खटीमा गोलीकांड बरसी: CM धामी ने शहीद स्मारक पर दी श्रद्धांजलि, आंदोलनकारियों के बलिदान को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार, 1 सितंबर को खटीमा गोलीकांड की बरसी पर शहीद स्मारक, खटीमा पहुँचकर राज्य निर्माण आंदोलन में प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने उन सभी ज्ञात-अज्ञात आंदोलनकारियों को नमन किया जिन्होंने एक पृथक उत्तराखंड राज्य के सपने को साकार करने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया।
खटीमा गोलीकांड: उत्तराखंड के इतिहास का दर्दनाक अध्याय
खटीमा गोलीकांड उत्तराखंड के राज्य निर्माण संघर्ष की वह पीड़ादायक घटना है जिसने आंदोलन को एक नई और निर्णायक दिशा दी। यह घटना आज भी राज्यवासियों के हृदय में उस बलिदान की अमिट स्मृति के रूप में जीवित है, जिसकी बुनियाद पर उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ। गौरतलब है कि यह वह दौर था जब पृथक राज्य की माँग को लेकर जन-आंदोलन अपने चरम पर था।
मुख्यमंत्री धामी के उद्गार
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा, 'आज हम सभी के लिए बहुत भावुक दिन है, क्योंकि हम उन लोगों को दिल से श्रद्धांजलि दे रहे हैं जिन्होंने हमारे राज्य को बनाने के आंदोलन में अपनी जान कुर्बान कर दी। यह दिन हमें उस संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है जिसकी वजह से हमारा नया राज्य बना।' उन्होंने आगे कहा कि वे खटीमा की दिल दहला देने वाली घटना को याद करते हैं और हर उस व्यक्ति का सम्मान करते हैं — चाहे वह जाना-पहचाना हो या अनजान — जिसने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में योगदान दिया।
आंदोलनकारियों के लिए सरकार की कल्याण पहलें
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बताया कि राज्य सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ प्रदान किया है। इसके साथ ही आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों की पेंशन राशि में भी वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि अमर शहीदों के सपनों और आकांक्षाओं के अनुरूप एक सशक्त, समृद्ध और नए उत्तराखंड के निर्माण के लिए सरकार निरंतर कार्यरत है।
सिटी पार्क का उद्घाटन
बरसी कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा में सिटी पार्क (ऑक्सीजन पार्क) का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पार्क खटीमा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा और स्थानीय निवासियों, पर्यटकों तथा महिलाओं के लिए भ्रमण व विश्राम का एक उत्तम स्थल बनेगा।
आगे की राह
यह बरसी समारोह उत्तराखंड सरकार की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है जिसमें राज्य निर्माण के योद्धाओं की विरासत को जीवित रखते हुए उनके सपनों का उत्तराखंड बनाने का संकल्प दोहराया जाता है। आने वाले वर्षों में आंदोलनकारियों के कल्याण के लिए और अधिक उपायों की उम्मीद जताई जा रही है।