजरात रवाना हो गए, जो पहाड़ी राजनीति के लिहाज़ से एक अहम मोड़ है।

मुख्य बातें

शुभेंदु अधिकारी का 7 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित दार्जिलिंग दौरा अंतिम क्षण में रद्द कर दिया गया।
वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक प्रशासनिक यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम में शामिल होने गुजरात रवाना हुए।
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के स्थापना दिवस पर अधिकारी मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित थे; सिक्किम के मुख्यमंत्री के भी मंच साझा करने की उम्मीद थी।
बिमल गुरुंग ने कहा कि BJP सरकार के आने के बाद पश्चिम बंगाल और सिक्किम के संबंधों में सुधार हुआ है।
जीजेएम वर्ष 2009 से BJP के साथ गठबंधन में है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित दार्जिलिंग दौरा अंतिम क्षण में रद्द कर दिया गया। अधिकारी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक प्रशासनिक यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुजरात रवाना हो गए।

क्या था दार्जिलिंग कार्यक्रम

मुख्यमंत्री अधिकारी को दार्जिलिंग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के स्थापना दिवस समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होना था। इस कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि इसमें सिक्किम के मुख्यमंत्री के भी मंच साझा करने की संभावना थी।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना था कि यह मंच पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता था। साथ ही इसे 2017-18 के गोरखालैंड आंदोलन के दौरान दार्जिलिंग की पहाड़ियों में उत्पन्न तनाव से आगे निकलने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा था।

पुराना तनाव और नई राजनीति

गौरतलब है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे थे। तत्कालीन राज्य सरकार लगातार सिक्किम पर दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कर्सियांग की पहाड़ियों में अशांति भड़काने का आरोप लगाती रही थी।

यह ऐसे समय में आया है जब पहाड़ी राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पकड़ मजबूत हो रही है और गोरखा समुदाय केंद्र की सत्ता के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश में है।

बिमल गुरुंग का बयान

जीजेएम के संस्थापक-अध्यक्ष बिमल गुरुंग ने कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिवेश में दोनों राज्यों के बीच संबंध पहले से बेहतर हुए हैं। उन्होंने दोनों मुख्यमंत्रियों को एक मंच पर लाने की इस पहल को पड़ोसी राज्यों के बीच सौहार्द स्थापित करने की कोशिश बताया।

गुरुंग ने कहा, 'जब ममता बनर्जी पहले मुख्यमंत्री थीं, तब सिक्किम के साथ संबंध अच्छे नहीं थे। सिक्किम या पश्चिम बंगाल में कोई समस्या होती थी, तो सिक्किम के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब पश्चिम बंगाल में डबल इंजन सरकार के तहत स्थिति में सुधार हुआ है।'

उन्होंने शुभेंदु अधिकारी को एक ऐसा नेता बताया जो खुद संघर्षों से गुज़रे हैं। गुरुंग ने कहा, 'जिस नेता ने खुद संघर्ष किया हो, वह दूसरों के बलिदान को समझता है। पिछले तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मैंने भी कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। उन मुश्किल दौर में भी शुभेंदु अधिकारी के साथ मेरे अच्छे संबंध रहे।'

जीजेएम और BJP का पुराना रिश्ता

गुरुंग ने स्पष्ट किया कि जीजेएम वर्ष 2009 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ खड़ा है। उनके अनुसार अब पार्टी केंद्र के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी सत्ता में होने से गोरखा समुदाय की राजनीतिक हैसियत मजबूत हुई है।

आगे क्या

दार्जिलिंग दौरे का रद्द होना पहाड़ी राजनीति में नए समीकरणों की जटिलता को उजागर करता है। जीजेएम के स्थापना दिवस कार्यक्रम में अधिकारी की अनुपस्थिति और इसके राजनीतिक प्रभाव पर आने वाले दिनों में चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री की गुजरात यात्रा के बाद यह देखना होगा कि दार्जिलिंग कार्यक्रम की नई तारीख कब तय होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2017-18 के गोरखालैंड आंदोलन के बाद की कड़वाहट को पाटने का प्रयास था, अब अधर में लटक गई है। BJP के 'डबल इंजन' का नारा पहाड़ी राज्यों में कितना ज़मीनी असर दिखाता है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अधिकारी दार्जिलिंग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता कब और कैसे दर्शाते हैं। केंद्रीय कार्यक्रम को प्राथमिकता देना राजनीतिक संदेश भी है — गुजरात की दिल्ली से निकटता, दार्जिलिंग की भौगोलिक दूरी से बड़ी साबित हुई।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुभेंदु अधिकारी का दार्जिलिंग दौरा क्यों रद्द हुआ?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का दार्जिलिंग दौरा इसलिए रद्द हुआ क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक प्रशासनिक यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित गुजरात के कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। रद्द करने की आधिकारिक वजह इसके अलावा सार्वजनिक नहीं की गई है।
दार्जिलिंग में जीजेएम स्थापना दिवस कार्यक्रम का महत्व क्या था?
यह कार्यक्रम इसलिए अहम था क्योंकि इसमें पश्चिम बंगाल और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों के एक मंच पर आने की संभावना थी, जो 2017-18 के गोरखालैंड आंदोलन के बाद दोनों राज्यों के बीच बिगड़े संबंधों को सुधारने का प्रतीक होता। राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे दार्जिलिंग की पहाड़ी राजनीति में नए समीकरण की शुरुआत मान रहे थे।
बिमल गुरुंग और जीजेएम का BJP से क्या रिश्ता है?
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के संस्थापक-अध्यक्ष बिमल गुरुंग के अनुसार उनका संगठन वर्ष 2009 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ है। गुरुंग ने BJP की केंद्र और पश्चिम बंगाल दोनों में सत्ता को गोरखा समुदाय के लिए अनुकूल बताया है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बीच पहले क्यों तनाव था?
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान पश्चिम बंगाल, सिक्किम पर दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कर्सियांग की पहाड़ियों में अशांति भड़काने का आरोप लगाती रही थी। 2017-18 के गोरखालैंड आंदोलन के दौरान यह तनाव अपने चरम पर था।
मुख्यमंत्री अधिकारी अब दार्जिलिंग कब जाएंगे?
फिलहाल दार्जिलिंग दौरे की नई तारीख की घोषणा नहीं हुई है। गुजरात कार्यक्रम के बाद इस पर कोई निर्णय अपेक्षित है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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