कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 1 नवंबर से ₹10 महंगा, एटीएफ भी ₹1.37 प्रति लीटर बढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
1 नवंबर 2026 से तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹10 की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे इसका नया मूल्य ₹2,820 प्रति सिलेंडर हो गया है — पहले यह ₹2,810 था। इसी के साथ एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की दर भी ₹1.37 प्रति लीटर बढ़ाकर ₹138.50 प्रति लीटर कर दी गई है।
लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला
यह लगातार दूसरा महीना है जब कमर्शियल एलपीजी के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 1 अक्टूबर को ₹62.50 प्रति सिलेंडर और सितंबर में ₹9.50 प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई थी। गौरतलब है कि फरवरी से जून के बीच कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कुल ₹1,373 की बढ़ोतरी दर्ज हुई थी, जिससे कीमत ₹1,740.50 से बढ़कर रिकॉर्ड ₹3,113.50 प्रति सिलेंडर तक पहुँच गई थी। हालाँकि जुलाई में ₹183.50 और अगस्त में ₹192 की बड़ी कटौती के बाद कीमतें कुछ नीचे आई थीं, लेकिन उसके बाद से बढ़ोतरी का क्रम फिर शुरू हो गया है।
एफटीएल सिलेंडर की नई दरें
संशोधित दरों के तहत 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर के नए कनेक्शन की कीमत ₹1,903 निर्धारित की गई है, जबकि इसके रिफिल की कीमत ₹782 रहेगी। तेल कंपनियों के अनुसार, एलपीजी और एटीएफ की कीमतों का पुनरीक्षण हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों और रुपए-डॉलर विनिमय दर के आधार पर किया जाता है। राज्यों में वैट और अन्य स्थानीय करों के कारण वास्तविक कीमतों में कुछ अंतर हो सकता है।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह ₹942 प्रति सिलेंडर पर स्थिर बनी हुई है। इसी तरह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी — मई में हुई बढ़ोतरी के बाद से — कोई संशोधन नहीं हुआ है।
विमानन क्षेत्र पर असर
एटीएफ की यह लगातार चौथी मासिक बढ़ोतरी है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल और विमान ईंधन के मज़बूत दामों के कारण यह वृद्धि हुई है। चूँकि एयरलाइंस की कुल परिचालन लागत में एटीएफ की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत तक होती है, इसलिए इस बढ़ोतरी का सीधा असर विमानन कंपनियों की लागत संरचना पर पड़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब एयरलाइंस पहले से ही परिचालन खर्चों के दबाव में हैं।
आगे क्या
कीमतों का अगला पुनरीक्षण 1 दिसंबर 2026 को होने की संभावना है, जो उस समय के अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विनिमय दर पर निर्भर करेगा। होटल, रेस्तराँ और खाद्य उद्योग से जुड़े व्यापारी वर्ग पर कमर्शियल एलपीजी की बढ़ती कीमतों का बोझ आने वाले हफ्तों में खाद्य सेवाओं की लागत पर प्रतिबिंबित हो सकता है।