अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस: CM धामी बोले — 'बेटियाँ और महिलाएँ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता', 30% आरक्षण का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 11 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर देहरादून में आयोजित 'बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम' को संबोधित किया और स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की हर प्राथमिकता में बेटियाँ और महिलाएँ सबसे ऊपर हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में 30% हॉरिज़ॉन्टल आरक्षण इसी संकल्प का व्यावहारिक प्रमाण है।
नवरात्रि और बालिका दिवस का संयोग
धामी ने कहा कि यह दिन इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह नवरात्रि का पहला दिन था, जब देवी शैलपुत्री की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा, "सदियों से हमारी संस्कृति में लड़कियों को शक्ति का रूप माना गया है और अष्टमी नवमी की कन्या पूजन परंपरा इसी विश्वास की अभिव्यक्ति है।" उनके अनुसार, यह सांस्कृतिक भावना केवल अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए — बल्कि बेटियों के सर्वांगीण विकास में भी दिखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, "कन्या पूजन का असली मकसद तभी पूरा हो सकता है जब हम लड़कियों को शिक्षा पाने, अपना भविष्य बनाने और जीवन में सुरक्षित रूप से आगे बढ़ने के ज़रूरी मौके दें।"
ऑपरेशन सिंदूर और बेटियों की भूमिका
धामी ने अपने संबोधन में पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद शुरू हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट किया, तब इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी देश को देने वाली दो बेटियाँ थीं — विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी। धामी ने इसे भारत की बेटियों की सामर्थ्य और साहस का प्रतीक बताया।
सरकार की प्रमुख पहलें
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में बेटियों को नौकरी और स्वरोज़गार के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने जन्म से लेकर शिक्षा, कौशल विकास और रोज़गार तक की पूरी यात्रा में बालिकाओं के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 30% हॉरिज़ॉन्टल आरक्षण यह सुनिश्चित करता है कि हर सरकारी क्षेत्र में महिलाओं का प्रतिनिधित्व हो।
गौरतलब है कि उत्तराखंड उन गिने चुने राज्यों में है जहाँ सरकारी नौकरियों में इस स्तर का हॉरिज़ॉन्टल आरक्षण लागू किया गया है — जो राज्य की नीतिगत प्राथमिकताओं की दिशा को स्पष्ट करता है।
एक्स पर धामी की अपील
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदेशवासियों को बालिका दिवस की बधाई देते हुए लिखा, "बेटियाँ हमारा मान, स्वाभिमान और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं। उनका सशक्त होना केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बेटियों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के साथ साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
आगे की राह
धामी ने अपील की कि इस अवसर पर समाज के हर वर्ग को मिलकर ऐसा परिवेश बनाने का संकल्प लेना चाहिए जहाँ बेटियों को समान अधिकार, सम्मान और अवसर मिलें — ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सकें। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में बालिका शिक्षा और लिंगानुपात सुधार के लिए नीतिगत प्रयासों को और तेज़ करने की माँग बढ़ रही है।