22 अगस्त 2026
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सीओईपी विवाद: छात्रों ने एनएसयूआई पर हॉस्टल में घुसपैठ और दबाव का आरोप लगाया, निष्पक्ष जांच की मांग

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सीओईपी विवाद: छात्रों ने एनएसयूआई पर हॉस्टल में घुसपैठ और दबाव का आरोप लगाया, निष्पक्ष जांच की मांग

सारांश

पुणे के सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में छात्रों ने एनएसयूआई पर हॉस्टल में 100-200 लोगों की भीड़ लाकर एक छात्रा को धमकाने का आरोप लगाया है। प्लेसमेंट सीजन के बीच उठा यह विवाद परिसर की सुरक्षा और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, पुणे में छात्रों के दो गुटों के बीच विवाद के बाद 22 अगस्त 2026 को संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई।
छात्रों का आरोप है कि एक छात्रा ने दबाव में मीडिया को बयान दिया था और बाद में स्वेच्छा से स्पष्टीकरण वीडियो रिकॉर्ड करना चाहा।
कथित तौर पर 100 से 200 लोगों की भीड़ — जिनमें एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस और कांग्रेस से जुड़े लोग बताए जा रहे हैं — हॉस्टल परिसर में घुस आई।
छात्रों ने प्लेसमेंट सीजन के दौरान सुरक्षा, पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की बात कही।
विज्ञप्ति में निष्पक्ष जांच, छात्रों की सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की गई है।
हुरपडे, अन्वय जोशी, ओंकार थोसर सहित सात छात्रों की ओर से जारी किया गया।

सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, पुणे में छात्रों के दो गुटों के बीच उपजे विवाद ने 22 अगस्त 2026 को नया मोड़ ले लिया, जब विश्वविद्यालय के एक छात्र समूह ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) पर हॉस्टल परिसर में अनधिकृत घुसपैठ और एक छात्रा को डराने-धमकाने का आरोप लगाया। छात्रों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

छात्रों के अनुसार, कैंपस में अशांति की जड़ एक छात्रा का वह बयान है जो उसने कथित तौर पर दबाव और हेरफेर के तहत मीडिया को दिया था। छात्रों का दावा है कि बाद में उस छात्रा ने स्वेच्छा से एक स्पष्टीकरण वीडियो रिकॉर्ड करने का निर्णय लिया, जिसमें उसने बताया कि उसका पूर्व बयान दबाव में दिया गया था।

प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि जैसे ही यह वीडियो रिकॉर्ड होने लगा, एनएसयूआई से जुड़े बताए जा रहे कुछ लोगों ने रिकॉर्डिंग रोकने और छात्रा को धमकाने की कोशिश की। इसके बाद छात्रा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और उसकी पूर्ण सहमति से उसे हॉस्टल परिसर के भीतर एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

हॉस्टल में घुसपैठ का आरोप

छात्रों के मुताबिक, इसके तुरंत बाद 100 से 200 लोगों की भीड़ हॉस्टल क्षेत्र में घुस आई। आरोप है कि इस भीड़ में कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े बताए जा रहे लोग शामिल थे। भीड़ का उद्देश्य कथित तौर पर छात्रा तक पहुँचना और उस पर अपना रुख बदलने का दबाव बनाना था।

इस घटना से हॉस्टल परिसर में भय और अशांति का माहौल पैदा हो गया। हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों ने भी भीड़ द्वारा धमकाए जाने की शिकायत की है।

छात्रों पर असर

प्रेस विज्ञप्ति में छात्रों ने कहा, 'हम 20 से 22 साल के छात्र हैं और हमारे हॉस्टल परिसर के अंदर 35 से 40 साल के वयस्कों द्वारा सामना और दबाव बनाया जाना बेहद परेशान करने वाला है।' छात्रों ने यह भी कहा कि इन घटनाओं ने प्लेसमेंट सीजन के दौरान उनकी सुरक्षा, पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाला है।

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट प्रक्रिया चल रही है, जिससे छात्रों का शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य सीधे प्रभावित हो सकता है।

छात्रों की मांगें

विज्ञप्ति जारी करने वाले छात्रों ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — पहली, इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच; दूसरी, सभी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना; और तीसरी, डराने-धमकाने तथा विश्वविद्यालय की शांति भंग करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई। उन्होंने एनएसयूआई और कांग्रेस से जुड़े लोगों पर अशांति फैलाने का आरोप लगाते हुए जवाबदेही तय करने की भी माँग की है।

यह संयुक्त बयान विघ्नेश जी. हुरपडे, अन्वय जोशी, ओंकार थोसर, श्रीपाद पांडे, तुषार महाजन, अंतरा कोकाटे और अनुप्रीता निंबालकर — सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के छात्रों — की ओर से जारी किया गया है।

आगे क्या होगा

अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन या एनएसयूआई की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच और विश्वविद्यालय प्रशासन का अगला कदम इस विवाद की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे किसी भी पक्ष से हो, एक गंभीर संस्थागत विफलता है। विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी और एनएसयूआई की अनुपस्थित प्रतिक्रिया दोनों ही चिंताजनक हैं। प्लेसमेंट सीजन के दौरान इस तरह की अशांति छात्रों के भविष्य पर जो असर डालती है, वह किसी राजनीतिक लाभ से कहीं अधिक महँगा पड़ सकता है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी विवाद क्या है?
पुणे की सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में छात्रों के दो गुटों के बीच हुए विवाद के बाद एक छात्र समूह ने 22 अगस्त 2026 को संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसमें एनएसयूआई पर एक छात्रा को दबाने और हॉस्टल में भीड़ लाकर अशांति फैलाने का आरोप लगाया गया है।
एनएसयूआई पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
छात्रों का आरोप है कि एनएसयूआई से जुड़े बताए जा रहे लोगों ने एक छात्रा का स्पष्टीकरण वीडियो रिकॉर्ड होने से रोकने की कोशिश की और उसे धमकाया। इसके बाद 100 से 200 लोगों की भीड़ हॉस्टल परिसर में घुस आई, जिसमें कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े लोग कथित तौर पर शामिल थे।
छात्रा के बयान को लेकर विवाद क्यों है?
छात्रों का दावा है कि संबंधित छात्रा ने शुरुआत में दबाव में आकर मीडिया को बयान दिया था। बाद में उसने स्वेच्छा से एक स्पष्टीकरण वीडियो रिकॉर्ड करने का फैसला किया, जिसमें उसने पूर्व बयान को दबाव में दिया गया बताया।
छात्रों ने क्या माँगें रखी हैं?
छात्रों ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सभी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, और हॉस्टल में घुसपैठ व धमकी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
यह विवाद छात्रों को कैसे प्रभावित कर रहा है?
छात्रों ने कहा है कि यह घटनाएँ प्लेसमेंट सीजन के दौरान हुई हैं, जिससे उनकी पढ़ाई, सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है। 20-22 साल के छात्रों का 35-40 साल के वयस्कों द्वारा हॉस्टल परिसर में सामना किया जाना उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने वाला बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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