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क्या सीएम नीतीश कुमार ने बिहार में 10 लाख 'जीविका दीदी' को 10,000 रुपए ट्रांसफर किए?

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क्या सीएम नीतीश कुमार ने बिहार में 10 लाख 'जीविका दीदी' को 10,000 रुपए ट्रांसफर किए?

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10 लाख जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपए का ट्रांसफर किया है। यह योजना महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में मदद करेगी और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी। जानिए इस योजना की पूरी जानकारी और इसके लाभों के बारे में।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10 लाख जीविका दीदियों को सहायता राशि दी गई।
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
बिहार में 35,478 स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ है।
इस योजना से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
यह पहल महिलाओं को स्वरोजगार में सहायता प्रदान करती है।

भागलपुर, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में 10 लाख जीविका दीदियों को प्रति लाभार्थी 10-10 हजार रुपए की दर से कुल 1,000 करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर की। इनमें भागलपुर जिले की 10 हजार से अधिक महिलाएं शामिल हैं।

इस योजना के अंतर्गत भागलपुर जिले में अब तक कुल 4 लाख 28 हजार 86 महिलाओं को लाभ मिल चुका है, जिनके खातों में कुल 428.086 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए हैं।

शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक अतिरिक्त महिलाएं इस योजना का लाभ उठाने में सफल रहीं, जिससे उनके बैंक खातों में 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी गई।

जिला मुख्यालय के समीक्षा भवन सहित सभी प्रखंड मुख्यालयों और जीविका संकुल संघों में कार्यक्रम का लाइव वीडियो प्रसारण किया गया। भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में जीविका दीदियां मौजूद रहीं।

भागलपुर की फूलन कुमारी, जो ओम जीविका सहायता समूह की सदस्य हैं, ने मुख्यमंत्री को महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता के लिए सहायता राशि देने के लिए धन्यवाद दिया। यहां बड़ी संख्या में जीविका दीदियां उपस्थित रहीं।

भागलपुर जिले में अब तक 35,478 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जिसमें कुल 4 लाख 30 हजार 985 महिलाएं शामिल हैं। पिछले दो माह में एक लाख से अधिक नई सदस्य जुड़ी हैं और 7 हजार से अधिक नए समूहों का निर्माण हुआ है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने महिलाओं को जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

यह योजना बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसकी शुरुआत 29 अगस्त 2025 को हुई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार में वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकें। इस योजना के तहत हर लाभार्थी महिला के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से 10-10 हजार रुपए का ट्रांसफर किया जा रहा है। इस राशि से महिलाएं स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी, जिससे उनके परिवार की आमदनी भी बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देशभर में ग्रामीण महिलाओं के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करती है। ऐसे प्रयासों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का क्या उद्देश्य है?
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
इस योजना के तहत कितनी राशि ट्रांसफर की गई है?
इस योजना के तहत 10 लाख जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपए का ट्रांसफर किया गया है, जिससे कुल 1,000 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई है।
इस योजना का लाभ किसे मिलेगा?
इस योजना का लाभ जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी प्रत्येक परिवार की एक महिला सदस्य को मिलेगा।
इस योजना की शुरुआत कब हुई थी?
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत 29 अगस्त 2025 को हुई थी।
क्या इस योजना से महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी?
हां, इस योजना से महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता में मदद मिलेगी, जिससे उनके परिवार की आमदनी बढ़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
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