मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना' के तहत बिजली खरीद समझौतों का वितरण किया

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना' के तहत बिजली खरीद समझौतों का वितरण किया

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना' के तहत डेवलपर्स को बिजली खरीद समझौते वितरित किए, जिससे किसानों को सस्ती सौर ऊर्जा मिलेगी।

मुख्य बातें

सौर ऊर्जा से कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाना किसानों को दिन के समय बिजली की उपलब्धता ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना किफायती दर पर बिजली की उपलब्धता ४,०२२ मेगावाट की क्षमता की सौर परियोजनाएँ

भोपाल, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने बुधवार को 'सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना' के अंतर्गत चुने गए डेवलपर्स को 'पावर परचेज एग्रीमेंट' (पीपीए) प्रदान किए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने निवास पर आयोजित एक समारोह में इन डेवलपर्स को बिजली खरीद समझौते वितरित किए। इस अवसर पर राज्य के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और विभाग के अन्य उच्च अधिकारी भी उपस्थित थे।

यह योजना कृषि सेक्टर को सौर ऊर्जा से सशक्त बनाने, किसानों को दिन के समय बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने और राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री यादव ने इस पहल को 'ग्रीन पावर स्टेट' (हरित ऊर्जा राज्य) बनने की दिशा में एक कदम बताया और कहा कि लगभग ८ लाख बिजली के पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा, "बिजली खरीद समझौते 'सूर्य मित्र कृषि फीडर' योजना के तहत वितरित किए गए हैं, जिससे लगभग ८ लाख बिजली के पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा। इस योजना के अंतर्गत कुल ४,०२२ मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएँ आवंटित की गई हैं। इससे बिजली मात्र २.४० रुपए से लेकर २.८५ रुपए प्रति यूनिट की किफायती दर पर उपलब्ध हो सकेगी।"

ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने बताया कि 'सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना' के अंतर्गत, बिजली के फीडरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य अलग कृषि फीडरों से जुड़े कृषि पंपों और ग्रिड से जुड़े मिश्रित फीडरों को भी सौर ऊर्जा की आपूर्ति करना है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से पूरे फीडर नेटवर्क और बिजली सब-स्टेशनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य है, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली मिल सकेगी।

उन्होंने आगे बताया कि जिन निवेशकों ने आवश्यक पात्रता मानदंडों को पूरा किया है, उन्हें चुना गया है और उनके साथ २५ वर्षों की अवधि के लिए बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

'सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना' प्रधानमंत्री कुसुम योजना का एक हिस्सा है। इस योजना के अंतर्गत, ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सौर ऊर्जा की आपूर्ति करने के लिए फीडरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाते हैं।

मध्य प्रदेश कृषि क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य है, जहां सिंचाई के लिए लगभग ८,००० अलग कृषि फीडर और लगभग ३५ लाख कृषि पंप मौजूद हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगा। यह पहल मध्य प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना क्या है?
यह योजना किसानों को सस्ती सौर ऊर्जा प्रदान करने के लिए बनाई गई है, जिससे उन्हें दिन के समय बिजली मिलेगी।
इस योजना के तहत कितने डेवलपर्स को समझौते दिए गए?
इस योजना के तहत कई डेवलपर्स को बिजली खरीद समझौते वितरित किए गए हैं।
इस योजना से किसानों को क्या लाभ होगा?
किसानों को सस्ती सौर ऊर्जा मिलेगी, जिससे उनकी ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी और खर्च में कमी आएगी।
सौर ऊर्जा की कीमतें क्या होंगी?
इस योजना के तहत सौर ऊर्जा की कीमतें मात्र २.४० से २.८५ रुपए प्रति यूनिट होंगी।
क्या यह योजना प्रधानमंत्री कुसुम योजना का हिस्सा है?
हाँ, 'सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना' प्रधानमंत्री कुसुम योजना का एक हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस