सीएम धामी का निर्देश: 1 नवंबर तक पूरे हों सीवर-पेयजल के अधूरे काम, खुदी सड़कों की तत्काल मरम्मत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 13-14 अक्टूबर 2026 की देर रात मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) के साथ करीब चार घंटे की मैराथन उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीवर एवं पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों के अधूरे कार्य 1 नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं और खुदी सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
बैठक का दायरा और प्रमुख एजेंडा
बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल के आयुक्त, दोनों पुलिस परिक्षेत्रों के पुलिस महानिरीक्षक तथा संबंधित वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। विकास कार्यों की प्रगति, जनसुविधाएं, कानून-व्यवस्था, आगामी नवरात्र और दीपावली की तैयारियां, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन संबंधी कार्य, जिला योजना का क्रियान्वयन और हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियां — इन सभी विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब या जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सड़क मरम्मत और सीवर कार्यों पर सख्त निर्देश
धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों में सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर लंबित मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराएं। उन्होंने कहा, 'मैं स्वयं भी बहुत जल्द पूरे प्रदेश का दौरा सड़क मार्ग से करूंगा। यदि कहीं भी सड़क टूटी हुई मिली या मरम्मत कार्य में लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।'
सीवर एवं पेयजल पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की स्थिति पर उन्होंने विशेष चिंता जताई। आम नागरिकों, व्यापारियों और यात्रियों को आवागमन में हो रही परेशानी का हवाला देते हुए उन्होंने 1 नवंबर की समयसीमा निर्धारित की।
कानून-व्यवस्था और त्योहारी सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने संज्ञेय अपराधों में नियमानुसार तत्काल एफआईआर दर्ज करने और पीड़ितों को न्याय के लिए अनावश्यक परेशानी से बचाने के निर्देश दिए। नवरात्र और दीपावली को देखते हुए बाजारों, मंदिरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा।
ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि हरिद्वार कुंभ-2027 और आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए इन अभियानों को और प्रभावी बनाया जाए।
हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियां
कुंभ की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सड़कों, पुलों, घाटों, पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य सुविधाओं, पार्किंग और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए। मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित प्रमुख पर्यटन व धार्मिक स्थलों के लिए अग्रिम यातायात योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। पूर्ण हो चुके विकास कार्यों की जानकारी फोटो, वीडियो और तथ्यात्मक विवरण के साथ मीडिया व डिजिटल माध्यमों से साझा करने को कहा गया।
आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और वन्यजीव संघर्ष
आपदा प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित आवास प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पर्वतीय, दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों और एएनएम की नियमित उपलब्धता तथा स्वास्थ्य वैन को निर्धारित रोस्टर पर चलाने को कहा गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में भालू और तेंदुए सहित अन्य वन्यजीवों से होने वाले मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता व्यक्त करते हुए धामी ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा देने और पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी। प्रभारी सचिवों को निर्देश दिया गया कि वे प्रत्येक 15 दिन में आवंटित जनपद का भ्रमण कर जमीनी स्तर पर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करें।