5 अक्टूबर 2026
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सेवा संकल्प अभियान: CM धामी ने नानकमत्ता साहिब में श्रमदान किया, स्वच्छता का दिया संदेश

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सेवा संकल्प अभियान: CM धामी ने नानकमत्ता साहिब में श्रमदान किया, स्वच्छता का दिया संदेश

सारांश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेककर सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वयं झाड़ू उठाई और स्वच्छता का संदेश दिया — यह उत्तराखंड सरकार के धार्मिक-पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखने के व्यापक संकल्प की एक कड़ी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5 अक्टूबर 2026 को नानकमत्ता , उधम सिंह नगर में सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता कार्यक्रम में श्रमदान किया।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद लिया।
गुरुद्वारा कमेटी ने मुख्यमंत्री को सरोपा व स्मृति चिह्न भेंट किया।
सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर — प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन — से देशभर में चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5 अक्टूबर 2026 को उधम सिंह नगर जिले के नानकमत्ता में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित विशेष स्वच्छता कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की। अभियान की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए आशीर्वाद लिया।

श्रमदान और स्वच्छता संदेश

गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब परिसर में आयोजित इस अभियान के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं हाथ में झाड़ू उठाकर परिसर की सफाई की और श्रमदान का संदेश दिया। उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के साथ-साथ अपने आस-पास के परिवेश को स्वच्छ रखना हम सबका सामूहिक दायित्व है। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब कमेटी ने मुख्यमंत्री को सरोपा व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

सेवा संकल्प अभियान की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से आरंभ हुआ 'सेवा संकल्प अभियान' पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में नानकमत्ता साहिब परिसर में यह विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 वर्षों तक जनसेवा करने वाले वे देश के एकमात्र नेता हैं, जिन्होंने अपना जीवन देशवासियों के उत्थान को समर्पित किया है।

उत्तराखंड में स्वच्छता की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि उत्तराखंड एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन राज्य है, जहाँ देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक प्रतिवर्ष आते हैं। ऐसे में बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल इस अभियान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे एक सतत प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, जिला अध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टुरना, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष युवा मोर्चा भाजपा सतीश भट्ट, गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष सरदार जोगेंद्र सिंह, महासचिव सरदार अमरजीत सिंह बोपराय, सचिव सरदार हरभजन सिंह सहित कमेटी के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। प्रशासनिक पक्ष से जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय एवं कौस्तुभ मिश्रा तथा एसडीएम ऋचा सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु भी इस अभियान में सहभागी बने।

आगे की राह

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह स्वच्छता कार्यक्रम राज्य सरकार के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को स्वच्छ और आकर्षक बनाए रखना है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुई इस पहल से अपेक्षा है कि आम नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना और सुदृढ़ होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु असली कसौटी यह है कि क्या यह जनभागीदारी केवल वार्षिक अभियान तक सिमटी रहती है या धार्मिक-पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता की संस्थागत व्यवस्था बनती है। उत्तराखंड में प्रतिवर्ष करोड़ों श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में स्वच्छता की नीतिगत निरंतरता एक राजनीतिक संदेश से कहीं अधिक ज़रूरी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अभियान के बाद राज्य सरकार इन स्थलों पर नियमित सफाई की क्या दीर्घकालिक व्यवस्था सुनिश्चित करती है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेवा संकल्प अभियान क्या है?
सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू हुआ एक राष्ट्रव्यापी जनसेवा कार्यक्रम है, जिसके तहत देशभर में स्वच्छता, जनसेवा और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े आयोजन किए जाते हैं। उत्तराखंड में इसी अभियान के अंतर्गत नानकमत्ता साहिब में विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित हुआ।
CM धामी ने नानकमत्ता साहिब में क्या किया?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5 अक्टूबर 2026 को गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया और इसके बाद परिसर में स्वयं श्रमदान कर सफाई की। उन्होंने नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का आह्वान भी किया।
उत्तराखंड सरकार स्वच्छता को इतनी प्राथमिकता क्यों दे रही है?
उत्तराखंड एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन राज्य है जहाँ देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।
गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब का महत्व क्या है?
गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब उधम सिंह नगर जिले में स्थित एक ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थल है, जो सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी से जुड़ा माना जाता है। यह उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है और देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहाँ आते हैं।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए?
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टुरना, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा के साथ-साथ जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति और गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी शामिल हुए। बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु भी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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