कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ₹62.50 महंगा, दिल्ली में कीमत ₹2,810; ATF भी ₹16 प्रति लीटर बढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMC) ने 1 अक्टूबर 2026 से 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹62.50 की बढ़ोतरी की है। यह संशोधन अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों में मज़बूती और रुपये-डॉलर विनिमय दर में बदलाव के मद्देनज़र किया गया है। इसके साथ ही एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में भी ₹16 प्रति लीटर की वृद्धि की गई है।
नई कीमतें और पिछले संशोधनों का इतिहास
इस बढ़ोतरी के बाद नई दिल्ली में 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹2,810 हो गई है। उल्लेखनीय है कि सितंबर 2026 में भी इस सिलेंडर की कीमत ₹9.50 बढ़ाई गई थी।
इससे पहले अगस्त 2026 में कमर्शियल एलपीजी के दाम में ₹192 और जुलाई 2026 में ₹183.50 की कटौती की गई थी — यानी उपभोक्ताओं को कुछ महीनों की राहत के बाद एक बार फिर बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि फरवरी से जून 2026 के बीच इस सिलेंडर की कीमत में कुल ₹1,373 की भारी बढ़ोतरी हुई थी, जिससे कीमत ₹1,740.50 से उछलकर ₹3,113.50 पर पहुँच गई थी। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान और पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी बाधाओं के चलते जून 2026 में कमर्शियल एलपीजी की कीमत रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच गई थी।
घरेलू एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की कीमतें अपरिवर्तित
हालाँकि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹942 पर बरकरार रखी गई है। यह राहत की बात है, लेकिन आँकड़ों के अनुसार मार्च से जून 2026 के बीच घरेलू सिलेंडर में भी ₹89 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हो चुकी थी।
इसी प्रकार, पेट्रोल और डीजल की कीमतें, जिनमें मई 2026 में संशोधन हुआ था, अभी भी अपरिवर्तित हैं।
ATF में बढ़ोतरी और एयरलाइंस पर असर
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में ₹16 प्रति लीटर की वृद्धि के बाद घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF का भाव ₹121 से बढ़कर ₹137 प्रति लीटर हो गया है। यह लगातार तीसरी मासिक वृद्धि है — सितंबर 2026 में ₹6.28 प्रति लीटर (5.46%) और अगस्त 2026 में ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी थी।
यह ऐसे समय में आया है जब ATF किसी एयरलाइन की कुल परिचालन लागत का 40 प्रतिशत तक हिस्सा होता है। इसका सीधा असर हवाई किराए पर पड़ सकता है, क्योंकि एयरलाइंस बढ़ी हुई ईंधन लागत का बोझ यात्रियों पर डाल सकती हैं।
मूल्य संशोधन की प्रक्रिया
OMC हर महीने की पहली तारीख को ATF और एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ताज़ा संशोधन अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों और रुपये-डॉलर विनिमय दर के आधार पर किए गए हैं। स्थानीय करों, जैसे वैट (VAT) के कारण अलग-अलग राज्यों में अंतिम कीमतें भिन्न हो सकती हैं।
आम उपभोक्ता और व्यापार पर असर
कमर्शियल एलपीजी का सबसे अधिक उपयोग होटल, रेस्तराँ, ढाबे और छोटे उद्योग करते हैं। कीमत में बढ़ोतरी से इन क्षेत्रों में परिचालन लागत बढ़ेगी, जिसका असर अंततः खाने-पीने की चीज़ों के दाम पर पड़ सकता है। आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों की दिशा और रुपये की स्थिति इन कीमतों के भविष्य का निर्धारण करेगी।